
Ganesh Visarjan 2025: आतंकी धमकी से मचा हड़कंप मुंबई पुलिस को शुक्रवार देर रात एक धमकी भरा कॉल मिला जिसमें दावा किया गया कि 14 आतंकी मुंबई में घुस चुके हैं और 34 वाहनों में 400 किलो आरडीएक्स लगाकर विस्फोट की साजिश रच रहे हैं। कॉलर ने खुद को लश्कर-ए-जिहादी नामक संगठन से जोड़ते हुए चेतावनी दी कि ये धमाके गणेश विसर्जन के दौरान शहर को हिला देंगे। इस सूचना के बाद मुंबई पुलिस, क्राइम ब्रांच और एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) तत्काल हरकत में आ गई। सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और किसी भी तरह की अनहोनी से

Ganesh Visarjan 2025: आतंकी धमकी से मचा हड़कंप मुंबई पुलिस को शुक्रवार देर रात एक धमकी भरा कॉल मिला जिसमें दावा किया गया कि 14 आतंकी मुंबई में घुस चुके हैं और 34 वाहनों में 400 किलो आरडीएक्स लगाकर विस्फोट की साजिश रच रहे हैं। कॉलर ने खुद को लश्कर-ए-जिहादी नामक संगठन से जोड़ते हुए चेतावनी दी कि ये धमाके गणेश विसर्जन के दौरान शहर को हिला देंगे। इस सूचना के बाद मुंबई पुलिस, क्राइम ब्रांच और एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) तत्काल हरकत में आ गई। सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और किसी भी तरह की अनहोनी से

नागपुर का भोसला पैलेस: गणेशोत्सव में आस्था, परंपरा और इतिहास का अद्भुत संगम नागपुर – Nagpur Bhonsla Palace Ganeshotsav News: भोसला पैलेस का वातावरण आज एक बार फिर इतिहास और आस्था के रंगों से सराबोर हो उठा। लगभग 297 वर्षों से अपरिवर्तित परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी भगवान गणेश का आगमन और विसर्जन हुआ। गणेशजी सिरपेजतुरा पगड़ी से सुसज्जित होकर पालकी में पधारे और पालकी में ही विदा हुए। यह दृश्य केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नागपुर की उस जीवंत विरासत का प्रतीक है जो पीढ़ियों से यहां के समाज और संस्कृति को जोड़ती आई है। परंपरा और

नागपुर का भोसला पैलेस: गणेशोत्सव में आस्था, परंपरा और इतिहास का अद्भुत संगम नागपुर – Nagpur Bhonsla Palace Ganeshotsav News: भोसला पैलेस का वातावरण आज एक बार फिर इतिहास और आस्था के रंगों से सराबोर हो उठा। लगभग 297 वर्षों से अपरिवर्तित परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी भगवान गणेश का आगमन और विसर्जन हुआ। गणेशजी सिरपेजतुरा पगड़ी से सुसज्जित होकर पालकी में पधारे और पालकी में ही विदा हुए। यह दृश्य केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नागपुर की उस जीवंत विरासत का प्रतीक है जो पीढ़ियों से यहां के समाज और संस्कृति को जोड़ती आई है। परंपरा और

JP Nadda News: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणेशोत्सव पंडाल में इस वर्ष भी आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। इसी क्रम में बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने बप्पा के दर्शन कर देशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। हर साल की तरह इस बार भी लालबागचा राजा में राजनीति, क्रिकेट और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिला। नड्डा के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इसके अलावा उद्योग मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक रविंद्र चौहान, अमित साटम सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी दर्शन

JP Nadda News: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणेशोत्सव पंडाल में इस वर्ष भी आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। इसी क्रम में बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने बप्पा के दर्शन कर देशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। हर साल की तरह इस बार भी लालबागचा राजा में राजनीति, क्रिकेट और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिला। नड्डा के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इसके अलावा उद्योग मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक रविंद्र चौहान, अमित साटम सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी दर्शन

महाराष्ट्र – पूरे महाराष्ट्र में इस समय गणेशोत्सव की रौनक देखने को मिल रही है। छोटे-बड़े शहरों से लेकर गाँवों तक गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है। जगह-जगह आकर्षक और भव्य पंडाल सजाए गए हैं, जिनकी सजावट लोगों को अपनी ओर खींच रही है। Ganeshotsav 2025: इस बार कई मंडलों ने अपने गणपति मंडपों को विशेष थीम पर सजाया है। कहीं ऐतिहासिक स्थलों की झलक दिखाई जा रही है तो कहीं आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अद्भुत दृश्य तैयार किए गए हैं। सजावट को लेकर अलग-अलग प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिसमें युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा

महाराष्ट्र – पूरे महाराष्ट्र में इस समय गणेशोत्सव की रौनक देखने को मिल रही है। छोटे-बड़े शहरों से लेकर गाँवों तक गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है। जगह-जगह आकर्षक और भव्य पंडाल सजाए गए हैं, जिनकी सजावट लोगों को अपनी ओर खींच रही है। Ganeshotsav 2025: इस बार कई मंडलों ने अपने गणपति मंडपों को विशेष थीम पर सजाया है। कहीं ऐतिहासिक स्थलों की झलक दिखाई जा रही है तो कहीं आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अद्भुत दृश्य तैयार किए गए हैं। सजावट को लेकर अलग-अलग प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिसमें युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा

मुंबई, महाराष्ट्र:महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की शुरुआत होते ही पूरे राज्य में भक्तिभाव और उत्साह का माहौल बन गया है। खासकर मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की गणेश मूर्ति को लेकर इस बार भी लोगों में जबरदस्त आस्था और उमंग देखी जा रही है। लालबाग के राजा का दरबार भक्तों के लिए किसी तीर्थस्थल से कम नहीं है। सुबह से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर घंटों इंतजार करते हैं। उनका मानना है कि लालबाग के राजा उनकी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मूर्तिकारों की बेजोड़ कला

मुंबई, महाराष्ट्र:महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की शुरुआत होते ही पूरे राज्य में भक्तिभाव और उत्साह का माहौल बन गया है। खासकर मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की गणेश मूर्ति को लेकर इस बार भी लोगों में जबरदस्त आस्था और उमंग देखी जा रही है। लालबाग के राजा का दरबार भक्तों के लिए किसी तीर्थस्थल से कम नहीं है। सुबह से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर घंटों इंतजार करते हैं। उनका मानना है कि लालबाग के राजा उनकी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मूर्तिकारों की बेजोड़ कला

मुंबई/पुणे/नागपुर | गणपति बप्पा मोरया: महाराष्ट्र में आज से गणेशोत्सव 2025 की धूमधाम शुरू हो गई है। सुबह से ही मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ढोल-ताशों की गूंज और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया है। घरों में श्रद्धालु अपने-अपने बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, वहीं सार्वजनिक मंडलों ने भव्य पंडाल और सजावट से पूरे शहर को सजा दिया है। कई मंडलों में विशेष थीम आधारित सजावट की गई है – कहीं सामाजिक संदेशों पर आधारित झाँकियाँ लगाई गई हैं तो कहीं सांस्कृतिक धरोहर को

मुंबई/पुणे/नागपुर | गणपति बप्पा मोरया: महाराष्ट्र में आज से गणेशोत्सव 2025 की धूमधाम शुरू हो गई है। सुबह से ही मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ढोल-ताशों की गूंज और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया है। घरों में श्रद्धालु अपने-अपने बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, वहीं सार्वजनिक मंडलों ने भव्य पंडाल और सजावट से पूरे शहर को सजा दिया है। कई मंडलों में विशेष थीम आधारित सजावट की गई है – कहीं सामाजिक संदेशों पर आधारित झाँकियाँ लगाई गई हैं तो कहीं सांस्कृतिक धरोहर को