
बेलूड़ मठ पहुंचे भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार Gyanesh Kumar Visit Belur Math Howrah: हावड़ा | पश्चिम बंगाल। भारत के राष्ट्रीय निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार मंगलवार सुबह बेलूड़ मठ दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह करीब 7 बजकर 50 मिनट पर वे बेलूड़ मठ परिसर में प्रवेश कर गए। उनकी यात्रा को देखते हुए हावड़ा सिटी पुलिस के बाली और बेलूड़ थाने की ओर से पूरे मठ परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। चुनाव आयुक्त के स्वागत के लिए हावड़ा के पुलिस आयुक्त आकाश माघरिया, जिलाधिकारी पी. दीपाप्रिया सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मठ परिसर में मौजूद रहे।

बेलूड़ मठ पहुंचे भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार Gyanesh Kumar Visit Belur Math Howrah: हावड़ा | पश्चिम बंगाल। भारत के राष्ट्रीय निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार मंगलवार सुबह बेलूड़ मठ दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह करीब 7 बजकर 50 मिनट पर वे बेलूड़ मठ परिसर में प्रवेश कर गए। उनकी यात्रा को देखते हुए हावड़ा सिटी पुलिस के बाली और बेलूड़ थाने की ओर से पूरे मठ परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। चुनाव आयुक्त के स्वागत के लिए हावड़ा के पुलिस आयुक्त आकाश माघरिया, जिलाधिकारी पी. दीपाप्रिया सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मठ परिसर में मौजूद रहे।

निर्वाचन आयोग का महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण कोलकाता, 17 नवंबर 2025: भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने बताया कि विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया में न तो निर्वाचन आयोग और न ही किसी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय द्वारा किसी भी मोबाइल नंबर पर एक-बारीय पासवर्ड (ओटीपी) माँगा जाता है। यह स्पष्टीकरण 12 भारतीय राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में चलाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया के संदर्भ में दिया गया है, जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। धोखाधड़ी की नई चाल का खुलासा मतदाताओं को निशाना बनाने वाली नई धोखाधड़ी

निर्वाचन आयोग का महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण कोलकाता, 17 नवंबर 2025: भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने बताया कि विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया में न तो निर्वाचन आयोग और न ही किसी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय द्वारा किसी भी मोबाइल नंबर पर एक-बारीय पासवर्ड (ओटीपी) माँगा जाता है। यह स्पष्टीकरण 12 भारतीय राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में चलाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया के संदर्भ में दिया गया है, जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। धोखाधड़ी की नई चाल का खुलासा मतदाताओं को निशाना बनाने वाली नई धोखाधड़ी

4 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने कहा कि यह चरण देश के 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न रहे।” किन राज्यों और

4 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने कहा कि यह चरण देश के 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न रहे।” किन राज्यों और

चुनाव आयोग की स्पष्टता: पश्चिम बंगाल में SIR पर कोई टकराव नहीं नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग्यानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर किसी प्रकार के टकराव या मतभेद की स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना संवैधानिक दायित्व पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभा रहा है, वहीं राज्य सरकार की भी यह जिम्मेदारी है कि वह प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करे। SIR प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का दूसरा चरण

चुनाव आयोग की स्पष्टता: पश्चिम बंगाल में SIR पर कोई टकराव नहीं नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग्यानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर किसी प्रकार के टकराव या मतभेद की स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना संवैधानिक दायित्व पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभा रहा है, वहीं राज्य सरकार की भी यह जिम्मेदारी है कि वह प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करे। SIR प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का दूसरा चरण