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Health Tips

Egg Benefits at Night: रात में अंडा खाने से होते हैं ये जबरदस्त फायदे, जानें सही तरीका

रात में अंडा खाना सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदेह? जानें विशेषज्ञ की राय

अंडा एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे सेहत का खजाना माना जाता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है जो हमारे शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में मदद करती है। अधिकतर लोग सुबह के नाश्ते में अंडे का सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन जब बात रात के खाने की आती है तो लोगों के मन में सवाल उठने लगता है कि क्या रात में अंडा खाना सही है या नहीं? कुछ लोग मानते हैं कि रात में अंडा खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि कुछ इसे पूरी तरह से सुरक्षित

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Gud and Til Benefits: सर्दियों में तिल और गुड़ खाने से दूर रहेंगी 7 बड़ी बीमारियां, जानें कैसे करता है शरीर को मजबूत | Winter Health Tips

Winter Health Tips: सर्दियों में तिल और गुड़ बने अमृत समान, जानिए सेहत से जुड़ी 7 बड़ी परेशानियों से कैसे बचाते हैं ये दोनों

सर्दियों में सेहत का साथी: तिल और गुड़ खाने से रहेंगी कई परेशानियां दूर Winter Health Tips: नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडी हवाओं और सुहावने माहौल के साथ कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी लेकर आता है। इस मौसम में शरीर को गर्म रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पाचन को दुरुस्त बनाए रखने की आवश्यकता होती है। ऐसे में तिल और गुड़ का संयोजन सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं।आयुर्वेद के अनुसार, तिल और गुड़ दोनों ही ‘गर्म तासीर’ वाले खाद्य पदार्थ हैं जो ठंड से बचाव के साथ शरीर को भीतर से ताकत देते हैं।

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10-minute walk benefits: रोज़ 10 मिनट की वॉक से बढ़ेगी उम्र और घटेगा हार्ट डिज़ीज़ का खतरा, रिसर्च में हुआ खुलासा

लंबी उम्र और बेहतर सेहत का राज़: रोज़ाना सिर्फ 10 मिनट की वॉक से बढ़ेगी उम्र, घटेगा दिल का खतरा

लंबी उम्र और मजबूत सेहत का सबसे आसान नुस्खा — रोज़ 10 मिनट की सैर हम सभी चाहते हैं लंबी और स्वस्थ ज़िंदगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लिए आपको घंटों जिम में पसीना बहाने की ज़रूरत नहीं? हालिया शोध कहता है कि रोज़ाना केवल 10 मिनट की वॉक भी आपके दिल, दिमाग और उम्र पर अद्भुत असर डाल सकती है। रिसर्च में क्या निकला नतीजा? ‘Annals of Internal Medicine’ में प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में 30,000 से अधिक लोगों के डाटा का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि जो लोग रोज़ 8,000 कदमों से कम चलते

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