
12.75 lakh tax free truth : 12.75 लाख टैक्स फ्री” का दावा पूरी तरह सच नहीं है-यह सिर्फ कुछ परिस्थितियों में मिलने वाले टैक्स लाभ का बढ़ा-चढ़ाकर किया गया प्रचार है, जबकि भारत में कोई नया टैक्स कानून लागू नहीं हुआ है।

12.75 lakh tax free truth : 12.75 लाख टैक्स फ्री” का दावा पूरी तरह सच नहीं है-यह सिर्फ कुछ परिस्थितियों में मिलने वाले टैक्स लाभ का बढ़ा-चढ़ाकर किया गया प्रचार है, जबकि भारत में कोई नया टैक्स कानून लागू नहीं हुआ है।

कम होती है टैक्स चोरी TDS Meaning in Simple Terms: टीडीएस का मतलब है स्रोत पर कर काटना। इसका तरीका ऐसा है कि जब आप कोई पैसा कमाते हैं, जैसे नौकरी की सैलरी, बैंक में जमा पैसे का ब्याज, घर का किराया या कमीशन, तो उस पैसे में से पहले ही कर काट लिया जाता है और सीधे सरकार के पास चला जाता है। आपको सिर्फ शुद्ध रकम मिलती है। इसका फायदा यह है कि साल के अंत में आपको एक साथ बड़ा टैक्स नहीं देना पड़ता और टैक्स चोरी भी कम होती है। साल के अंत में देना होता

कम होती है टैक्स चोरी TDS Meaning in Simple Terms: टीडीएस का मतलब है स्रोत पर कर काटना। इसका तरीका ऐसा है कि जब आप कोई पैसा कमाते हैं, जैसे नौकरी की सैलरी, बैंक में जमा पैसे का ब्याज, घर का किराया या कमीशन, तो उस पैसे में से पहले ही कर काट लिया जाता है और सीधे सरकार के पास चला जाता है। आपको सिर्फ शुद्ध रकम मिलती है। इसका फायदा यह है कि साल के अंत में आपको एक साथ बड़ा टैक्स नहीं देना पड़ता और टैक्स चोरी भी कम होती है। साल के अंत में देना होता

Physics Wallah Income Tax Notice: मशहूर एडटेक कंपनी Physics Wallah (PW) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह उसका बिजनेस ग्रोथ या संभावित आईपीओ नहीं, बल्कि इनकम टैक्स विभाग का नोटिस है। कंपनी को 263.34 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड का नोटिस मिला है, जिससे शिक्षा और स्टार्टअप जगत में हलचल मच गई है। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, यह पूरा मामला कंपनी को मिले निवेश से जुड़ा हुआ है। साल 2023-24 के असेसमेंट के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने निवेशकों से मिले फंड को ‘टैक्सेबल इनकम’ यानी कर योग्य आय मान लिया है। इसमें SEBI-रजिस्टर्ड

Physics Wallah Income Tax Notice: मशहूर एडटेक कंपनी Physics Wallah (PW) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह उसका बिजनेस ग्रोथ या संभावित आईपीओ नहीं, बल्कि इनकम टैक्स विभाग का नोटिस है। कंपनी को 263.34 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड का नोटिस मिला है, जिससे शिक्षा और स्टार्टअप जगत में हलचल मच गई है। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, यह पूरा मामला कंपनी को मिले निवेश से जुड़ा हुआ है। साल 2023-24 के असेसमेंट के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने निवेशकों से मिले फंड को ‘टैक्सेबल इनकम’ यानी कर योग्य आय मान लिया है। इसमें SEBI-रजिस्टर्ड

Income Tax Changes Explained in Easy terms: देश में टैक्स भरने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए ऐलान किया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025, पहली अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। यह नया कानून छह दशक पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना और आम नागरिकों को राहत देना है। वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्स भरने वालों को नए कानून को समझने

Income Tax Changes Explained in Easy terms: देश में टैक्स भरने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए ऐलान किया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025, पहली अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। यह नया कानून छह दशक पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना और आम नागरिकों को राहत देना है। वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्स भरने वालों को नए कानून को समझने

साल के अंत में आयकर विभाग की तरफ से भेजे गए ईमेल और एसएमएस ने करदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने अपने संदेशों में कई करदाताओं को उनके आयकर रिटर्न में दावा की गई कटौतियों और छूट में बेमेल होने की जानकारी दी है। इस कदम से न केवल रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक गई है बल्कि रिफंड भी अटक गए हैं। करदाताओं के दो प्रमुख वर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं। पहला वर्ग उन वेतनभोगी लोगों का है जिनके दावे फॉर्म 16 में नहीं दिख रहे हैं। दूसरा वर्ग उन संपन्न व्यक्तियों का है जिन्होंने धर्मार्थ संस्थाओं

साल के अंत में आयकर विभाग की तरफ से भेजे गए ईमेल और एसएमएस ने करदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने अपने संदेशों में कई करदाताओं को उनके आयकर रिटर्न में दावा की गई कटौतियों और छूट में बेमेल होने की जानकारी दी है। इस कदम से न केवल रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक गई है बल्कि रिफंड भी अटक गए हैं। करदाताओं के दो प्रमुख वर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं। पहला वर्ग उन वेतनभोगी लोगों का है जिनके दावे फॉर्म 16 में नहीं दिख रहे हैं। दूसरा वर्ग उन संपन्न व्यक्तियों का है जिन्होंने धर्मार्थ संस्थाओं

आयकर विभाग ने सभी पैन कार्ड धारकों को एक बार फिर से याद दिलाया है कि 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना बेहद जरूरी है। अगर आपने अभी तक अपना पैन और आधार लिंक नहीं किया है तो आपका पैन कार्ड सभी वित्तीय और कर से जुड़े कामों के लिए बंद हो जाएगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि समय सीमा के बाद लिंक करने वालों को 1000 रुपये की देरी फीस भी देनी होगी। देश में लाखों लोगों के पास पैन कार्ड है और उन सभी के लिए यह नियम लागू है।

आयकर विभाग ने सभी पैन कार्ड धारकों को एक बार फिर से याद दिलाया है कि 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना बेहद जरूरी है। अगर आपने अभी तक अपना पैन और आधार लिंक नहीं किया है तो आपका पैन कार्ड सभी वित्तीय और कर से जुड़े कामों के लिए बंद हो जाएगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि समय सीमा के बाद लिंक करने वालों को 1000 रुपये की देरी फीस भी देनी होगी। देश में लाखों लोगों के पास पैन कार्ड है और उन सभी के लिए यह नियम लागू है।

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

आयकर विभाग ने देशभर में फर्जी कर कटौती और छूट के दावों की सुविधा देने वाले एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क के जरिए करदाता गलत तरीके से अपनी कर देनदारी कम करके अवैध रिफंड हासिल कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 200 फीसदी तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। आयकर विभाग के बयान के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कुछ बिचौलियों ने पूरे देश में एजेंटों का नेटवर्क बनाया था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करते थे और इसमें

आयकर विभाग ने देशभर में फर्जी कर कटौती और छूट के दावों की सुविधा देने वाले एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क के जरिए करदाता गलत तरीके से अपनी कर देनदारी कम करके अवैध रिफंड हासिल कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 200 फीसदी तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। आयकर विभाग के बयान के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कुछ बिचौलियों ने पूरे देश में एजेंटों का नेटवर्क बनाया था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करते थे और इसमें

पैन-आधार लिंकिंग क्यों है जरूरी अगर आपके पास पैन कार्ड है और आपने अब तक उसे आधार कार्ड से जोड़ा नहीं है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। आयकर विभाग की ओर से लगातार चेतावनी दी जा रही है कि पैन-आधार लिंक करने की आखिरी तारीख करीब आ रही है। अगर तय समय के भीतर यह काम पूरा नहीं हुआ, तो आपको 1000 रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, आपका पैन कार्ड भी निष्क्रिय हो सकता है, जिससे आपके कई जरूरी वित्तीय काम रुक सकते हैं। पैन कार्ड आज के समय में सबसे

पैन-आधार लिंकिंग क्यों है जरूरी अगर आपके पास पैन कार्ड है और आपने अब तक उसे आधार कार्ड से जोड़ा नहीं है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। आयकर विभाग की ओर से लगातार चेतावनी दी जा रही है कि पैन-आधार लिंक करने की आखिरी तारीख करीब आ रही है। अगर तय समय के भीतर यह काम पूरा नहीं हुआ, तो आपको 1000 रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, आपका पैन कार्ड भी निष्क्रिय हो सकता है, जिससे आपके कई जरूरी वित्तीय काम रुक सकते हैं। पैन कार्ड आज के समय में सबसे

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2025 (PIB रिपोर्ट):करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राहत देते हुए Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने घोषणा की है कि Assessment Year 2025-26 के लिए Tax Audit Report (TAR) filing की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 कर दी गई है। यह निर्णय देशभर में करदाताओं और पेशेवर संगठनों की ओर से मिली Representations और High Courts में दायर याचिकाओं के बाद लिया गया। वेब स्टोरी: क्यों बढ़ाई गई Deadline? CBDT को कई Chartered Accountant Associations और Tax Practitioner Bodies ने अनुरोध भेजे थे, जिनमें कहा गया था कि: हाल ही में

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2025 (PIB रिपोर्ट):करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राहत देते हुए Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने घोषणा की है कि Assessment Year 2025-26 के लिए Tax Audit Report (TAR) filing की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 कर दी गई है। यह निर्णय देशभर में करदाताओं और पेशेवर संगठनों की ओर से मिली Representations और High Courts में दायर याचिकाओं के बाद लिया गया। वेब स्टोरी: क्यों बढ़ाई गई Deadline? CBDT को कई Chartered Accountant Associations और Tax Practitioner Bodies ने अनुरोध भेजे थे, जिनमें कहा गया था कि: हाल ही में

भारत में Tax Audit Deadline 2025 नजदीक आते ही Chartered Accountants (CAs), Trade Bodies और Auditors पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस साल 30 सितंबर तक Audit Reports जमा करना अनिवार्य है, लेकिन बढ़ते Compliance Burden, Portals पर Technical Glitches और Limited Working Days की वजह से कई Professionals समय पर Filing करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि देशभर से Finance Ministry तक Extension की मांग पहुंच रही है। वेब स्टोरी: Tax Audit Deadline 2025: समय सीमा का दबाव बढ़ाया गया हर साल की तरह इस बार भी Tax Audit Filing का सीजन

भारत में Tax Audit Deadline 2025 नजदीक आते ही Chartered Accountants (CAs), Trade Bodies और Auditors पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस साल 30 सितंबर तक Audit Reports जमा करना अनिवार्य है, लेकिन बढ़ते Compliance Burden, Portals पर Technical Glitches और Limited Working Days की वजह से कई Professionals समय पर Filing करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि देशभर से Finance Ministry तक Extension की मांग पहुंच रही है। वेब स्टोरी: Tax Audit Deadline 2025: समय सीमा का दबाव बढ़ाया गया हर साल की तरह इस बार भी Tax Audit Filing का सीजन

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2025 – ITR Filing Last Date Today, आज यानी 15 सितंबर 2025 वित्त वर्ष 2024-25 (Assessment Year 2025-26) के लिए Income Tax Return (ITR) filing last date है। Income Tax Department ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया कि ITR दाखिल करने की deadline को आगे नहीं बढ़ाया गया है। ITR Filing Last Date Today: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कुछ संदेशों में दावा किया जा रहा था कि अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, विभाग ने ऐसे संदेशों को “fake news” करार दिया

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2025 – ITR Filing Last Date Today, आज यानी 15 सितंबर 2025 वित्त वर्ष 2024-25 (Assessment Year 2025-26) के लिए Income Tax Return (ITR) filing last date है। Income Tax Department ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया कि ITR दाखिल करने की deadline को आगे नहीं बढ़ाया गया है। ITR Filing Last Date Today: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कुछ संदेशों में दावा किया जा रहा था कि अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, विभाग ने ऐसे संदेशों को “fake news” करार दिया