
देश के लगभग सभी हिस्सों में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान लगातार नीचे जा रहा है। ठंडी हवाओं, शीतलहर और घने कोहरे ने आम लोगों की दिनचर्या को काफी प्रभावित किया है। सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। कई राज्यों में शीतलहर के साथ-साथ कोल्ड डे

देश के लगभग सभी हिस्सों में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान लगातार नीचे जा रहा है। ठंडी हवाओं, शीतलहर और घने कोहरे ने आम लोगों की दिनचर्या को काफी प्रभावित किया है। सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। कई राज्यों में शीतलहर के साथ-साथ कोल्ड डे

चक्रवात का बढ़ता खतरा: तटीय इलाकों में अलर्ट भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी पर चक्रवात का एक नया खतरा तेजी से मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र अब सक्रिय हो चुका है, जो अगले कुछ दिनों में एक पूर्ण चक्रवात में तब्दील हो सकता है। इस संभावित चक्रवात की दिशा और लैंडफॉल स्थान अभी स्पष्ट नहीं है, किंतु आंध्र प्रदेश से लेकर म्यांमार तक के विस्तृत समुद्री किनारे पर इसे लेकर गंभीर सतर्कता जारी कर दी गई है। चक्रवाती सिस्टम कहां बना और कैसे

चक्रवात का बढ़ता खतरा: तटीय इलाकों में अलर्ट भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी पर चक्रवात का एक नया खतरा तेजी से मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र अब सक्रिय हो चुका है, जो अगले कुछ दिनों में एक पूर्ण चक्रवात में तब्दील हो सकता है। इस संभावित चक्रवात की दिशा और लैंडफॉल स्थान अभी स्पष्ट नहीं है, किंतु आंध्र प्रदेश से लेकर म्यांमार तक के विस्तृत समुद्री किनारे पर इसे लेकर गंभीर सतर्कता जारी कर दी गई है। चक्रवाती सिस्टम कहां बना और कैसे