भारत का खिलौना उद्योग पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2020 में खिलौनों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना शुरू की थी। इसके तहत आयात शुल्क बढ़ाए गए, गुणवत्ता के नियम सख्त किए गए और देश में ही उत्पादन को बढ़ावा दिया गया। लेकिन अब अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्क ने इस बढ़ती हुई उम्मीद पर पानी फेर दिया है। कारखाने खाली पड़े हैं, विस्तार की योजनाएं रुक गई हैं और लाखों डॉलर का माल गोदामों में फंसा हुआ है। बेंगलुरु के पास स्थित विजेंद्र बाबू की कंपनी माइक्रो प्लास्टिक्स प्राइवेट