
साइबर हमलों से बचाव के लिए जागरूक रहना जरूरी Nagpur cyber crime workshop: नागपुर, सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के नागपुर-अमरावती विभागीय कार्यालय में ‘साइबर अपराध’ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें साइबर विशेषज्ञ हिमांशु जोशी ने इंटरनेट और मोबाइल उपयोग के दौरान होने वाले साइबर अपराधों के प्रकार और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। श्री जोशी ने स्पष्ट कहा, “यदि कोई व्यक्ति साइबर अटैक का शिकार हो भी जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है – उससे सुरक्षित बाहर निकला जा सकता है।” उन्होंने दैनिक जीवन के उदाहरणों से डेटा हैकिंग के तरीके और उसके

साइबर हमलों से बचाव के लिए जागरूक रहना जरूरी Nagpur cyber crime workshop: नागपुर, सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के नागपुर-अमरावती विभागीय कार्यालय में ‘साइबर अपराध’ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें साइबर विशेषज्ञ हिमांशु जोशी ने इंटरनेट और मोबाइल उपयोग के दौरान होने वाले साइबर अपराधों के प्रकार और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। श्री जोशी ने स्पष्ट कहा, “यदि कोई व्यक्ति साइबर अटैक का शिकार हो भी जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है – उससे सुरक्षित बाहर निकला जा सकता है।” उन्होंने दैनिक जीवन के उदाहरणों से डेटा हैकिंग के तरीके और उसके

एआई प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए नई दिशा चेन्नई में मंगलवार को जयकुमार के.आर. और प्रोफेसर एलेन अब्रान ने अपनी नई किताब ‘Managing Innovative AI Projects: The Imperative for AI-Specific Project Management’ लॉन्च की। यह किताब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उद्योग की उस गंभीर समस्या को संबोधित करती है, जहाँ लगभग 85% एआई प्रोजेक्ट असफल माने जाते हैं — वजह तकनीकी खामियाँ नहीं, बल्कि पारंपरिक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पद्धतियों का अनुचित प्रयोग है। किताब का उद्देश्य और खासियतें यह किताब पहली बार एक ऐसा संपूर्ण फ्रेमवर्क प्रस्तुत करती है, जो एआई प्रोजेक्ट्स की जटिलताओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

एआई प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए नई दिशा चेन्नई में मंगलवार को जयकुमार के.आर. और प्रोफेसर एलेन अब्रान ने अपनी नई किताब ‘Managing Innovative AI Projects: The Imperative for AI-Specific Project Management’ लॉन्च की। यह किताब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उद्योग की उस गंभीर समस्या को संबोधित करती है, जहाँ लगभग 85% एआई प्रोजेक्ट असफल माने जाते हैं — वजह तकनीकी खामियाँ नहीं, बल्कि पारंपरिक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पद्धतियों का अनुचित प्रयोग है। किताब का उद्देश्य और खासियतें यह किताब पहली बार एक ऐसा संपूर्ण फ्रेमवर्क प्रस्तुत करती है, जो एआई प्रोजेक्ट्स की जटिलताओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

अमेज़न (Amazon) में एक बार फिर छंटनी की बड़ी लहर आने वाली है।इस बार कंपनी के मानव संसाधन (HR) विभाग पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।कंपनी अपने एचआर कर्मचारियों की संख्या में करीब 15 प्रतिशत तक कटौती करने की योजना बना रही है। यह वही विभाग है जो भर्ती और वेतन नीति से जुड़ा हुआ है — लेकिन इस बार, निर्णय लेने वाले खुद कटौती की चपेट में आने वाले हैं। किस विभाग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा? अमेज़न का People eXperience and Technology (PXT) विभाग, जिसमें दुनिया भर में लगभग 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं,

अमेज़न (Amazon) में एक बार फिर छंटनी की बड़ी लहर आने वाली है।इस बार कंपनी के मानव संसाधन (HR) विभाग पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।कंपनी अपने एचआर कर्मचारियों की संख्या में करीब 15 प्रतिशत तक कटौती करने की योजना बना रही है। यह वही विभाग है जो भर्ती और वेतन नीति से जुड़ा हुआ है — लेकिन इस बार, निर्णय लेने वाले खुद कटौती की चपेट में आने वाले हैं। किस विभाग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा? अमेज़न का People eXperience and Technology (PXT) विभाग, जिसमें दुनिया भर में लगभग 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं,

विशाखापत्तनम। भारत के डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक दिन है। गूगल ने घोषणा की है कि वह अगले पांच वर्षों में विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में $15 बिलियन का निवेश करेगा। इस निवेश का लक्ष्य गीगावाट स्तर का एआई डेटा सेंटर हब बनाना है। यह हब गूगल का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर होगा और भारत को वैश्विक एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। निवेश और साझेदारी गूगल इस परियोजना में आदानी समूह और राज्य सरकार के साथ साझेदारी कर रहा है। यह डेटा सेंटर हब टेंसर प्रोसेसिंग

विशाखापत्तनम। भारत के डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक दिन है। गूगल ने घोषणा की है कि वह अगले पांच वर्षों में विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में $15 बिलियन का निवेश करेगा। इस निवेश का लक्ष्य गीगावाट स्तर का एआई डेटा सेंटर हब बनाना है। यह हब गूगल का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर होगा और भारत को वैश्विक एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। निवेश और साझेदारी गूगल इस परियोजना में आदानी समूह और राज्य सरकार के साथ साझेदारी कर रहा है। यह डेटा सेंटर हब टेंसर प्रोसेसिंग

नई दिल्ली।Perplexity का AI ब्राउज़र Comet अब Mac और Windows उपयोगकर्ताओं के लिए बिना किसी प्रतीक्षा सूची के मुफ़्त उपलब्ध हो गया है। पहले यह सुविधा केवल Perplexity Max सब्सक्राइबर्स के लिए थी। Comet, पारंपरिक ब्राउज़रों जैसे Chrome और Firefox से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसमें टैब्ड इंटरफ़ेस की बजाय एक AI-पावर्ड वर्कस्पेस है, जो उपयोगकर्ताओं को वेबपेज पर सीधे सवाल पूछने, जानकारी सारांशित करने और पेज नेविगेशन करने की सुविधा देता है। Comet का मुख्य आकर्षण है Comet Assistant, जो Microsoft Edge के Copilot की तरह काम करता है। इस AI असिस्टेंट की मदद से उपयोगकर्ता किसी भी वेबपेज

नई दिल्ली।Perplexity का AI ब्राउज़र Comet अब Mac और Windows उपयोगकर्ताओं के लिए बिना किसी प्रतीक्षा सूची के मुफ़्त उपलब्ध हो गया है। पहले यह सुविधा केवल Perplexity Max सब्सक्राइबर्स के लिए थी। Comet, पारंपरिक ब्राउज़रों जैसे Chrome और Firefox से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसमें टैब्ड इंटरफ़ेस की बजाय एक AI-पावर्ड वर्कस्पेस है, जो उपयोगकर्ताओं को वेबपेज पर सीधे सवाल पूछने, जानकारी सारांशित करने और पेज नेविगेशन करने की सुविधा देता है। Comet का मुख्य आकर्षण है Comet Assistant, जो Microsoft Edge के Copilot की तरह काम करता है। इस AI असिस्टेंट की मदद से उपयोगकर्ता किसी भी वेबपेज

मुंबई, 26 सितंबर 2025: वैश्विक आईटी दिग्गज Accenture ने अपने FY26 वित्तीय वर्ष के लिए निराशाजनक संकेत दिए हैं। कंपनी ने earnings call के दौरान बताया कि आने वाले वर्ष में workforce reduction और कुछ acquisitions से बाहर निकलने का निर्णय लिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब IT demand में गिरावट देखी जा रही है और वैश्विक स्तर पर कंपनियां कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं। वेब स्टोरी: CEO Julie Sweet ने कहा, “हम उन कर्मचारियों को निकाल रहे हैं, जिनके लिए re-skilling हमारे अनुभव के अनुसार संभव नहीं है

मुंबई, 26 सितंबर 2025: वैश्विक आईटी दिग्गज Accenture ने अपने FY26 वित्तीय वर्ष के लिए निराशाजनक संकेत दिए हैं। कंपनी ने earnings call के दौरान बताया कि आने वाले वर्ष में workforce reduction और कुछ acquisitions से बाहर निकलने का निर्णय लिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब IT demand में गिरावट देखी जा रही है और वैश्विक स्तर पर कंपनियां कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं। वेब स्टोरी: CEO Julie Sweet ने कहा, “हम उन कर्मचारियों को निकाल रहे हैं, जिनके लिए re-skilling हमारे अनुभव के अनुसार संभव नहीं है

Perplexity Comet AI Browser: Perplexity AI ने भारत में अपना Comet AI Browser लॉन्च कर दिया है, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट आबादी वाले देश में अपनी पकड़ बनाने की दिशा में पहला कदम है। यह ब्राउज़र फिलहाल केवल Perplexity Pro users के लिए उपलब्ध है और Windows तथा macOS प्लेटफॉर्म पर तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है। Android उपयोगकर्ताओं के लिए प्री-ऑर्डर विकल्प उपलब्ध है, जबकि iOS सपोर्ट बाद में आएगा। वेब स्टोरी: Comet AI Browser क्या है? | Perplexity Comet AI Browser News Comet AI Browser पारंपरिक Chromium-based ब्राउज़िंग अनुभव को एक हमेशा ऑन रहने वाले

Perplexity Comet AI Browser: Perplexity AI ने भारत में अपना Comet AI Browser लॉन्च कर दिया है, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट आबादी वाले देश में अपनी पकड़ बनाने की दिशा में पहला कदम है। यह ब्राउज़र फिलहाल केवल Perplexity Pro users के लिए उपलब्ध है और Windows तथा macOS प्लेटफॉर्म पर तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है। Android उपयोगकर्ताओं के लिए प्री-ऑर्डर विकल्प उपलब्ध है, जबकि iOS सपोर्ट बाद में आएगा। वेब स्टोरी: Comet AI Browser क्या है? | Perplexity Comet AI Browser News Comet AI Browser पारंपरिक Chromium-based ब्राउज़िंग अनुभव को एक हमेशा ऑन रहने वाले

नई दिल्ली, Trump’s H-1B Visa News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए H-1B Visa Fees को $1,000 से बढ़ाकर $100,000 कर दिया है। यह बदलाव 9,900% की वृद्धि दर्शाता है और इसका सीधा असर भारत की शीर्ष IT कंपनियों पर पड़ने वाला है। अनुमान है कि इस नए शुल्क से भारत की पाँच बड़ी IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Cognizant और LTIMindtree – के FY25 में हुए कुल profits का लगभग 10% हिस्सा केवल visa fees में खर्च हो जाएगा। वेब स्टोरी: Trump’s H-1B Visa: Indian IT Industry पर सीधा असर अमेरिका

नई दिल्ली, Trump’s H-1B Visa News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए H-1B Visa Fees को $1,000 से बढ़ाकर $100,000 कर दिया है। यह बदलाव 9,900% की वृद्धि दर्शाता है और इसका सीधा असर भारत की शीर्ष IT कंपनियों पर पड़ने वाला है। अनुमान है कि इस नए शुल्क से भारत की पाँच बड़ी IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Cognizant और LTIMindtree – के FY25 में हुए कुल profits का लगभग 10% हिस्सा केवल visa fees में खर्च हो जाएगा। वेब स्टोरी: Trump’s H-1B Visa: Indian IT Industry पर सीधा असर अमेरिका