
दुनिया पहले ही आर्थिक रूप से अस्थिर दौर से गुजर रही है, लेकिन हाल ही में सिट्रिनी रिसर्च की एक ताज़ा रिपोर्ट ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई का विस्तार इसी रफ्तार से जारी रहा, तो आने वाले कुछ सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के जैसी परिस्थितियों का सामना कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई अब केवल तकनीकी बदलाव नहीं रहा, बल्कि यह पूरी आर्थिक संरचना और रोजगार की दुनिया को बदलने की ताकत रखता है।

दुनिया पहले ही आर्थिक रूप से अस्थिर दौर से गुजर रही है, लेकिन हाल ही में सिट्रिनी रिसर्च की एक ताज़ा रिपोर्ट ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई का विस्तार इसी रफ्तार से जारी रहा, तो आने वाले कुछ सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के जैसी परिस्थितियों का सामना कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई अब केवल तकनीकी बदलाव नहीं रहा, बल्कि यह पूरी आर्थिक संरचना और रोजगार की दुनिया को बदलने की ताकत रखता है।

देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने अपने शेयरधारकों को खुशखबरी दी है। कंपनी ने अपने साल भर के राजस्व बढ़ोतरी के अनुमान को बढ़ा दिया है। इस घोषणा के बाद अमेरिकी बाजार में कारोबार से पहले इन्फोसिस के शेयरों में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। कंपनी ने अब वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व बढ़ोतरी का अनुमान 3 से 3.5 फीसदी के बीच रखा है जबकि पहले यह अनुमान 2 से 3 फीसदी था। अमेरिकी बाजार में शेयरों का प्रदर्शन इन्फोसिस के अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीद्स यानी एडीआर में अच्छी तेजी देखने को मिली।

देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने अपने शेयरधारकों को खुशखबरी दी है। कंपनी ने अपने साल भर के राजस्व बढ़ोतरी के अनुमान को बढ़ा दिया है। इस घोषणा के बाद अमेरिकी बाजार में कारोबार से पहले इन्फोसिस के शेयरों में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। कंपनी ने अब वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व बढ़ोतरी का अनुमान 3 से 3.5 फीसदी के बीच रखा है जबकि पहले यह अनुमान 2 से 3 फीसदी था। अमेरिकी बाजार में शेयरों का प्रदर्शन इन्फोसिस के अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीद्स यानी एडीआर में अच्छी तेजी देखने को मिली।

Infosys Ltd का शेयर बाजार में मजबूत प्रदर्शन Infosys Ltd, सॉफ़्टवेयर और कंसल्टिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी, ने आज ट्रेडिंग में उल्लेखनीय गतिविधि दिखाई। कुल 5,050,089 शेयरों का लेन-देन हुआ, जिसका कुल ट्रेडिंग मूल्य लगभग 76,594.70 लाख रुपये रहा। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन वर्तमान में ₹6,11,528.00 करोड़ है। आज शेयर की शुरुआत ₹1,510.0 से हुई, जो पिछले बंद मूल्य ₹1,472.4 से 2.55% अधिक था। दिन के दौरान शेयर ने उच्चतम ₹1,527.0 तक पहुँचकर 3.54% की इंट्राडे बढ़ोतरी दर्ज की। दिन के अंत में अंतिम कारोबार मूल्य ₹1,524.8 रहा, जिससे दिन भर का लाभ 3.70% रहा। सेक्टर और सेंसेक्स की तुलना

Infosys Ltd का शेयर बाजार में मजबूत प्रदर्शन Infosys Ltd, सॉफ़्टवेयर और कंसल्टिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी, ने आज ट्रेडिंग में उल्लेखनीय गतिविधि दिखाई। कुल 5,050,089 शेयरों का लेन-देन हुआ, जिसका कुल ट्रेडिंग मूल्य लगभग 76,594.70 लाख रुपये रहा। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन वर्तमान में ₹6,11,528.00 करोड़ है। आज शेयर की शुरुआत ₹1,510.0 से हुई, जो पिछले बंद मूल्य ₹1,472.4 से 2.55% अधिक था। दिन के दौरान शेयर ने उच्चतम ₹1,527.0 तक पहुँचकर 3.54% की इंट्राडे बढ़ोतरी दर्ज की। दिन के अंत में अंतिम कारोबार मूल्य ₹1,524.8 रहा, जिससे दिन भर का लाभ 3.70% रहा। सेक्टर और सेंसेक्स की तुलना

नई दिल्ली। Infosys Limited ने इस धनतेरस सप्ताह निवेशकों को खुश करने के लिए ₹23 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने इसके साथ ही अपने सितंबर तिमाही के परिणाम भी साझा किए, जिसमें कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 13% की वृद्धि दर्ज की गई। डिविडेंड की घोषणा और रिकॉर्ड डेट Infosys के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जिससे यह निर्धारित होगा कि कौन से शेयरधारक डिविडेंड पाने के पात्र हैं। भुगतान की तारीख 7 नवंबर 2025 तय की गई है।कंपनी के स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया कि बोर्ड ने 15–16

नई दिल्ली। Infosys Limited ने इस धनतेरस सप्ताह निवेशकों को खुश करने के लिए ₹23 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने इसके साथ ही अपने सितंबर तिमाही के परिणाम भी साझा किए, जिसमें कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 13% की वृद्धि दर्ज की गई। डिविडेंड की घोषणा और रिकॉर्ड डेट Infosys के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जिससे यह निर्धारित होगा कि कौन से शेयरधारक डिविडेंड पाने के पात्र हैं। भुगतान की तारीख 7 नवंबर 2025 तय की गई है।कंपनी के स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया कि बोर्ड ने 15–16

बैंगलुरु। कर्नाटक में जारी जाति और शैक्षिक सर्वेक्षण के दौरान सुधा मूर्ति ने अपने परिवार की जाति बताने से इंकार कर दिया। यह सर्वेक्षण राज्य द्वारा गैर-आवश्यक (non-mandatory) रूप में किया जा रहा है। कर्नाटक सरकार ने मूर्ति के इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठाया कि क्या वे इसी तरह केंद्रीय स्तर पर किए जाने वाले जाति सर्वे में भी अपनी जानकारी साझा करेंगी। कर्नाटक के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा कि सुधा मूर्ति का यह निर्णय पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने कहा, “सरकार किसी को भी इसमें

बैंगलुरु। कर्नाटक में जारी जाति और शैक्षिक सर्वेक्षण के दौरान सुधा मूर्ति ने अपने परिवार की जाति बताने से इंकार कर दिया। यह सर्वेक्षण राज्य द्वारा गैर-आवश्यक (non-mandatory) रूप में किया जा रहा है। कर्नाटक सरकार ने मूर्ति के इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठाया कि क्या वे इसी तरह केंद्रीय स्तर पर किए जाने वाले जाति सर्वे में भी अपनी जानकारी साझा करेंगी। कर्नाटक के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा कि सुधा मूर्ति का यह निर्णय पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने कहा, “सरकार किसी को भी इसमें