Durga Puja 2025: झारखंड के पहाड़ी क्षेत्र, नदी-तालाब के तट, खेतों की मेड़ों से लेकर बांध पोखर, पगडंडियों पर कास (काशी) के फूल लहलहा रहे हैं। सड़क किनारे लहराते कास के फूल राहगीरों को अपनी ओर आकर्शित कर रहे हैं। चारागाह हो, खेतों के मेड़ हों, गांवों की पगडंडियां हों या जलाशयों का किनारा। मानो सबने कास के घास और फूलों का तोरण-द्वार तैयार कर रखा है। हरियाली की चादर में टांके गये कास के सफेद फूलों का गोटा प्रकृति की अपने अनुपम शृंगार की सुंदर झलक है। उत्सव के 2 रंग श्वेताभ और हरीतिमा ऐसा लग रहा है मानो