
Kashmir Terrorism: कश्मीर में अंसार गजवात-उल-हिंद की फिर वापसी की आशंका कश्मीर घाटी में एक बार फिर आतंक की परछाइयां गहराती दिख रही हैं। जाकिर मूसा की मौत के बाद खत्म माने गए आतंकी संगठन अंसार गजवात-उल-हिंद (एजीएच) के पुनरुत्थान के संकेत मिलने लगे हैं। हाल में गिरफ्तार किए गए डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी ने सुरक्षाबलों को सतर्क कर दिया है। दोनों ही उच्च शिक्षित होने के बावजूद इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित होकर आतंक के रास्ते पर चले गए। सफेदपोश आतंक का नया चेहरा एनसीआर और उत्तर प्रदेश में हुई गिरफ्तारियों से यह बात सामने आई है

Kashmir Terrorism: कश्मीर में अंसार गजवात-उल-हिंद की फिर वापसी की आशंका कश्मीर घाटी में एक बार फिर आतंक की परछाइयां गहराती दिख रही हैं। जाकिर मूसा की मौत के बाद खत्म माने गए आतंकी संगठन अंसार गजवात-उल-हिंद (एजीएच) के पुनरुत्थान के संकेत मिलने लगे हैं। हाल में गिरफ्तार किए गए डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी ने सुरक्षाबलों को सतर्क कर दिया है। दोनों ही उच्च शिक्षित होने के बावजूद इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित होकर आतंक के रास्ते पर चले गए। सफेदपोश आतंक का नया चेहरा एनसीआर और उत्तर प्रदेश में हुई गिरफ्तारियों से यह बात सामने आई है

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने पूरे होने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फिर से सक्रिय होने की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने अमेरिका के साथ अपने बेहतर संबंधों का लाभ उठाकर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को पुनः सक्रिय करने का प्रयास शुरू कर दिया है। आतंकवाद पर आईएसआई का पुनरुत्थान प्रयास आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस कार्रवाई से इन संगठनों को गंभीर क्षति हुई थी और उनके कई प्रमुख नेता सुरक्षित स्थानों में

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने पूरे होने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फिर से सक्रिय होने की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने अमेरिका के साथ अपने बेहतर संबंधों का लाभ उठाकर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को पुनः सक्रिय करने का प्रयास शुरू कर दिया है। आतंकवाद पर आईएसआई का पुनरुत्थान प्रयास आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस कार्रवाई से इन संगठनों को गंभीर क्षति हुई थी और उनके कई प्रमुख नेता सुरक्षित स्थानों में