
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम को लेकर एक अहम बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह उन लोगों में शामिल नहीं हैं जो मानते हैं कि ईवीएम में हेराफेरी होती है। यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि विपक्षी पार्टियां लगातार ईवीएम पर सवाल उठाती रही हैं। उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर अपने पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला से अपनी असहमति भी जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी अपने पिता से नहीं बनती क्योंकि फारुख अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम को लेकर एक अहम बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह उन लोगों में शामिल नहीं हैं जो मानते हैं कि ईवीएम में हेराफेरी होती है। यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि विपक्षी पार्टियां लगातार ईवीएम पर सवाल उठाती रही हैं। उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर अपने पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला से अपनी असहमति भी जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी अपने पिता से नहीं बनती क्योंकि फारुख अब्दुल्ला

कश्मीर घाटी में आतंकी नेटवर्क पर करारी चोट जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) इकाई ने घाटी में एक विस्तृत कार्रवाई के दौरान एक ऐसे आतंकी गठजोड़ का पर्दाफाश किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और अधिक बढ़ा दी है। इस कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने प्रतिबंधित महिला संगठन ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ के बची-खुची संरचनाओं को फिर से सक्रिय करने का प्रयास किया है। यह खुलासा न केवल महिलाओं की कट्टरपंथी भर्ती के बढ़ते स्वरूप को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि घाटी में आतंकवादियों के संचालन तंत्र किस तरह

कश्मीर घाटी में आतंकी नेटवर्क पर करारी चोट जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) इकाई ने घाटी में एक विस्तृत कार्रवाई के दौरान एक ऐसे आतंकी गठजोड़ का पर्दाफाश किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और अधिक बढ़ा दी है। इस कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने प्रतिबंधित महिला संगठन ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ के बची-खुची संरचनाओं को फिर से सक्रिय करने का प्रयास किया है। यह खुलासा न केवल महिलाओं की कट्टरपंथी भर्ती के बढ़ते स्वरूप को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि घाटी में आतंकवादियों के संचालन तंत्र किस तरह

आईएसआई की नई रणनीति और कश्मीर में बदलता आतंकी ढांचा कश्मीर में आतंकवाद का बदलता स्वरूप कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आतंकवाद की प्रकृति में एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। आईएसआई और पाकिस्तान प्रायोजित संगठनों ने जिस प्रकार अपने मंसूबों को साधने की कोशिश की, वह अब गहरे संकट में दिखाई देती है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि हाल के वर्षों में उनके द्वारा भर्ती किए गए अधिकांश आतंकी विचारधारा से अधिक वित्तीय लाभ के प्रति आकर्षित थे। धारा 370 हटने के बाद यह समस्या और गहराती चली गई, जिससे आतंकवादी ढांचे की रीढ़

आईएसआई की नई रणनीति और कश्मीर में बदलता आतंकी ढांचा कश्मीर में आतंकवाद का बदलता स्वरूप कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आतंकवाद की प्रकृति में एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। आईएसआई और पाकिस्तान प्रायोजित संगठनों ने जिस प्रकार अपने मंसूबों को साधने की कोशिश की, वह अब गहरे संकट में दिखाई देती है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि हाल के वर्षों में उनके द्वारा भर्ती किए गए अधिकांश आतंकी विचारधारा से अधिक वित्तीय लाभ के प्रति आकर्षित थे। धारा 370 हटने के बाद यह समस्या और गहराती चली गई, जिससे आतंकवादी ढांचे की रीढ़

कश्मीरी विद्यार्थियों की कथित प्रताड़ना और प्रोफाइलिंग पर संगठन का हस्तक्षेप हेतु आग्रह दिल्ली में हाल ही में हुए रेड फोर्ट विस्फोट के बाद उत्तरी भारत के अनेक राज्यों में कश्मीरी विद्यार्थियों को जिन परिस्थितियों और आशंकाओं का सामना करना पड़ रहा है, उसने जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन को गंभीर चिंता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि विस्फोट की घटना के उपरांत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में अनेक कश्मीरी विद्यार्थियों को कथित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने इसे समुदाय के विरुद्ध अवांछनीय दृष्टिकोण और अनावश्यक संदेह

कश्मीरी विद्यार्थियों की कथित प्रताड़ना और प्रोफाइलिंग पर संगठन का हस्तक्षेप हेतु आग्रह दिल्ली में हाल ही में हुए रेड फोर्ट विस्फोट के बाद उत्तरी भारत के अनेक राज्यों में कश्मीरी विद्यार्थियों को जिन परिस्थितियों और आशंकाओं का सामना करना पड़ रहा है, उसने जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन को गंभीर चिंता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि विस्फोट की घटना के उपरांत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में अनेक कश्मीरी विद्यार्थियों को कथित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने इसे समुदाय के विरुद्ध अवांछनीय दृष्टिकोण और अनावश्यक संदेह