
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सारगर्भित राजनीति में जमालपुर (विधानसभा संख्या 166) सीट इस बार गर्म कटार युद्धक्षेत्र बनकर उभरी है। जदयू के पुराने शक्तिशाली नेता और पूर्व ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार का इस बार टिकट कट जाना, और नचिकेता मंडल को उम्मीदवार बनाना, इस क्षेत्र में मतदाताओं के रुझान व दल-दबाव को झकझोरने जैसा कदम है। उसी को लेकर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह खुलकर मैदान में उतरे और नचिकेता मंडल के समर्थन में पहुँचे। इस घटना ने राजनीतिक तापमान और भी बढ़ा दिया है। जमालपुर की पृष्ठभूमि और शैलेश कुमार का वर्चस्व जमालपुर विधानसभा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सारगर्भित राजनीति में जमालपुर (विधानसभा संख्या 166) सीट इस बार गर्म कटार युद्धक्षेत्र बनकर उभरी है। जदयू के पुराने शक्तिशाली नेता और पूर्व ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार का इस बार टिकट कट जाना, और नचिकेता मंडल को उम्मीदवार बनाना, इस क्षेत्र में मतदाताओं के रुझान व दल-दबाव को झकझोरने जैसा कदम है। उसी को लेकर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह खुलकर मैदान में उतरे और नचिकेता मंडल के समर्थन में पहुँचे। इस घटना ने राजनीतिक तापमान और भी बढ़ा दिया है। जमालपुर की पृष्ठभूमि और शैलेश कुमार का वर्चस्व जमालपुर विधानसभा

JDU में गुटबाजी और इस्तीफे का नया अध्याय पटना डेस्क। बिहार की राजनीति में जदयू के भीतर गुटबाजी का एक नया विवाद सामने आया है। करगर विधानसभा का एक सीनियर गरीबी कार्यकर्ता, जो पार्टी की नींव से जुड़ा रहा है, ने अचानक पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि जदयू के कुछ वरिष्ठ नेता, विशेषकर नीतीश कुमार के करीबी मंत्री ललन सिंह और उनके सहयोगी संजय झा, पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। कार्यकर्ता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कदम अपनी पूरी हताशा और नाराजगी के कारण उठाया है। उनका मानना है

JDU में गुटबाजी और इस्तीफे का नया अध्याय पटना डेस्क। बिहार की राजनीति में जदयू के भीतर गुटबाजी का एक नया विवाद सामने आया है। करगर विधानसभा का एक सीनियर गरीबी कार्यकर्ता, जो पार्टी की नींव से जुड़ा रहा है, ने अचानक पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि जदयू के कुछ वरिष्ठ नेता, विशेषकर नीतीश कुमार के करीबी मंत्री ललन सिंह और उनके सहयोगी संजय झा, पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। कार्यकर्ता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कदम अपनी पूरी हताशा और नाराजगी के कारण उठाया है। उनका मानना है