
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीपों का पर्व दीवाली 2025 आज यानी 20 अक्टूबर को देशभर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन को कार्तिक अमावस्या कहा जाता है, जब समृद्धि और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी तथा विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने पर घर-परिवार में सुख, शांति और धन की वृद्धि होती है। दीवाली 2025 का शुभ मुहूर्त (Lakshmi-Ganesh Puja Muhurat) पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दीवाली पर लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त सीमित समय के लिए रहेगा। इसलिए

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीपों का पर्व दीवाली 2025 आज यानी 20 अक्टूबर को देशभर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन को कार्तिक अमावस्या कहा जाता है, जब समृद्धि और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी तथा विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने पर घर-परिवार में सुख, शांति और धन की वृद्धि होती है। दीवाली 2025 का शुभ मुहूर्त (Lakshmi-Ganesh Puja Muhurat) पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दीवाली पर लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त सीमित समय के लिए रहेगा। इसलिए

नई दिल्ली। देशभर में दीपों का त्योहार दीवाली 2025 धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह पर्व कार्तिक अमावस्या तिथि पर पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीवाली की रात या संध्या काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। विशेष रूप से पूजा के समय प्रदोष और निशिता काल को अत्यंत शुभ माना गया है। इस अवसर पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप करने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और साधक को सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।

नई दिल्ली। देशभर में दीपों का त्योहार दीवाली 2025 धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह पर्व कार्तिक अमावस्या तिथि पर पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीवाली की रात या संध्या काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। विशेष रूप से पूजा के समय प्रदोष और निशिता काल को अत्यंत शुभ माना गया है। इस अवसर पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप करने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और साधक को सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।

दिवाली 2025: रौशनी, उमंग और उत्साह का पावन पर्व देशभर में आज 20 अक्तूबर 2025 को दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। यह हिंदू पंचांग के कार्तिक मास की अमावस्या तिथि है। इस दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि, धन-सौभाग्य और निरंतर प्रगति के योग बनते हैं। लक्ष्मी पूजन का महत्व दिवाली के दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घरों में प्रवेश करती हैं और धन, सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी स्पष्ट उल्लेख है कि दीपदान और लक्ष्मी

दिवाली 2025: रौशनी, उमंग और उत्साह का पावन पर्व देशभर में आज 20 अक्तूबर 2025 को दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। यह हिंदू पंचांग के कार्तिक मास की अमावस्या तिथि है। इस दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि, धन-सौभाग्य और निरंतर प्रगति के योग बनते हैं। लक्ष्मी पूजन का महत्व दिवाली के दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घरों में प्रवेश करती हैं और धन, सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी स्पष्ट उल्लेख है कि दीपदान और लक्ष्मी

Diwali 2025: मां लक्ष्मी पूजा का शुभ अवसर वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि पर देशभर में दीवाली 2025 मनाई जाएगी। यह पर्व केवल रोशनी और मिठाई का उत्सव नहीं है, बल्कि धन, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति का भी शुभ अवसर है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में समृद्धि आती है और घर में खुशहाली बनी रहती है। दीवाली 2025 की तिथि और समय अमावस्या तिथि आरंभ: 20 अक्टूबर, 03:44 बजे अमावस्या तिथि समाप्ति: 21 अक्टूबर, 05:54 बजे लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

Diwali 2025: मां लक्ष्मी पूजा का शुभ अवसर वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि पर देशभर में दीवाली 2025 मनाई जाएगी। यह पर्व केवल रोशनी और मिठाई का उत्सव नहीं है, बल्कि धन, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति का भी शुभ अवसर है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में समृद्धि आती है और घर में खुशहाली बनी रहती है। दीवाली 2025 की तिथि और समय अमावस्या तिथि आरंभ: 20 अक्टूबर, 03:44 बजे अमावस्या तिथि समाप्ति: 21 अक्टूबर, 05:54 बजे लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा 2025: शहरवार मुहूर्त, भोग की पारंपरिक रेसिपी और पूजा का महत्व दीपावली का पर्व आते ही घर-आंगन दीपों से जगमगा उठते हैं, रंगोली से आँगन सजता है और चारों ओर मिठाइयों की खुशबू फैल जाती है। इस पवित्र पर्व का सबसे शुभ क्षण होता है — लक्ष्मी पूजा, जब श्रद्धालु माता लक्ष्मी को अपने घर में आमंत्रित करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। 2025 में लक्ष्मी पूजा का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह अमावस्या की सबसे अंधेरी रात को सम्पन्न होगी — जो आध्यात्मिक रूप से “अंधकार से प्रकाश की ओर” यात्रा का

लक्ष्मी पूजा 2025: शहरवार मुहूर्त, भोग की पारंपरिक रेसिपी और पूजा का महत्व दीपावली का पर्व आते ही घर-आंगन दीपों से जगमगा उठते हैं, रंगोली से आँगन सजता है और चारों ओर मिठाइयों की खुशबू फैल जाती है। इस पवित्र पर्व का सबसे शुभ क्षण होता है — लक्ष्मी पूजा, जब श्रद्धालु माता लक्ष्मी को अपने घर में आमंत्रित करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। 2025 में लक्ष्मी पूजा का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह अमावस्या की सबसे अंधेरी रात को सम्पन्न होगी — जो आध्यात्मिक रूप से “अंधकार से प्रकाश की ओर” यात्रा का