
onion price crash : महाराष्ट्र में प्याज के दाम गिरने से किसान संकट में हैं। सरकार ने खरीद बढ़ाने और राहत देने पर चर्चा शुरू की है, लेकिन समाधान अभी पूरी तरह तय नहीं है।

onion price crash : महाराष्ट्र में प्याज के दाम गिरने से किसान संकट में हैं। सरकार ने खरीद बढ़ाने और राहत देने पर चर्चा शुरू की है, लेकिन समाधान अभी पूरी तरह तय नहीं है।

खेत के रास्ते रोकने वालों पर सख्ती, पांच साल तक योजनाओं से दूर रहेंगे लोग Maharashtra farm road encroachment penalty government schemes blocked: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने खेत और पाणंद (कच्चे) रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक अहम फैसला लिया है – ऐसे लोगों के आधार कार्ड और किसान आईडी को 5 वर्षों के लिए ब्लॉक किया जाएगा, जिससे वे सभी सरकारी योजनाओं और सहायता के लिए अयोग्य हो जाएंगे। क्या होगी कार्रवाई की प्रक्रिया? गांव के नक्शे में दर्ज या सरकारी जमीन

खेत के रास्ते रोकने वालों पर सख्ती, पांच साल तक योजनाओं से दूर रहेंगे लोग Maharashtra farm road encroachment penalty government schemes blocked: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने खेत और पाणंद (कच्चे) रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक अहम फैसला लिया है – ऐसे लोगों के आधार कार्ड और किसान आईडी को 5 वर्षों के लिए ब्लॉक किया जाएगा, जिससे वे सभी सरकारी योजनाओं और सहायता के लिए अयोग्य हो जाएंगे। क्या होगी कार्रवाई की प्रक्रिया? गांव के नक्शे में दर्ज या सरकारी जमीन

एआई तकनीक से विदर्भ के किसानों का भविष्य बदलने की तैयारी Nitin Gadkari’s AI Revolution for Vidarbha Farmers: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदर्भ के किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। एग्रोविजन फाउंडेशन के मुख्य प्रवर्तक के रूप में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक के जरिए खेती में क्रांति लाने का संकल्प लिया है। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के सही इस्तेमाल से विदर्भ के किसान न केवल समृद्ध बन सकते हैं बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल भी कायम कर सकते हैं। गडकरी ने स्पष्ट किया कि कृषि विकास केंद्र

एआई तकनीक से विदर्भ के किसानों का भविष्य बदलने की तैयारी Nitin Gadkari’s AI Revolution for Vidarbha Farmers: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदर्भ के किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। एग्रोविजन फाउंडेशन के मुख्य प्रवर्तक के रूप में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक के जरिए खेती में क्रांति लाने का संकल्प लिया है। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के सही इस्तेमाल से विदर्भ के किसान न केवल समृद्ध बन सकते हैं बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल भी कायम कर सकते हैं। गडकरी ने स्पष्ट किया कि कृषि विकास केंद्र

महाराष्ट्र विधान परिषद में किसानों से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई। राज्य के किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लंबित अनुदान और निधियों को लेकर विधायकों ने सरकार से सीधे सवाल किए। इस पर सरकार की ओर से दिए गए जवाब में कृषि समृद्धि योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी सामने आई है। विधान परिषद में उठे सवाल विधान परिषद के सत्र में विधायक रणजीत सिंह मोहिते पाटील और संजय खोडके ने राज्य के किसानों को मिलने वाले अनुदान और योजनाओं के लंबित निधियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने जानना चाहा कि

महाराष्ट्र विधान परिषद में किसानों से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई। राज्य के किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लंबित अनुदान और निधियों को लेकर विधायकों ने सरकार से सीधे सवाल किए। इस पर सरकार की ओर से दिए गए जवाब में कृषि समृद्धि योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी सामने आई है। विधान परिषद में उठे सवाल विधान परिषद के सत्र में विधायक रणजीत सिंह मोहिते पाटील और संजय खोडके ने राज्य के किसानों को मिलने वाले अनुदान और योजनाओं के लंबित निधियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने जानना चाहा कि

नागपुर, 17 अक्टूबर:महाराष्ट्र में इस बार किसानों की दिवाली खुशियों के बजाय मायूसी लेकर आई है। कांग्रेस विधानमंडल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य की महायुती सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “सरकार ने किसानों के साथ खुला धोखा किया है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े पैमाने पर 31,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा तो कर दी, लेकिन हकीकत में अब तक मात्र 1,800 करोड़ रुपये की ही सहायता किसानों तक पहुंच पाई है। “प्रति हेक्टेयर केवल ₹10,000 देना मजाक है” वडेट्टीवार ने कहा कि अतिवृष्टि से तबाह किसानों को प्रति हेक्टेयर सिर्फ ₹10,000 देना

नागपुर, 17 अक्टूबर:महाराष्ट्र में इस बार किसानों की दिवाली खुशियों के बजाय मायूसी लेकर आई है। कांग्रेस विधानमंडल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य की महायुती सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “सरकार ने किसानों के साथ खुला धोखा किया है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े पैमाने पर 31,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा तो कर दी, लेकिन हकीकत में अब तक मात्र 1,800 करोड़ रुपये की ही सहायता किसानों तक पहुंच पाई है। “प्रति हेक्टेयर केवल ₹10,000 देना मजाक है” वडेट्टीवार ने कहा कि अतिवृष्टि से तबाह किसानों को प्रति हेक्टेयर सिर्फ ₹10,000 देना

Maharashtra Heavy Rain ने एक बार फिर राज्य के किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। लगातार जारी भारी बारिश और अतिवृष्टि से महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र में हजारों एकड़ फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। धान, कपास, सोयाबीन और दालों की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलें या तो सड़ चुकी हैं या गिर चुकी हैं। इससे किसानों की आय पर गहरी चोट पड़ी है और जिन लोगों ने कर्ज लेकर खेती की थी, वे अब और बड़े संकट

Maharashtra Heavy Rain ने एक बार फिर राज्य के किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। लगातार जारी भारी बारिश और अतिवृष्टि से महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र में हजारों एकड़ फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। धान, कपास, सोयाबीन और दालों की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलें या तो सड़ चुकी हैं या गिर चुकी हैं। इससे किसानों की आय पर गहरी चोट पड़ी है और जिन लोगों ने कर्ज लेकर खेती की थी, वे अब और बड़े संकट

Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest: बाढ़ राहत कर्मचारियों की चौथी श्रेणी में मान्यता की मांग Vidarbha, Maharashtra – आज Constitution Chowk पर Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest हुआ, जिसमें संगठन के लगभग 500 सदस्य शामिल हुए। यह संगठन उन कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है जो बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के समय खेतों में मदद करते हैं, प्रभावित किसानों के खेतों का पंचनामा तैयार करते हैं और रिपोर्ट सरकारी अधिकारियों को सौंपते हैं। संगठन का कहना है कि ये कर्मचारी NDRF टीम के साथ मिलकर किसानों की आपदा राहत में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बावजूद इसके, इन्हें अभी तक उचित सरकारी

Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest: बाढ़ राहत कर्मचारियों की चौथी श्रेणी में मान्यता की मांग Vidarbha, Maharashtra – आज Constitution Chowk पर Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest हुआ, जिसमें संगठन के लगभग 500 सदस्य शामिल हुए। यह संगठन उन कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है जो बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के समय खेतों में मदद करते हैं, प्रभावित किसानों के खेतों का पंचनामा तैयार करते हैं और रिपोर्ट सरकारी अधिकारियों को सौंपते हैं। संगठन का कहना है कि ये कर्मचारी NDRF टीम के साथ मिलकर किसानों की आपदा राहत में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बावजूद इसके, इन्हें अभी तक उचित सरकारी