
धंतोली भवन घोटाला – सरकारी तंत्र में साठगांठ का खुलासा नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक बार फिर सरकारी विभागों की पारदर्शिता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पश्चिम नागपुर के विधायक और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकास ठाकरे ने एक बड़े धंतोली भवन घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें नगर निगम (मनपा) और नज़ूल विभाग के अधिकारियों पर बिल्डर से मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों की हानि पहुँचाने का आरोप है। घोटाले का खुलासा और आरोपों की जड़ ठाकरे के अनुसार, धंतोली क्षेत्र में एक प्लॉट को आत्म-निवास उपयोग के लिए लीज पर दिया गया था। परंतु

धंतोली भवन घोटाला – सरकारी तंत्र में साठगांठ का खुलासा नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक बार फिर सरकारी विभागों की पारदर्शिता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पश्चिम नागपुर के विधायक और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकास ठाकरे ने एक बड़े धंतोली भवन घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें नगर निगम (मनपा) और नज़ूल विभाग के अधिकारियों पर बिल्डर से मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों की हानि पहुँचाने का आरोप है। घोटाले का खुलासा और आरोपों की जड़ ठाकरे के अनुसार, धंतोली क्षेत्र में एक प्लॉट को आत्म-निवास उपयोग के लिए लीज पर दिया गया था। परंतु

नागपुर नगररचना विभाग में भ्रष्टाचार का खुलासा नागपुर महानगरपालिका के नगररचना विभाग में एक गंभीर घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आवासीय उपयोग के लिए दी गई लीज भूमि पर एक बिल्डर को अवैध रूप से वाणिज्यिक और अस्पताल भवन बनाने की अनुमति दी गई। दस्तावेजों में फेरबदल कर भूखंड का क्षेत्रफल बढ़ाया गया और एफएसआई के साथ हेराफेरी की गई। प्रशासक पर आरोप, अभियंताओं को मिली ढाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने इस मामले को गंभीर भ्रष्टाचार बताया। उनका कहना है कि यह प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत का मामला है। ठाकरे के अनुसार, नजुल

नागपुर नगररचना विभाग में भ्रष्टाचार का खुलासा नागपुर महानगरपालिका के नगररचना विभाग में एक गंभीर घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आवासीय उपयोग के लिए दी गई लीज भूमि पर एक बिल्डर को अवैध रूप से वाणिज्यिक और अस्पताल भवन बनाने की अनुमति दी गई। दस्तावेजों में फेरबदल कर भूखंड का क्षेत्रफल बढ़ाया गया और एफएसआई के साथ हेराफेरी की गई। प्रशासक पर आरोप, अभियंताओं को मिली ढाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने इस मामले को गंभीर भ्रष्टाचार बताया। उनका कहना है कि यह प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत का मामला है। ठाकरे के अनुसार, नजुल