
लैंडिंग के दौरान स्किड हुआ ट्रेनिंग विमान, जांच के आदेश Baramati Airport Plane Crash: बारामती एयरपोर्ट पर रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेनिंग ले रहा एक छोटा विमान लैंडिंग के दौरान अचानक नियंत्रण खो बैठा। जानकारी के अनुसार विमान रनवे पर उतरते ही संतुलन बिगड़ने के कारण स्किड हो गया और रनवे से बाहर चला गया। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इमरजेंसी टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया। पायलट और सवार सभी सुरक्षित हादसे के वक्त विमान में प्रशिक्षण ले रहा पायलट मौजूद था। सबसे राहत की बात यह

लैंडिंग के दौरान स्किड हुआ ट्रेनिंग विमान, जांच के आदेश Baramati Airport Plane Crash: बारामती एयरपोर्ट पर रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेनिंग ले रहा एक छोटा विमान लैंडिंग के दौरान अचानक नियंत्रण खो बैठा। जानकारी के अनुसार विमान रनवे पर उतरते ही संतुलन बिगड़ने के कारण स्किड हो गया और रनवे से बाहर चला गया। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इमरजेंसी टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया। पायलट और सवार सभी सुरक्षित हादसे के वक्त विमान में प्रशिक्षण ले रहा पायलट मौजूद था। सबसे राहत की बात यह

नागपुर में आज राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) द्वारा आयोजित 51वें संसदीय अध्ययन वर्ग का भव्य उद्घाटन हुआ। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को समझने वाले भविष्य के युवाओं के लिए एक सजीव कक्षा जैसा अनुभव था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानपरिषद के ऐतिहासिक सभागृह में इसका उद्घाटन किया। इस खास मौके पर उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से, मुझे हमेशा यह लगता रहा है कि जब तक युवा संसद और विधानमंडल की वास्तविक प्रक्रिया को समझेंगे नहीं, तब तक लोकतांत्रिक सहभागिता केवल पुस्तकों तक सीमित रह जाएगी। आज का आयोजन उसी समझ

नागपुर में आज राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) द्वारा आयोजित 51वें संसदीय अध्ययन वर्ग का भव्य उद्घाटन हुआ। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को समझने वाले भविष्य के युवाओं के लिए एक सजीव कक्षा जैसा अनुभव था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानपरिषद के ऐतिहासिक सभागृह में इसका उद्घाटन किया। इस खास मौके पर उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से, मुझे हमेशा यह लगता रहा है कि जब तक युवा संसद और विधानमंडल की वास्तविक प्रक्रिया को समझेंगे नहीं, तब तक लोकतांत्रिक सहभागिता केवल पुस्तकों तक सीमित रह जाएगी। आज का आयोजन उसी समझ