
NIA investigation Kaliachak Malda Case: कालियाचक कांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम लगातार तीसरे दिन भी पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी रही। रविवार को भी कालियाचक नंबर 2 ब्लॉक इलाके में NIA अधिकारियों ने दफा-दफा पूछताछ और तथ्य संग्रह का काम जारी रखा। NIA सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच चरण पूरा होने के बाद जांच दल आज ही कोलकाता वापस लौट सकता है। कल यानी सोमवार को प्रारंभिक रिपोर्ट जमा की जाएगी — इसी कारण अंतिम घंटों में जांच की गति और तेज कर दी गई। इससे पहले बुधवार की देर रात NIA की एक विशेष

NIA investigation Kaliachak Malda Case: कालियाचक कांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम लगातार तीसरे दिन भी पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी रही। रविवार को भी कालियाचक नंबर 2 ब्लॉक इलाके में NIA अधिकारियों ने दफा-दफा पूछताछ और तथ्य संग्रह का काम जारी रखा। NIA सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच चरण पूरा होने के बाद जांच दल आज ही कोलकाता वापस लौट सकता है। कल यानी सोमवार को प्रारंभिक रिपोर्ट जमा की जाएगी — इसी कारण अंतिम घंटों में जांच की गति और तेज कर दी गई। इससे पहले बुधवार की देर रात NIA की एक विशेष

Supreme Court on Malda Incident: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी पर पहुंचे 7 न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं. उन सभी को स्थानीय स्तर पर विरोध और अव्यवस्था के बीच घंटों तक रोके रखा गया। इस दौरान उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा मिली और न ही भोजन-पानी की व्यवस्था हो सकी। अधिकारियों को राने-धमकाने का आरोप बताया गया है कि अधिकारियों को उनके काम के दौरान ही घेर लिया गया और डराने-धमकाने की स्थिति बन गई, जिससे

Supreme Court on Malda Incident: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी पर पहुंचे 7 न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं. उन सभी को स्थानीय स्तर पर विरोध और अव्यवस्था के बीच घंटों तक रोके रखा गया। इस दौरान उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा मिली और न ही भोजन-पानी की व्यवस्था हो सकी। अधिकारियों को राने-धमकाने का आरोप बताया गया है कि अधिकारियों को उनके काम के दौरान ही घेर लिया गया और डराने-धमकाने की स्थिति बन गई, जिससे

मालदा में वोटर सूची विवाद पर भड़का जन आक्रोश Malda Kaliachak SIR protest judicial officers blocked BDO office: मालदा। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में बुधवार को उस वक्त तनाव भड़क उठा जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नाम न दर्ज होने से नाराज स्थानीय लोगों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को कालियाचक-2 के खंड विकास अधिकारी को कार्यालय में घंटों तक घेरे रखा। सुबह से ही धीरे-धीरे गर्माते माहौल ने शाम 4 बजे के बाद विकराल रूप ले लिया और आधी रात तक जनआक्रोश थमा नहीं। घिरे हुए 7 अधिकारियों में 3 महिला न्यायाधीश

मालदा में वोटर सूची विवाद पर भड़का जन आक्रोश Malda Kaliachak SIR protest judicial officers blocked BDO office: मालदा। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में बुधवार को उस वक्त तनाव भड़क उठा जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नाम न दर्ज होने से नाराज स्थानीय लोगों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को कालियाचक-2 के खंड विकास अधिकारी को कार्यालय में घंटों तक घेरे रखा। सुबह से ही धीरे-धीरे गर्माते माहौल ने शाम 4 बजे के बाद विकराल रूप ले लिया और आधी रात तक जनआक्रोश थमा नहीं। घिरे हुए 7 अधिकारियों में 3 महिला न्यायाधीश

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज का दिन एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 17 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और लंबी दूरी की रेल यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। अब तक वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयरकार सुविधा के लिए जानी जाती रही हैं, लेकिन स्लीपर संस्करण की शुरुआत से रात की यात्रा करने वाले

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज का दिन एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 17 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और लंबी दूरी की रेल यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। अब तक वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयरकार सुविधा के लिए जानी जाती रही हैं, लेकिन स्लीपर संस्करण की शुरुआत से रात की यात्रा करने वाले

बांग्लादेश में चल रहे हालात को लेकर भारत में रह रहे उन लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है जिनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पड़ोसी देश में रहते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। एक तरफ राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में बिगड़ते हालात ने कई परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। मालदा के परिवारों में बढ़ती बेचैनी पुराना मालदा की रहने वाली जयंती मंडल इन दिनों बहुत परेशान हैं। उनके माता-पिता

बांग्लादेश में चल रहे हालात को लेकर भारत में रह रहे उन लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है जिनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पड़ोसी देश में रहते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। एक तरफ राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में बिगड़ते हालात ने कई परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। मालदा के परिवारों में बढ़ती बेचैनी पुराना मालदा की रहने वाली जयंती मंडल इन दिनों बहुत परेशान हैं। उनके माता-पिता

मालदा जिले के मानिकचक थाना क्षेत्र के मथुरापुर भूतनी ब्रिज इलाके में सोमवार दोपहर एक भीषण आग लगने की घटना ने दो परिवारों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। इस दुर्घटना में दो दुकानें और घर पूरी तरह से जलकर राख हो गए। दोनों परिवार अब कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और सरकारी मदद की उम्मीद में दिन गिन रहे हैं। घटना का विवरण जानकारी के मुताबिक, पिंकी मंडल और सीमा साहा दो बहनें हैं जो भूतनी ब्रिज इलाके में चाय की दुकान चलाकर अपने परिवारों का पालन-पोषण करती थीं। सोमवार दोपहर

मालदा जिले के मानिकचक थाना क्षेत्र के मथुरापुर भूतनी ब्रिज इलाके में सोमवार दोपहर एक भीषण आग लगने की घटना ने दो परिवारों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। इस दुर्घटना में दो दुकानें और घर पूरी तरह से जलकर राख हो गए। दोनों परिवार अब कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और सरकारी मदद की उम्मीद में दिन गिन रहे हैं। घटना का विवरण जानकारी के मुताबिक, पिंकी मंडल और सीमा साहा दो बहनें हैं जो भूतनी ब्रिज इलाके में चाय की दुकान चलाकर अपने परिवारों का पालन-पोषण करती थीं। सोमवार दोपहर