कर संक्रांति का त्योहार हमारे देश में बड़े उल्लास और खुशी के साथ मनाया जाता है। इस दिन आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाना एक पुरानी परंपरा रही है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी इस खेल में बड़े उत्साह से भाग लेते हैं। छतों पर रंगीन पतंगें, काटो-काटो की आवाजें और खुशी की किलकारियां इस त्योहार की पहचान हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में इस खुशी के त्योहार पर एक काला साया मंडरा रहा है। नायलॉन मांजे के इस्तेमाल ने इस पवित्र उत्सव को खतरनाक बना दिया है। हर साल मकर संक्रांति के आसपास ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आती हैं