
तमिलनाडु की करूर त्रासदी पर सियासी तूफान — स्टालिन ने विजय और आयोजकों को ठहराया जिम्मेदार तमिलनाडु की राजनीति उस समय हिल गई जब करूर जिले में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई। इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि यह त्रासदी भीड़ प्रबंधन की गंभीर विफलता और आयोजकों की लापरवाही का परिणाम थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय लगभग सात घंटे देर से पहुंचे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और अफरातफरी मच गई। उन्होंने कहा, “करूर की घटना ने

तमिलनाडु की करूर त्रासदी पर सियासी तूफान — स्टालिन ने विजय और आयोजकों को ठहराया जिम्मेदार तमिलनाडु की राजनीति उस समय हिल गई जब करूर जिले में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई। इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि यह त्रासदी भीड़ प्रबंधन की गंभीर विफलता और आयोजकों की लापरवाही का परिणाम थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय लगभग सात घंटे देर से पहुंचे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और अफरातफरी मच गई। उन्होंने कहा, “करूर की घटना ने

M.K. Stalin सरकार हिंदी पर रोक लगाने वाला विधेयक लाने की तैयारी में चेन्नई। तमिलनाडु की DMK सरकार, मुख्यमंत्री M.K. Stalin के नेतृत्व में, राज्य विधानसभा में एक नया विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक प्रदर्शन, विज्ञापन, फिल्मों और गीतों में हिंदी सामग्री पर प्रतिबंध लगाना है। सरकार का तर्क है कि यह कदम तमिल सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, क्योंकि राज्य में लंबे समय से हिंदी भाषा के जबरन प्रचार के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध रहा है। विधेयक के पीछे की वजह यह प्रस्ताव हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा

M.K. Stalin सरकार हिंदी पर रोक लगाने वाला विधेयक लाने की तैयारी में चेन्नई। तमिलनाडु की DMK सरकार, मुख्यमंत्री M.K. Stalin के नेतृत्व में, राज्य विधानसभा में एक नया विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक प्रदर्शन, विज्ञापन, फिल्मों और गीतों में हिंदी सामग्री पर प्रतिबंध लगाना है। सरकार का तर्क है कि यह कदम तमिल सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, क्योंकि राज्य में लंबे समय से हिंदी भाषा के जबरन प्रचार के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध रहा है। विधेयक के पीछे की वजह यह प्रस्ताव हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा