
नक्षी गांव में लगा विधि सेवा महाशिविर Legal Services Camp In Bhiwapur Maharashtra: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के भिवापुर तहसील स्थित नक्षी गांव में एक खास आयोजन हुआ। यहां विधि सेवा महाशिविर और शासकीय योजनाओं का महामेला लगाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करना था। साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका सीधा लाभ पहुंचाना भी इस आयोजन का हिस्सा था। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति अनिल किलोर इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। न्यायमूर्ति किलोर ने दिया जागरूकता का संदेश

नक्षी गांव में लगा विधि सेवा महाशिविर Legal Services Camp In Bhiwapur Maharashtra: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के भिवापुर तहसील स्थित नक्षी गांव में एक खास आयोजन हुआ। यहां विधि सेवा महाशिविर और शासकीय योजनाओं का महामेला लगाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करना था। साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका सीधा लाभ पहुंचाना भी इस आयोजन का हिस्सा था। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति अनिल किलोर इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। न्यायमूर्ति किलोर ने दिया जागरूकता का संदेश

मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने एक अहम मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी समुदाय से जुड़े सरकारी फैसलों को लेकर है। राष्ट्रीय ओबीसी मुक्ति मोर्चा नामक संगठन ने अदालत में याचिका दायर करके राज्य सरकार के दो अहम निर्णयों को चुनौती दी है। संगठन का कहना है कि ये फैसले संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इनसे ओबीसी समाज के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। कौन से सरकारी निर्णयों को दी गई चुनौती याचिका में

मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने एक अहम मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी समुदाय से जुड़े सरकारी फैसलों को लेकर है। राष्ट्रीय ओबीसी मुक्ति मोर्चा नामक संगठन ने अदालत में याचिका दायर करके राज्य सरकार के दो अहम निर्णयों को चुनौती दी है। संगठन का कहना है कि ये फैसले संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इनसे ओबीसी समाज के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। कौन से सरकारी निर्णयों को दी गई चुनौती याचिका में

मुंबई उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत का समाचार आया है। मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र राज्य में बिजली दरों में की गई हालिया वृद्धि को अवैध करार देते हुए उसे रद्द कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एस. वी. गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति एम. एम. साठे की खंडपीठ ने सुनाया। बिजली दर वृद्धि पर लगी रोक महाराष्ट्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) ने राज्य में औसतन 8 प्रतिशत तक बिजली दर बढ़ाने की घोषणा की थी। इस निर्णय के खिलाफ उपभोक्ता संगठनों ने अदालत में याचिका दायर की थी।याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि महावितरण

मुंबई उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत का समाचार आया है। मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र राज्य में बिजली दरों में की गई हालिया वृद्धि को अवैध करार देते हुए उसे रद्द कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एस. वी. गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति एम. एम. साठे की खंडपीठ ने सुनाया। बिजली दर वृद्धि पर लगी रोक महाराष्ट्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) ने राज्य में औसतन 8 प्रतिशत तक बिजली दर बढ़ाने की घोषणा की थी। इस निर्णय के खिलाफ उपभोक्ता संगठनों ने अदालत में याचिका दायर की थी।याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि महावितरण