
Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: नागपुर महानगरपालिका में मंगलवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस के नगरसेवक शैलेष पांडे ने सफाई कर्मचारी के कपड़े पहनकर और हाथ में झाड़ू लेकर कवि भट सभागृह के सामने अपना विरोध जताया। प्रभाग 11 में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ यह कदम उठाया गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें सभागृह के भीतर जाने नहीं दिया, जिसके बाद वे पूरे दिन बाहर ही झाड़ू लगाते रहे। शैलेष पांडे का कहना है कि निर्वाचित नगरसेवक होने के बावजूद उनके प्रभाग की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सफाई

Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: नागपुर महानगरपालिका में मंगलवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस के नगरसेवक शैलेष पांडे ने सफाई कर्मचारी के कपड़े पहनकर और हाथ में झाड़ू लेकर कवि भट सभागृह के सामने अपना विरोध जताया। प्रभाग 11 में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ यह कदम उठाया गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें सभागृह के भीतर जाने नहीं दिया, जिसके बाद वे पूरे दिन बाहर ही झाड़ू लगाते रहे। शैलेष पांडे का कहना है कि निर्वाचित नगरसेवक होने के बावजूद उनके प्रभाग की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सफाई

Kolkata Municipal Budget 2026-27: कोलकाता नगर निगम बजट 2026-27: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कोलकाता नगर निगम ने 111 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया। मेयर फिरहाद हकीम ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करते हुए राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता में बढ़ोतरी और राजस्व आय में वृद्धि की जानकारी दी, लेकिन विपक्ष ने इसे चुनावी बजट बताकर तीखी आलोचना की। कोलकाता नगर निगम का बजट घाटा कम हुआ वित्त वर्ष 2025-26 में कोलकाता नगर निगम का बजट घाटा 114.72 करोड़ रुपये था। नए वित्त वर्ष 2026-27 में यह घाटा घटकर 111 करोड़ रुपये पर

Kolkata Municipal Budget 2026-27: कोलकाता नगर निगम बजट 2026-27: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कोलकाता नगर निगम ने 111 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया। मेयर फिरहाद हकीम ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करते हुए राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता में बढ़ोतरी और राजस्व आय में वृद्धि की जानकारी दी, लेकिन विपक्ष ने इसे चुनावी बजट बताकर तीखी आलोचना की। कोलकाता नगर निगम का बजट घाटा कम हुआ वित्त वर्ष 2025-26 में कोलकाता नगर निगम का बजट घाटा 114.72 करोड़ रुपये था। नए वित्त वर्ष 2026-27 में यह घाटा घटकर 111 करोड़ रुपये पर

Nagpur: Shivsena Joins Congress-Led Mahavikas Aghadi: नागपुर शहर की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के महानगरपालिका सदस्यों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली नागपुर महाविकास आघाड़ी में औपचारिक तौर पर विलय कर लिया है। इस फैसले से नागपुर महानगरपालिका में विपक्ष की ताकत अब 36 नगरसेवकों तक पहुंच गई है। यह कदम सिर्फ एक राजनीतिक गठजोड़ नहीं बल्कि नागरिकों के हितों की रक्षा और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नागपुर महानगरपालिका में लंबे समय से जनता की समस्याओं को नजरअंदाज

Nagpur: Shivsena Joins Congress-Led Mahavikas Aghadi: नागपुर शहर की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के महानगरपालिका सदस्यों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली नागपुर महाविकास आघाड़ी में औपचारिक तौर पर विलय कर लिया है। इस फैसले से नागपुर महानगरपालिका में विपक्ष की ताकत अब 36 नगरसेवकों तक पहुंच गई है। यह कदम सिर्फ एक राजनीतिक गठजोड़ नहीं बल्कि नागरिकों के हितों की रक्षा और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नागपुर महानगरपालिका में लंबे समय से जनता की समस्याओं को नजरअंदाज

नागपुर नगर निगम में भाजपा का बड़ा फैसला BJP Announces Mayor & Deputy Mayor Candidates for Nagpur: महाराष्ट्र के नागपुर शहर की राजनीति में एक अहम घोषणा हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने नागपुर नगर निगम के आगामी कार्यकाल के लिए महापौर और उपमहापौर पद के उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। इस घोषणा के साथ ही नागपुर की स्थानीय राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। पार्टी ने महापौर पद के लिए प्रभाग संख्या 28 की नगरसेविका नीता ठाकरे को और उपमहापौर पद के लिए प्रभाग संख्या 29 की नगरसेविका लीला हाथीबेड को चुना

नागपुर नगर निगम में भाजपा का बड़ा फैसला BJP Announces Mayor & Deputy Mayor Candidates for Nagpur: महाराष्ट्र के नागपुर शहर की राजनीति में एक अहम घोषणा हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने नागपुर नगर निगम के आगामी कार्यकाल के लिए महापौर और उपमहापौर पद के उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। इस घोषणा के साथ ही नागपुर की स्थानीय राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। पार्टी ने महापौर पद के लिए प्रभाग संख्या 28 की नगरसेविका नीता ठाकरे को और उपमहापौर पद के लिए प्रभाग संख्या 29 की नगरसेविका लीला हाथीबेड को चुना

नागपुर महानगरपालिका में बाल्या बोरकर को सत्तापक्ष नेता की जिम्मेदारी नागपुर शहर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। नागपुर महानगरपालिका में ज्येष्ठ नगरसेवक बाल्या बोरकर, जिन्हें नरेंद्र बोरकर के नाम से भी जाना जाता है, को सत्तापक्ष नेता का अहम पद सौंपा गया है। यह घोषणा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने की है। बाल्या बोरकर का यह नया दायित्व नागपुर की नगरीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। बाल्या बोरकर के पास नागपुर महानगरपालिका के कामकाज का लंबा और गहरा अनुभव है। पिछले कई दशकों से वे नगरसेवक के रूप में शहर

नागपुर महानगरपालिका में बाल्या बोरकर को सत्तापक्ष नेता की जिम्मेदारी नागपुर शहर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। नागपुर महानगरपालिका में ज्येष्ठ नगरसेवक बाल्या बोरकर, जिन्हें नरेंद्र बोरकर के नाम से भी जाना जाता है, को सत्तापक्ष नेता का अहम पद सौंपा गया है। यह घोषणा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने की है। बाल्या बोरकर का यह नया दायित्व नागपुर की नगरीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। बाल्या बोरकर के पास नागपुर महानगरपालिका के कामकाज का लंबा और गहरा अनुभव है। पिछले कई दशकों से वे नगरसेवक के रूप में शहर

नरेंद्र बोरकर बने महानगरपालिका के सत्तापक्ष नेता Narendra Borkar Municipal Leader: महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम फैसला सामने आया है। नरेंद्र बोरकर, जिन्हें बाल्या बोरकर के नाम से भी जाना जाता है, को महानगरपालिका का सत्तापक्ष नेता नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। बोरकर का यह नया दायित्व शहर के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नेतृत्व में आया नया बदलाव महानगरपालिका में सत्तापक्ष नेता का पद बेहद अहम होता है। यह पद शहर की प्रशासनिक नीतियों को तय

नरेंद्र बोरकर बने महानगरपालिका के सत्तापक्ष नेता Narendra Borkar Municipal Leader: महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम फैसला सामने आया है। नरेंद्र बोरकर, जिन्हें बाल्या बोरकर के नाम से भी जाना जाता है, को महानगरपालिका का सत्तापक्ष नेता नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। बोरकर का यह नया दायित्व शहर के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नेतृत्व में आया नया बदलाव महानगरपालिका में सत्तापक्ष नेता का पद बेहद अहम होता है। यह पद शहर की प्रशासनिक नीतियों को तय

नगर निगम के महापौर पद के चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई अहम चर्चा के बाद अब महापौर पद के लिए उम्मीदवारों के नामों को लेकर एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि आने वाले एक-दो दिनों में इन पदों के लिए अंतिम नामों की घोषणा कर दी जाएगी। नितिन गडकरी के साथ हुई अहम बैठक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पार्टी के मार्गदर्शक और सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनके साथ हुई इस चर्चा में

नगर निगम के महापौर पद के चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई अहम चर्चा के बाद अब महापौर पद के लिए उम्मीदवारों के नामों को लेकर एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि आने वाले एक-दो दिनों में इन पदों के लिए अंतिम नामों की घोषणा कर दी जाएगी। नितिन गडकरी के साथ हुई अहम बैठक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पार्टी के मार्गदर्शक और सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनके साथ हुई इस चर्चा में

कोलकाता नगर निगम की मासिक बैठक में हुआ हंगामा कोलकाता नगर निगम की मासिक बैठक में मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया जब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के बीच बंगाली भाषा और अस्मिता के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार गरमागरम बहस हुई और माहौल इतना बिगड़ा कि सभापति मालाराय को बीच-बचाव करना पड़ा। बंगाली विद्वानों के अपमान पर निंदा प्रस्ताव बैठक में TMC पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने बंगाल और बंगाली अस्मिता से जुड़े मुद्दे पर एक निंदा प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि

कोलकाता नगर निगम की मासिक बैठक में हुआ हंगामा कोलकाता नगर निगम की मासिक बैठक में मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया जब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के बीच बंगाली भाषा और अस्मिता के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार गरमागरम बहस हुई और माहौल इतना बिगड़ा कि सभापति मालाराय को बीच-बचाव करना पड़ा। बंगाली विद्वानों के अपमान पर निंदा प्रस्ताव बैठक में TMC पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने बंगाल और बंगाली अस्मिता से जुड़े मुद्दे पर एक निंदा प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि