
नागपुर में ऑटो चालकों का आरटीओ घेराव Nagpur auto rickshaw drivers RTO protest: नागपुर, 23 मार्च। ऑटो रिक्शा चालकों ने सोमवार को प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का घेराव कर धरना आंदोलन किया। राज्य के परिवहन मंत्री की नीतियों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया, जिन्हें चालकों ने एकतरफा और गलत बताया। ज्ञापन सौंपा ऑटो रिक्शा चालक-मालिक संगठन संयुक्त कृती समिति के महासचिव विलास भालेकर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ अधिकारी के माध्यम से परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। राज्यभर के विभिन्न जिलों में भी इसी प्रकार के आंदोलन आयोजित किए गए। नागपुर

नागपुर में ऑटो चालकों का आरटीओ घेराव Nagpur auto rickshaw drivers RTO protest: नागपुर, 23 मार्च। ऑटो रिक्शा चालकों ने सोमवार को प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का घेराव कर धरना आंदोलन किया। राज्य के परिवहन मंत्री की नीतियों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया, जिन्हें चालकों ने एकतरफा और गलत बताया। ज्ञापन सौंपा ऑटो रिक्शा चालक-मालिक संगठन संयुक्त कृती समिति के महासचिव विलास भालेकर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ अधिकारी के माध्यम से परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। राज्यभर के विभिन्न जिलों में भी इसी प्रकार के आंदोलन आयोजित किए गए। नागपुर

नागपुर में यूजीसी और एससी एसटी कानून पर विवाद Nagpur UGC Protest: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 1 फरवरी को संविधान चौक पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यूजीसी विरोध कृति समिति ने यूजीसी कानून के साथ-साथ एससी एसटी एक्ट का भी जोरदार विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में 19 विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर मुद्दे सामने रखे। यूजीसी विरोध कृति समिति के संयोजक राजेश शुक्ला ने इस मौके पर कहा कि पिछली सरकार और वर्तमान सरकार दोनों

नागपुर में यूजीसी और एससी एसटी कानून पर विवाद Nagpur UGC Protest: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 1 फरवरी को संविधान चौक पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यूजीसी विरोध कृति समिति ने यूजीसी कानून के साथ-साथ एससी एसटी एक्ट का भी जोरदार विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में 19 विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर मुद्दे सामने रखे। यूजीसी विरोध कृति समिति के संयोजक राजेश शुक्ला ने इस मौके पर कहा कि पिछली सरकार और वर्तमान सरकार दोनों

नागपुर खापरी स्टेशन पर स्थिति तनावपूर्ण नागपुर के खापरी स्टेशन पर आंदोलनकारी और प्रशासन के बीच तनाव गहराता जा रहा है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि शाम तक धरना स्थल खाली किया जाए, लेकिन आंदोलनकारी अब तक अपने स्थान से नहीं हटे हैं। पुलिस और प्रशासन की सख्त निगरानी नागपुर पुलिस कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस दोनों ने खापरी स्टेशन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया है। किसी भी व्यक्ति को रेल लाइन के

नागपुर खापरी स्टेशन पर स्थिति तनावपूर्ण नागपुर के खापरी स्टेशन पर आंदोलनकारी और प्रशासन के बीच तनाव गहराता जा रहा है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि शाम तक धरना स्थल खाली किया जाए, लेकिन आंदोलनकारी अब तक अपने स्थान से नहीं हटे हैं। पुलिस और प्रशासन की सख्त निगरानी नागपुर पुलिस कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस दोनों ने खापरी स्टेशन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया है। किसी भी व्यक्ति को रेल लाइन के

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest: बाढ़ राहत कर्मचारियों की चौथी श्रेणी में मान्यता की मांग Vidarbha, Maharashtra – आज Constitution Chowk पर Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest हुआ, जिसमें संगठन के लगभग 500 सदस्य शामिल हुए। यह संगठन उन कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है जो बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के समय खेतों में मदद करते हैं, प्रभावित किसानों के खेतों का पंचनामा तैयार करते हैं और रिपोर्ट सरकारी अधिकारियों को सौंपते हैं। संगठन का कहना है कि ये कर्मचारी NDRF टीम के साथ मिलकर किसानों की आपदा राहत में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बावजूद इसके, इन्हें अभी तक उचित सरकारी

Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest: बाढ़ राहत कर्मचारियों की चौथी श्रेणी में मान्यता की मांग Vidarbha, Maharashtra – आज Constitution Chowk पर Vidarbha Mahasul Sevak Sangh Protest हुआ, जिसमें संगठन के लगभग 500 सदस्य शामिल हुए। यह संगठन उन कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है जो बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के समय खेतों में मदद करते हैं, प्रभावित किसानों के खेतों का पंचनामा तैयार करते हैं और रिपोर्ट सरकारी अधिकारियों को सौंपते हैं। संगठन का कहना है कि ये कर्मचारी NDRF टीम के साथ मिलकर किसानों की आपदा राहत में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बावजूद इसके, इन्हें अभी तक उचित सरकारी

Nagpur Pulia Danger: Kadvi Chowk गड्ढा, प्रशासन की लापरवाही नागपुर के कड़वी चौक स्थित पुलिया पर बने गड्ढे ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के लिए चिंता का नया कारण बना लिया है। Nagpur Pulia Danger के रूप में चर्चित यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। पुलिया पर करीब दो से ढाई फीट लंबी लोहे की सलाखें बाहर निकल आई हैं, जो तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कभी भी कोई वाहन इन सलाखों से टकराकर पलट सकता है, जिससे बड़ा हादसा

Nagpur Pulia Danger: Kadvi Chowk गड्ढा, प्रशासन की लापरवाही नागपुर के कड़वी चौक स्थित पुलिया पर बने गड्ढे ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के लिए चिंता का नया कारण बना लिया है। Nagpur Pulia Danger के रूप में चर्चित यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। पुलिया पर करीब दो से ढाई फीट लंबी लोहे की सलाखें बाहर निकल आई हैं, जो तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कभी भी कोई वाहन इन सलाखों से टकराकर पलट सकता है, जिससे बड़ा हादसा