
माओवादी संगठन के सर्वोच्च नेता देवजी ने तेलंगाना पुलिस के सामने डाले हथियार Top Maoist Leader Devji Surrenders to Telangana Police: देश की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर नीति-निर्माताओं तक सभी को चौंका दिया है। माओवादी संगठन के सर्वोच्च नेता देवजी उर्फ तीपिरी तिरुपति ने अपने सोलह साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। दस करोड़ रुपये का इनाम लेकर चल रहे

माओवादी संगठन के सर्वोच्च नेता देवजी ने तेलंगाना पुलिस के सामने डाले हथियार Top Maoist Leader Devji Surrenders to Telangana Police: देश की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर नीति-निर्माताओं तक सभी को चौंका दिया है। माओवादी संगठन के सर्वोच्च नेता देवजी उर्फ तीपिरी तिरुपति ने अपने सोलह साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। दस करोड़ रुपये का इनाम लेकर चल रहे

बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक चरण का आरंभ रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने नक्सलवाद को देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि बस्तर में नक्सली आतंक के लिए अब आखिरी समय निकट आ चुका है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपए के इनामी दुर्दांत नक्सली हिड़मा, उसकी पत्नी समेत 6 कुख्यात नक्सलियों का मारे जाना, इस पथराए आतंक के अंत की सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कड़ी है। पाण्डेय ने दावा किया कि 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद का देश से पूर्णत: सफाया हो जाएगा और इस

बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक चरण का आरंभ रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने नक्सलवाद को देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि बस्तर में नक्सली आतंक के लिए अब आखिरी समय निकट आ चुका है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपए के इनामी दुर्दांत नक्सली हिड़मा, उसकी पत्नी समेत 6 कुख्यात नक्सलियों का मारे जाना, इस पथराए आतंक के अंत की सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कड़ी है। पाण्डेय ने दावा किया कि 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद का देश से पूर्णत: सफाया हो जाएगा और इस

विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में माओवादियों के खिलाफ बड़ा सुरक्षा अभियान जारी है। बुधवार को ताजा मुठभेड़ में 6 से 7 माओवादियों के मारे जाने की सूचना मिली है, जिनमें कई शीर्ष नेता शामिल होने की आशंका है। यह मुठभेड़ मेरेडुमिल्ली वन क्षेत्र में हुई, जहां मंगलवार को शीर्ष माओवादी कमांडर मदवी हिडमा, उनकी पत्नी और चार अन्य नक्सलियों को मार गिराया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मारे गए सभी माओवादी छत्तीसगढ़ के रहने वाले माने जा रहे हैं। लगातार दूसरे दिन मुठभेड़ मंगलवार की मुठभेड़ के दौरान 19 माओवादी भागने में सफल रहे थे

विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में माओवादियों के खिलाफ बड़ा सुरक्षा अभियान जारी है। बुधवार को ताजा मुठभेड़ में 6 से 7 माओवादियों के मारे जाने की सूचना मिली है, जिनमें कई शीर्ष नेता शामिल होने की आशंका है। यह मुठभेड़ मेरेडुमिल्ली वन क्षेत्र में हुई, जहां मंगलवार को शीर्ष माओवादी कमांडर मदवी हिडमा, उनकी पत्नी और चार अन्य नक्सलियों को मार गिराया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मारे गए सभी माओवादी छत्तीसगढ़ के रहने वाले माने जा रहे हैं। लगातार दूसरे दिन मुठभेड़ मंगलवार की मुठभेड़ के दौरान 19 माओवादी भागने में सफल रहे थे

राजनाथ सिंह बोले – ‘माओवादी आतंकवाद गिन रहा अंतिम सांसें’, 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद नई दिल्ली। पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता पर गहराई से विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अब ‘माओवादी आतंकवाद के अंतिम दौर’ में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार के संगठित प्रयासों से 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा — “जो क्षेत्र कभी रेड कॉरिडोर कहलाते थे, आज वे विकास कॉरिडोर बन चुके हैं। देश अब उस मोड़ पर है जहां

राजनाथ सिंह बोले – ‘माओवादी आतंकवाद गिन रहा अंतिम सांसें’, 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद नई दिल्ली। पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता पर गहराई से विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अब ‘माओवादी आतंकवाद के अंतिम दौर’ में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार के संगठित प्रयासों से 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा — “जो क्षेत्र कभी रेड कॉरिडोर कहलाते थे, आज वे विकास कॉरिडोर बन चुके हैं। देश अब उस मोड़ पर है जहां

हिंसा छोड़कर लौटे बस्तर के माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम नेता भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। सरकार, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन और जागरूक समाज के निरंतर प्रयासों का यह निर्णायक परिणाम है। शांति, संवाद और विकास पर केंद्रित प्रयासों ने कई कैडरों को सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह इन कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में शुक्रवार, 17 अक्टूबर

हिंसा छोड़कर लौटे बस्तर के माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम नेता भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। सरकार, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन और जागरूक समाज के निरंतर प्रयासों का यह निर्णायक परिणाम है। शांति, संवाद और विकास पर केंद्रित प्रयासों ने कई कैडरों को सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह इन कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में शुक्रवार, 17 अक्टूबर

बस्तर में अमित शाह का नक्सलियों को अंतिम संदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सलियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों को हथियार डालने होंगे, और इसके बाद किसी भी प्रकार की बातचीत की कोई संभावना नहीं होगी। अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “अब बात करने के लिए कुछ नहीं बचा” जगदलपुर में ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सव’ और ‘स्वदेशी मेला’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा,“अब बात करने की क्या बात

बस्तर में अमित शाह का नक्सलियों को अंतिम संदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सलियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों को हथियार डालने होंगे, और इसके बाद किसी भी प्रकार की बातचीत की कोई संभावना नहीं होगी। अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “अब बात करने के लिए कुछ नहीं बचा” जगदलपुर में ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सव’ और ‘स्वदेशी मेला’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा,“अब बात करने की क्या बात

रायपुर/29 सितंबर 2025। Amit Shah Naxalism: छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर Naxalism Controversy को लेकर गरमा गई है। गृहमंत्री Amit Shah के हालिया बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस बयान जारी कर आरोप लगाया कि अमित शाह राजनीतिक विद्वेष के चलते नक्सलवाद पर “गलत बयानी” कर रहे हैं। कांग्रेस का पलटवार सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तथ्यों से परे बयान नहीं देने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान

रायपुर/29 सितंबर 2025। Amit Shah Naxalism: छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर Naxalism Controversy को लेकर गरमा गई है। गृहमंत्री Amit Shah के हालिया बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस बयान जारी कर आरोप लगाया कि अमित शाह राजनीतिक विद्वेष के चलते नक्सलवाद पर “गलत बयानी” कर रहे हैं। कांग्रेस का पलटवार सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तथ्यों से परे बयान नहीं देने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान