
AI Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर विदेशी रोबोट को अपना इनोवेशन बताकर पेश करने का आरोप लगा। मामला इतना बढ़ गया कि समिट के आयोजकों ने सख्त कदम उठाते हुए यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया। बताया जा रहा है कि उनके स्टॉल से सभी उपकरण हटा लिए गए हैं और प्रदर्शन रोक दिया गया है। इस मामले में लेटेस्ट अपडेट: View this post on Instagram A post shared by Press Trust of India (PTI) (@ptinews_multimedia)

AI Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर विदेशी रोबोट को अपना इनोवेशन बताकर पेश करने का आरोप लगा। मामला इतना बढ़ गया कि समिट के आयोजकों ने सख्त कदम उठाते हुए यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया। बताया जा रहा है कि उनके स्टॉल से सभी उपकरण हटा लिए गए हैं और प्रदर्शन रोक दिया गया है। इस मामले में लेटेस्ट अपडेट: View this post on Instagram A post shared by Press Trust of India (PTI) (@ptinews_multimedia)

AI Impact Summit 2026 In New Delhi: नई दिल्ली में सोमवार को एक ऐतिहासिक घटना हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया। यह पहली बार है जब कोई ग्लोबल साउथ देश इतने बड़े AI सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ग्लोबल साउथ में पहली बार AI समिट भारत ने इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब ग्लोबल साउथ के किसी देश में AI पर वैश्विक शिखर सम्मेलन हो रहा है। ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बाद भारत चौथा देश बन गया है जो इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मेजबानी

AI Impact Summit 2026 In New Delhi: नई दिल्ली में सोमवार को एक ऐतिहासिक घटना हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया। यह पहली बार है जब कोई ग्लोबल साउथ देश इतने बड़े AI सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ग्लोबल साउथ में पहली बार AI समिट भारत ने इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब ग्लोबल साउथ के किसी देश में AI पर वैश्विक शिखर सम्मेलन हो रहा है। ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बाद भारत चौथा देश बन गया है जो इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मेजबानी

रोजे की शुरुआत और महत्व Ramadan 2026 fasting hours: इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना रमजान साल 2026 में 18 या 19 फरवरी से शुरू होने वाला है। इसकी शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है। यह महीना 29 या 30 दिनों तक चलता है। इस दौरान दुनियाभर के मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं। रोजे की अवधि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 15 घंटे तक होती है। मुसलमानों का मानना है कि रमजान वह महीना है जब 1400 साल पहले पैगंबर मुहम्मद पर कुरान की पहली आयतें नाजिल हुई थीं। इस पवित्र महीने में रोजा

रोजे की शुरुआत और महत्व Ramadan 2026 fasting hours: इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना रमजान साल 2026 में 18 या 19 फरवरी से शुरू होने वाला है। इसकी शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है। यह महीना 29 या 30 दिनों तक चलता है। इस दौरान दुनियाभर के मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं। रोजे की अवधि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 15 घंटे तक होती है। मुसलमानों का मानना है कि रमजान वह महीना है जब 1400 साल पहले पैगंबर मुहम्मद पर कुरान की पहली आयतें नाजिल हुई थीं। इस पवित्र महीने में रोजा

भारत का विकास स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन का अवसर नई दिल्ली, 31 अक्तूबर। विश्वप्रसिद्ध मेडिकल पत्रिका ‘द लैंसेट’ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी तेज़ आर्थिक प्रगति और तकनीकी क्षमता के बल पर अब कोयले पर निर्भरता घटाकर स्वच्छ और सस्ती अक्षय ऊर्जा की दिशा में बड़ा परिवर्तन कर सकता है।लैंसेट काउंटडाउन की कार्यकारी निदेशक डॉ. मरिना बेलन रोमानेलो ने कहा कि यदि भारत इस दिशा में ठोस निवेश करे तो यह न केवल प्रदूषण से होने वाली मौतों को घटा सकता है, बल्कि लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को भी सुधार सकता है।

भारत का विकास स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन का अवसर नई दिल्ली, 31 अक्तूबर। विश्वप्रसिद्ध मेडिकल पत्रिका ‘द लैंसेट’ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी तेज़ आर्थिक प्रगति और तकनीकी क्षमता के बल पर अब कोयले पर निर्भरता घटाकर स्वच्छ और सस्ती अक्षय ऊर्जा की दिशा में बड़ा परिवर्तन कर सकता है।लैंसेट काउंटडाउन की कार्यकारी निदेशक डॉ. मरिना बेलन रोमानेलो ने कहा कि यदि भारत इस दिशा में ठोस निवेश करे तो यह न केवल प्रदूषण से होने वाली मौतों को घटा सकता है, बल्कि लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को भी सुधार सकता है।

सीबीएसई ने घोषित की वर्ष 2026 की दसवीं बोर्ड परीक्षा तिथियाँ नई दिल्ली।केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने वर्ष 2026 की दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि यह परीक्षाएँ 17 फरवरी से प्रारंभ होकर 10 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएँगी। देशभर के लाखों विद्यार्थी इस सूचना का लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे। इस घोषणा के साथ ही अब विद्यालयों और विद्यार्थियों में तैयारियों की गति और अधिक तेज़ हो गई है। परीक्षा की रूपरेखा और समय-सारिणी का प्रारूप सीबीएसई द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार,

सीबीएसई ने घोषित की वर्ष 2026 की दसवीं बोर्ड परीक्षा तिथियाँ नई दिल्ली।केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने वर्ष 2026 की दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि यह परीक्षाएँ 17 फरवरी से प्रारंभ होकर 10 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएँगी। देशभर के लाखों विद्यार्थी इस सूचना का लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे। इस घोषणा के साथ ही अब विद्यालयों और विद्यार्थियों में तैयारियों की गति और अधिक तेज़ हो गई है। परीक्षा की रूपरेखा और समय-सारिणी का प्रारूप सीबीएसई द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार,