
जीएसटी कटौती से आम आदमी को मिली राहत नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी दरों में कटौती के बाद रोजमर्रा की 54 वस्तुओं के दाम में 6 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस कदम से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है और उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है। कटौती का प्रभाव और शामिल वस्तुएँ इन 54 वस्तुओं में बटर-घी, टूथब्रश, शैंपू, छाता, खिलौने, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आइटम शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, कटौती के बाद इन वस्तुओं की

जीएसटी कटौती से आम आदमी को मिली राहत नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी दरों में कटौती के बाद रोजमर्रा की 54 वस्तुओं के दाम में 6 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस कदम से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है और उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है। कटौती का प्रभाव और शामिल वस्तुएँ इन 54 वस्तुओं में बटर-घी, टूथब्रश, शैंपू, छाता, खिलौने, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आइटम शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, कटौती के बाद इन वस्तुओं की

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2025 (PIB रिपोर्ट):करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राहत देते हुए Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने घोषणा की है कि Assessment Year 2025-26 के लिए Tax Audit Report (TAR) filing की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 कर दी गई है। यह निर्णय देशभर में करदाताओं और पेशेवर संगठनों की ओर से मिली Representations और High Courts में दायर याचिकाओं के बाद लिया गया। वेब स्टोरी: क्यों बढ़ाई गई Deadline? CBDT को कई Chartered Accountant Associations और Tax Practitioner Bodies ने अनुरोध भेजे थे, जिनमें कहा गया था कि: हाल ही में

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2025 (PIB रिपोर्ट):करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राहत देते हुए Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने घोषणा की है कि Assessment Year 2025-26 के लिए Tax Audit Report (TAR) filing की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 कर दी गई है। यह निर्णय देशभर में करदाताओं और पेशेवर संगठनों की ओर से मिली Representations और High Courts में दायर याचिकाओं के बाद लिया गया। वेब स्टोरी: क्यों बढ़ाई गई Deadline? CBDT को कई Chartered Accountant Associations और Tax Practitioner Bodies ने अनुरोध भेजे थे, जिनमें कहा गया था कि: हाल ही में