
पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त: क्या आज आएंगे किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये? नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 21वीं किस्त का इंतजार देशभर के किसानों को लंबे समय से है। यह योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत हर पात्र किसान को सालाना ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। अब किसानों का यह इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। सरकार नवंबर 2025 के पहले हफ्ते में, बिहार चुनाव से पहले, 21वीं किस्त जारी करने की

पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त: क्या आज आएंगे किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये? नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 21वीं किस्त का इंतजार देशभर के किसानों को लंबे समय से है। यह योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत हर पात्र किसान को सालाना ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। अब किसानों का यह इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। सरकार नवंबर 2025 के पहले हफ्ते में, बिहार चुनाव से पहले, 21वीं किस्त जारी करने की

पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त पर किसानों की नजरें, दिवाली पर नहीं मिला लाभ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) के लाभार्थी किसानों के लिए इस बार दिवाली उम्मीदों से भरी जरूर थी, लेकिन खुशियों की जगह इंतजार ने जगह ले ली। देशभर के करोड़ों किसान भाइयों को 20 अक्टूबर को योजना की 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार था, परंतु शाम तक भी उनके खातों में 2-2 हजार रुपये नहीं पहुंचे। जहां कुछ राज्यों में 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई, वहीं अन्य में 21 अक्टूबर को। दोनों दिन बैंक अवकाश के कारण लेन-देन प्रभावित

पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त पर किसानों की नजरें, दिवाली पर नहीं मिला लाभ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) के लाभार्थी किसानों के लिए इस बार दिवाली उम्मीदों से भरी जरूर थी, लेकिन खुशियों की जगह इंतजार ने जगह ले ली। देशभर के करोड़ों किसान भाइयों को 20 अक्टूबर को योजना की 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार था, परंतु शाम तक भी उनके खातों में 2-2 हजार रुपये नहीं पहुंचे। जहां कुछ राज्यों में 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई, वहीं अन्य में 21 अक्टूबर को। दोनों दिन बैंक अवकाश के कारण लेन-देन प्रभावित