
देश में श्रम कानून को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AIUTUC समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम कोड रद्द करने की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इस बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर कई अहम मुद्दे चर्चा में हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और तृणमूल नेता अभिषेक बंद्योपाध्याय के बीच तीखी नोकझोंक से लेकर बेलडांगा हिंसा मामले में NIA जांच तक, राज्य की राजनीति गर्म है। देशव्यापी हड़ताल का असर कितना होगा

देश में श्रम कानून को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AIUTUC समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम कोड रद्द करने की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इस बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर कई अहम मुद्दे चर्चा में हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और तृणमूल नेता अभिषेक बंद्योपाध्याय के बीच तीखी नोकझोंक से लेकर बेलडांगा हिंसा मामले में NIA जांच तक, राज्य की राजनीति गर्म है। देशव्यापी हड़ताल का असर कितना होगा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र में बूथ स्तर पर काम कर रहे पार्टी कर्मचारियों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया और उनकी मेहनत की सराहना की। राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़ाव नितिन गडकरी ने इस मुलाकात में बूथ कर्मचारियों को पार्टी की रीढ़ की हड्डी बताया। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम होती है। बिना उनकी मेहनत और समर्पण के कोई भी राजनीतिक दल आगे नहीं बढ़ सकता। गडकरी ने कार्यकर्ताओं से कहा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र में बूथ स्तर पर काम कर रहे पार्टी कर्मचारियों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया और उनकी मेहनत की सराहना की। राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़ाव नितिन गडकरी ने इस मुलाकात में बूथ कर्मचारियों को पार्टी की रीढ़ की हड्डी बताया। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम होती है। बिना उनकी मेहनत और समर्पण के कोई भी राजनीतिक दल आगे नहीं बढ़ सकता। गडकरी ने कार्यकर्ताओं से कहा

एक बोलेरो पिकअप वाहन के हादसे ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। जब यह वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तो उसमें से 300 पेटी शराब बरामद हुई। यह घटना ऐसे समय में हुई जब चुनाव का माहौल गर्म है। मुन्ना यादव के कार्यकर्ता जब हादसे की जगह पर मदद के लिए पहुंचे, तो उन्हें वाहन के अंदर भारी मात्रा में शराब मिली। इसके बाद से ही इस मामले को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह शराब चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच बांटने के लिए ले जाई जा रही थी। हालांकि वाहन मालिक

एक बोलेरो पिकअप वाहन के हादसे ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। जब यह वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तो उसमें से 300 पेटी शराब बरामद हुई। यह घटना ऐसे समय में हुई जब चुनाव का माहौल गर्म है। मुन्ना यादव के कार्यकर्ता जब हादसे की जगह पर मदद के लिए पहुंचे, तो उन्हें वाहन के अंदर भारी मात्रा में शराब मिली। इसके बाद से ही इस मामले को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह शराब चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच बांटने के लिए ले जाई जा रही थी। हालांकि वाहन मालिक

प्रभाग 10 के कुतुबशाह नगर में आज 14 जनवरी को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। महाराष्ट्र के जाने-माने नेता चंद्रशेखर बाबावनखुडे अपने चारों उम्मीदवारों के साथ इस इलाके में चुनाव प्रचार करते हुए नजर आए। लेकिन इस दौरान जो कुछ हुआ, वह आने वाले चुनावों की तस्वीर साफ कर देता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबावनखुडे साहब और उनके साथी लोगों को पैसा बांटकर और तरह-तरह के झूठे वादे करके उन्हें अपनी ओर लुभाने की कोशिश कर रहे थे। यह देखकर कांग्रेस पार्टी के प्रभाग 10 से उम्मीदवार प्रमोद सिंह ठाकुर ने तुरंत कार्रवाई की और एक जोरदार

प्रभाग 10 के कुतुबशाह नगर में आज 14 जनवरी को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। महाराष्ट्र के जाने-माने नेता चंद्रशेखर बाबावनखुडे अपने चारों उम्मीदवारों के साथ इस इलाके में चुनाव प्रचार करते हुए नजर आए। लेकिन इस दौरान जो कुछ हुआ, वह आने वाले चुनावों की तस्वीर साफ कर देता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबावनखुडे साहब और उनके साथी लोगों को पैसा बांटकर और तरह-तरह के झूठे वादे करके उन्हें अपनी ओर लुभाने की कोशिश कर रहे थे। यह देखकर कांग्रेस पार्टी के प्रभाग 10 से उम्मीदवार प्रमोद सिंह ठाकुर ने तुरंत कार्रवाई की और एक जोरदार

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शमिक भट्टाचार्य के राज्य अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने अपनी नई टीम का ऐलान किया है। इस नई व्यवस्था में कुल 12 उपाध्यक्षों और 5 सह सचिवों को जगह दी गई है। यह फेरबदल पार्टी की रणनीति में एक नया मोड़ साबित हो सकता है। पार्टी ने अपनी नई कमेटी में कई अनुभवी और युवा चेहरों को शामिल किया है। इस बदलाव का मकसद संगठन को और मजबूत बनाना और आने वाले चुनावों के लिए तैयारी करना है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शमिक भट्टाचार्य के राज्य अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने अपनी नई टीम का ऐलान किया है। इस नई व्यवस्था में कुल 12 उपाध्यक्षों और 5 सह सचिवों को जगह दी गई है। यह फेरबदल पार्टी की रणनीति में एक नया मोड़ साबित हो सकता है। पार्टी ने अपनी नई कमेटी में कई अनुभवी और युवा चेहरों को शामिल किया है। इस बदलाव का मकसद संगठन को और मजबूत बनाना और आने वाले चुनावों के लिए तैयारी करना है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल

बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। देश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्तमान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अनुकूल माहौल नहीं है। पार्टी ने अंतरिम सरकार के एक वर्ग पर किसी खास राजनीतिक दल का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया है। यह बयान 12 फरवरी को होने वाले महत्वपूर्ण आम चुनाव से ठीक पहले आया है, जो देश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। जमात की उच्च स्तरीय बैठक में क्या हुआ सोमवार

बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। देश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्तमान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अनुकूल माहौल नहीं है। पार्टी ने अंतरिम सरकार के एक वर्ग पर किसी खास राजनीतिक दल का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया है। यह बयान 12 फरवरी को होने वाले महत्वपूर्ण आम चुनाव से ठीक पहले आया है, जो देश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। जमात की उच्च स्तरीय बैठक में क्या हुआ सोमवार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री और मतुआ समुदाय के धर्मगुरु शांतनु ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शांतनु ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अभिषेक बनर्जी पुलिस बल के साथ ठाकुरबाड़ी आए तो उन्हें पूजा करने नहीं दी जाएगी। तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की थी कि अभिषेक बनर्जी आगामी 9 जनवरी को ठाकुरबाड़ी आएंगे। इसी घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने पलटवार करते हुए यह चेतावनी दी है। यह विवाद सिर्फ राजनीतिक नहीं

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री और मतुआ समुदाय के धर्मगुरु शांतनु ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शांतनु ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अभिषेक बनर्जी पुलिस बल के साथ ठाकुरबाड़ी आए तो उन्हें पूजा करने नहीं दी जाएगी। तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की थी कि अभिषेक बनर्जी आगामी 9 जनवरी को ठाकुरबाड़ी आएंगे। इसी घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने पलटवार करते हुए यह चेतावनी दी है। यह विवाद सिर्फ राजनीतिक नहीं

महाराष्ट्र के कांजी हाउस मंडी इलाके में हाल ही में एक गंभीर घटना सामने आई है जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के झंडे जलाए गए। इस घटना ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना का विवरण सूत्रों के अनुसार, कांजी हाउस मंडी इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के झंडे उतारकर जला दिए। यह घटना देर शाम के समय हुई जब इलाके में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे।

महाराष्ट्र के कांजी हाउस मंडी इलाके में हाल ही में एक गंभीर घटना सामने आई है जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के झंडे जलाए गए। इस घटना ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना का विवरण सूत्रों के अनुसार, कांजी हाउस मंडी इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के झंडे उतारकर जला दिए। यह घटना देर शाम के समय हुई जब इलाके में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे।

महाराष्ट्र की राजनीतिक राजधानी नागपुर में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के शहर इकाई में 30 वर्षों से महासचिव के पद पर कार्यरत परमेश्वर राऊत ने आगामी नागपुर महानगरपालिका चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यह घटना कांग्रेस के आंतरिक संगठन और पुराने कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े करती है। 30 साल की सेवा और समर्पण की कहानी परमेश्वर राऊत ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे को लिखे अपने इस्तीफे में बताया कि उन्होंने पिछले 25 से 30 वर्षों तक बिना किसी व्यक्तिगत अपेक्षा के पार्टी की सेवा

महाराष्ट्र की राजनीतिक राजधानी नागपुर में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के शहर इकाई में 30 वर्षों से महासचिव के पद पर कार्यरत परमेश्वर राऊत ने आगामी नागपुर महानगरपालिका चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यह घटना कांग्रेस के आंतरिक संगठन और पुराने कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े करती है। 30 साल की सेवा और समर्पण की कहानी परमेश्वर राऊत ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे को लिखे अपने इस्तीफे में बताया कि उन्होंने पिछले 25 से 30 वर्षों तक बिना किसी व्यक्तिगत अपेक्षा के पार्टी की सेवा

बजरिया प्रभाग 19 में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ता दिनेश पापा यादव ने 350 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा छोड़ने का फैसला किया है। यह घटना पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और टिकट वितरण को लेकर नाराजगी को दर्शाती है। दिनेश पापा यादव ने कहा कि उन्होंने 6 वर्ष की उम्र से आरएसएस की सेवा शुरू की और पिछले 40 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। लेकिन जब पार्टी टिकट देने की बारी आई तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। इससे आहत

बजरिया प्रभाग 19 में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ता दिनेश पापा यादव ने 350 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा छोड़ने का फैसला किया है। यह घटना पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और टिकट वितरण को लेकर नाराजगी को दर्शाती है। दिनेश पापा यादव ने कहा कि उन्होंने 6 वर्ष की उम्र से आरएसएस की सेवा शुरू की और पिछले 40 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। लेकिन जब पार्टी टिकट देने की बारी आई तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। इससे आहत

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। कोडीन सिरप मामले में तस्वीरों को लेकर विवाद के बीच अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति माफिया है तो उनकी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ भी मौजूद है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के माध्यम से भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ दूसरों पर आरोप लगाने में विश्वास रखती है। तस्वीरों के विवाद पर अखिलेश का पलटवार समाजवादी पार्टी के प्रमुख

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। कोडीन सिरप मामले में तस्वीरों को लेकर विवाद के बीच अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति माफिया है तो उनकी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ भी मौजूद है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के माध्यम से भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ दूसरों पर आरोप लगाने में विश्वास रखती है। तस्वीरों के विवाद पर अखिलेश का पलटवार समाजवादी पार्टी के प्रमुख

बांग्लादेश में चल रहे हालात को लेकर भारत में रह रहे उन लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है जिनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पड़ोसी देश में रहते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। एक तरफ राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में बिगड़ते हालात ने कई परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। मालदा के परिवारों में बढ़ती बेचैनी पुराना मालदा की रहने वाली जयंती मंडल इन दिनों बहुत परेशान हैं। उनके माता-पिता

बांग्लादेश में चल रहे हालात को लेकर भारत में रह रहे उन लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है जिनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पड़ोसी देश में रहते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। एक तरफ राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में बिगड़ते हालात ने कई परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। मालदा के परिवारों में बढ़ती बेचैनी पुराना मालदा की रहने वाली जयंती मंडल इन दिनों बहुत परेशान हैं। उनके माता-पिता

विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी कार्यालय में इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार की प्रक्रिया लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। यह प्रक्रिया बेहद सुनियोजित तरीके से चल रही है, जिसमें हर इच्छुक प्रत्याशी को अपनी योग्यता और क्षमता साबित करने का मौका मिल रहा है। पार्टी नेतृत्व इस बार चुनावी रणनीति को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहा है। उम्मीदवारों के चयन में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा रही है। हर प्रत्याशी की पृष्ठभूमि, जनाधार, संगठनात्मक कार्य और पार्टी के

विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी कार्यालय में इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार की प्रक्रिया लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। यह प्रक्रिया बेहद सुनियोजित तरीके से चल रही है, जिसमें हर इच्छुक प्रत्याशी को अपनी योग्यता और क्षमता साबित करने का मौका मिल रहा है। पार्टी नेतृत्व इस बार चुनावी रणनीति को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहा है। उम्मीदवारों के चयन में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा रही है। हर प्रत्याशी की पृष्ठभूमि, जनाधार, संगठनात्मक कार्य और पार्टी के

बादुड़िया के चतरा ग्राम पंचायत के 15 नंबर बूथ में एक अजीब घटना सामने आई है। जहां सात असली और वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। ये सभी लोग 2002 से मतदाता सूची में शामिल हैं और हमेशा अपने घरों में रहते हैं। फिर भी उनके नाम हटा दिए गए, जिससे इन परिवारों में गहरी चिंता और बेचैनी फैल गई है। जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं उनमें दुलाल मृधा, यारुन बीबी, सोमा स्वर्णकार, शिखा मंडल, मीरा चक्रवर्ती सहित कुल सात लोग शामिल हैं। सभी एक ही बूथ के मतदाता हैं और सभी के

बादुड़िया के चतरा ग्राम पंचायत के 15 नंबर बूथ में एक अजीब घटना सामने आई है। जहां सात असली और वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। ये सभी लोग 2002 से मतदाता सूची में शामिल हैं और हमेशा अपने घरों में रहते हैं। फिर भी उनके नाम हटा दिए गए, जिससे इन परिवारों में गहरी चिंता और बेचैनी फैल गई है। जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं उनमें दुलाल मृधा, यारुन बीबी, सोमा स्वर्णकार, शिखा मंडल, मीरा चक्रवर्ती सहित कुल सात लोग शामिल हैं। सभी एक ही बूथ के मतदाता हैं और सभी के

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर बीजेपी विधायक स्वपन मजूमदार विवादित बयान देकर चर्चा में आ गए हैं। बनगांव दक्षिण से बीजेपी विधायक स्वपन मजूमदार ने एक सार्वजनिक सभा में पुलिस को डंडे से पीटने का खुलेआम निर्देश दिया है। साथ ही तृणमूल कांग्रेस पर हमला करते हुए बदले और बदलाव की धमकी भी दी है। गुरुवार शाम को उत्तर 24 परगना के गाईघाटा थाना क्षेत्र के चांदपाड़ा बाजार में बीजेपी की ओर से परिवर्तन सभा के नाम से एक रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली को संबोधित करते हुए विधायक स्वपन मजूमदार ने जनता से कहा कि

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर बीजेपी विधायक स्वपन मजूमदार विवादित बयान देकर चर्चा में आ गए हैं। बनगांव दक्षिण से बीजेपी विधायक स्वपन मजूमदार ने एक सार्वजनिक सभा में पुलिस को डंडे से पीटने का खुलेआम निर्देश दिया है। साथ ही तृणमूल कांग्रेस पर हमला करते हुए बदले और बदलाव की धमकी भी दी है। गुरुवार शाम को उत्तर 24 परगना के गाईघाटा थाना क्षेत्र के चांदपाड़ा बाजार में बीजेपी की ओर से परिवर्तन सभा के नाम से एक रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली को संबोधित करते हुए विधायक स्वपन मजूमदार ने जनता से कहा कि

कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता राशिद अल्वी ने हाल ही में अपनी ही पार्टी के संगठनात्मक हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने खुलकर कहा कि कांग्रेस का संगठन कमजोर हो गया है और इसके लिए सीधे तौर पर पार्टी की लीडरशिप जिम्मेदार है। अल्वी का यह बयान कांग्रेस के भीतरी मामलों पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है। उनके मुताबिक चुनावी तैयारियों के मामले में कांग्रेस भाजपा से कहीं पीछे है और पार्टी की मेहनत जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रही है। राशिद अल्वी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर

कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता राशिद अल्वी ने हाल ही में अपनी ही पार्टी के संगठनात्मक हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने खुलकर कहा कि कांग्रेस का संगठन कमजोर हो गया है और इसके लिए सीधे तौर पर पार्टी की लीडरशिप जिम्मेदार है। अल्वी का यह बयान कांग्रेस के भीतरी मामलों पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है। उनके मुताबिक चुनावी तैयारियों के मामले में कांग्रेस भाजपा से कहीं पीछे है और पार्टी की मेहनत जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रही है। राशिद अल्वी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर

PM Modi Varanasi Visit: प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी दौरा: बरेका में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी में अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल पार्टी के कार्यों की समीक्षा की, बल्कि अपनी सरकार के द्वारा किए गए विकास कार्यों की भी जानकारी दी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य वाराणसी और बिहार के नागरिकों के लिए सरकार की योजनाओं को प्रचारित करना था। पार्टी कार्यकर्ताओं से बैठक का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य पार्टी

PM Modi Varanasi Visit: प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी दौरा: बरेका में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी में अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल पार्टी के कार्यों की समीक्षा की, बल्कि अपनी सरकार के द्वारा किए गए विकास कार्यों की भी जानकारी दी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य वाराणसी और बिहार के नागरिकों के लिए सरकार की योजनाओं को प्रचारित करना था। पार्टी कार्यकर्ताओं से बैठक का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य पार्टी

सिद्धरामैया ने अटकलों पर जताई कड़ी प्रतिक्रिया बेंगलुरु, 31 अक्टूबर 2025: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद पर संभावित बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर पत्रकार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। जब एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या उनके डिप्टी डी के शिवकुमार नवंबर में मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं, तो सिद्धरामैया ने सवाल को झटका देते हुए खारिज कर दिया। “क्या उन्होंने आपको बताया? आपने कैसे जाना?” मुख्यमंत्री ने कहा। जब पत्रकार ने जवाब दिया कि उन्होंने यह समाचारपत्र में पढ़ा, तो सिद्धरामैया ने कहा, “आप इसे समाचारपत्र में कैसे देख सकते हैं? कौन सा

सिद्धरामैया ने अटकलों पर जताई कड़ी प्रतिक्रिया बेंगलुरु, 31 अक्टूबर 2025: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद पर संभावित बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर पत्रकार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। जब एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या उनके डिप्टी डी के शिवकुमार नवंबर में मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं, तो सिद्धरामैया ने सवाल को झटका देते हुए खारिज कर दिया। “क्या उन्होंने आपको बताया? आपने कैसे जाना?” मुख्यमंत्री ने कहा। जब पत्रकार ने जवाब दिया कि उन्होंने यह समाचारपत्र में पढ़ा, तो सिद्धरामैया ने कहा, “आप इसे समाचारपत्र में कैसे देख सकते हैं? कौन सा

झारखंड में भाजपा के बंद का प्रभाव सामान्य रहा Chaibasa/Seraikela, 29 अक्टूबर (PTI) – झारखंड भाजपा द्वारा आदिवासियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में तीन जिलों में 12 घंटे के लिए आहूत बंद का बुधवार को सामान्य असर देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल, कार्यालय और व्यवसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे और वाहनों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आई। बंद को लागू करने के प्रयास विफल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भाजपा समर्थकों ने क्षेत्र में बंद लागू करने के लिए रैली निकाली, लेकिन उनके प्रयास विफल रहे। वेस्ट सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा,

झारखंड में भाजपा के बंद का प्रभाव सामान्य रहा Chaibasa/Seraikela, 29 अक्टूबर (PTI) – झारखंड भाजपा द्वारा आदिवासियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में तीन जिलों में 12 घंटे के लिए आहूत बंद का बुधवार को सामान्य असर देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल, कार्यालय और व्यवसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे और वाहनों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आई। बंद को लागू करने के प्रयास विफल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भाजपा समर्थकों ने क्षेत्र में बंद लागू करने के लिए रैली निकाली, लेकिन उनके प्रयास विफल रहे। वेस्ट सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा,

पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम का इस्तीफा: राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ़ फिरोज़ अहमद ने जनता दल (यू) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। पुष्करपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह ऐतिहासिक निर्णय सार्वजनिक किया। खुर्शीद आलम ने अपने इस्तीफे के पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी में रहते हुए कई वर्षों तक मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम किया और गहरे संबंध बनाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि

पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम का इस्तीफा: राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ़ फिरोज़ अहमद ने जनता दल (यू) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। पुष्करपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह ऐतिहासिक निर्णय सार्वजनिक किया। खुर्शीद आलम ने अपने इस्तीफे के पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी में रहते हुए कई वर्षों तक मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम किया और गहरे संबंध बनाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि