त्योहार का आखिरी दिन हमेशा से ही खास होता है। लोग पूरे जोश और उत्साह के साथ इस दिन का इंतजार करते हैं। लेकिन इस बार जो हुआ वह बेहद निराशाजनक रहा। उत्सव के अंतिम दिन पास नहीं मिलने की वजह से सैकड़ों दर्शकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी कोई नतीजा नहीं मिला। इस घटना ने आयोजकों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और दर्शकों में गुस्सा और असंतोष का माहौल बन गया है। सुबह से शाम तक इंतजार, फिर भी खाली हाथ सुबह