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Raghunathpur Election

Bihar Election 2025: सिवान में अखिलेश यादव का हमला — “एनडीए ने महंगाई और अराजकता फैलाई, ‘एक रंगा पड़ोसी’ को बहुरंगी लोग पसंद नहीं”

Bihar Elections: सिवान में अखिलेश यादव का वार — बोले, “एक रंगा पड़ोसी बहुरंगी लोगों को पसंद नहीं करते”, एनडीए पर महंगाई और अराजकता फैलाने का आरोप

Bihar Election: सिवान में अखिलेश यादव का गरजना, “एनडीए ने महंगाई और अराजकता फैलाई, ‘एक रंगा पड़ोसी’ को बहुरंगी लोग पसंद नहीं” रघुनाथपुर (सिवान), 3 नवंबर 2025:बिहार विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को सिवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के हुसैनगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “एनडीए सरकार में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अराजकता बढ़ी है। जो लोग 15 साल का हिसाब मांग रहे हैं, वे अपने 20 साल का जवाब नहीं दे पा रहे।”अखिलेश ने

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Raghunathpur Election 2025: विकास बनाम विरासत की राजनीति, जनता किस पर करेगी भरोसा?

Raghunathpur Election: विकास का चेहरा बनाम विरासत की छाया — जनता के फैसले की घड़ी नजदीक

रघुनाथपुर की सियासी जंग: विकास की नीति बनाम विरासत की राजनीति आकाश श्रीवास्तव(सबएडिटर राष्ट्र भारत,बिहार)। लोकतंत्र के इस महापर्व में रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर से राजनीतिक रणभूमि में तब्दील हो गया है। यहां का मुकाबला केवल दो प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं के बीच है — एक ओर विकास की राजनीति का प्रतीक बन चुके एनडीए प्रत्याशी विकास कुमार सिंह उर्फ जिशु सिंह हैं, तो दूसरी ओर विरासत की राजनीति का चेहरा माने जा रहे आरजेडी उम्मीदवार ओसामा शहाबुद्दीन। जनता का मूड: अब विकास चाहिए, वादे नहीं ग्रामीण चौपालों से लेकर नगर पंचायत के बाजारों तक,

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Raghunathpur Assembly Seat

रघुनाथपुर की सियासत में आमने-सामने की जंग — “विकास बनाम विरासत”, NDA की जमीनी ताकत से टकराई RJD की पुरानी पकड़!

रघुनाथपुर में सियासत की नई पटकथा — विकास बनाम विरासत की लड़ाई बिहार की राजनीति में सिवान की रघुनाथपुर विधानसभा सीट इस बार फिर सुर्खियों में है। यह सीट हमेशा से सत्ता समीकरणों की दिशा तय करती आई है। लेकिन 2025 का चुनावी माहौल कुछ अलग है — यहां मुकाबला केवल दलों का नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं का बन गया है — “विकास बनाम विरासत”।एक ओर NDA अपने स्थानीय कनेक्शन और संगठन की मज़बूती पर भरोसा जता रहा है, तो दूसरी तरफ़ RJD “विरासत” और भावनात्मक जुड़ाव के सहारे मैदान में है। तीसरे मोर्चे के रूप में जनसुराज पार्टी ने

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