
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस बार मुद्दा है अयोध्या में भव्य राम मंदिर में हुआ ध्वजारोहण कार्यक्रम। जब पाकिस्तान ने इस पवित्र कार्यक्रम पर अपनी अनावश्यक टिप्पणी की तो भारत ने उसे करारा जवाब दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि जिस देश का खुद का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद खराब है, उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई हक नहीं है। यह घटना तब सामने आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर पर भगवा ध्वज फहराया। यह ऐतिहासिक पल था जो सदियों की

भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस बार मुद्दा है अयोध्या में भव्य राम मंदिर में हुआ ध्वजारोहण कार्यक्रम। जब पाकिस्तान ने इस पवित्र कार्यक्रम पर अपनी अनावश्यक टिप्पणी की तो भारत ने उसे करारा जवाब दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि जिस देश का खुद का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद खराब है, उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई हक नहीं है। यह घटना तब सामने आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर पर भगवा ध्वज फहराया। यह ऐतिहासिक पल था जो सदियों की

अयोध्या राम मंदिर पर धर्मध्वज फहराने का ऐतिहासिक क्षण अयोध्या की पवित्र भूमि पर मंगलवार का दिन इतिहास बन गया। सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या के राम मंदिर के ऊंचे शिखर पर धर्मध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बटन दबाते ही राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज लहराने लगा, और यह दृश्य देखते ही पूरा संत समाज भावुक हो उठा। जिस क्षण यह ध्वज फहरा, उसी क्षण वर्षों का संघर्ष, आस्था और प्रतीक्षा एक साथ साकार हो गई। मंदिर का धवजारोहण केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सनातन आस्था का गौरवपूर्ण प्रतीक बन गया। आज अयोध्या नगरी भारत

अयोध्या राम मंदिर पर धर्मध्वज फहराने का ऐतिहासिक क्षण अयोध्या की पवित्र भूमि पर मंगलवार का दिन इतिहास बन गया। सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या के राम मंदिर के ऊंचे शिखर पर धर्मध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बटन दबाते ही राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज लहराने लगा, और यह दृश्य देखते ही पूरा संत समाज भावुक हो उठा। जिस क्षण यह ध्वज फहरा, उसी क्षण वर्षों का संघर्ष, आस्था और प्रतीक्षा एक साथ साकार हो गई। मंदिर का धवजारोहण केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सनातन आस्था का गौरवपूर्ण प्रतीक बन गया। आज अयोध्या नगरी भारत