
Mohan Bhagwat: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कल सोमवार को एक अहम फैसले में उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को दी जा रही जेड-प्लस सुरक्षा की लागत उनसे वसूलने की मांग की गई थी। अदालत ने न सिर्फ याचिका को खारिज किया, बल्कि याचिकाकर्ता की मंशा पर भी गंभीर सवाल उठाए, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अदालत ने क्या कहा ? मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अनिल किलोर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि यह याचिका उचित आधार पर

Mohan Bhagwat: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कल सोमवार को एक अहम फैसले में उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को दी जा रही जेड-प्लस सुरक्षा की लागत उनसे वसूलने की मांग की गई थी। अदालत ने न सिर्फ याचिका को खारिज किया, बल्कि याचिकाकर्ता की मंशा पर भी गंभीर सवाल उठाए, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अदालत ने क्या कहा ? मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अनिल किलोर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि यह याचिका उचित आधार पर

Mohan Bhagwat Ranchi Visit: रांची के डीबडीह इलाके में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शिरकत की। यह कार्यक्रम जनजातीय समाज के साथ संवाद के लिए खास तौर पर रखा गया था। झारखंड के अलग-अलग जिलों से आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और सम्मानित लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मोहन भागवत जी ने भारत माता के चित्र पर फूल चढ़ाकर और दीप जलाकर की। इस मौके पर राज्य के 32 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि और समाज से जुड़े लोग मौजूद

Mohan Bhagwat Ranchi Visit: रांची के डीबडीह इलाके में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शिरकत की। यह कार्यक्रम जनजातीय समाज के साथ संवाद के लिए खास तौर पर रखा गया था। झारखंड के अलग-अलग जिलों से आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और सम्मानित लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मोहन भागवत जी ने भारत माता के चित्र पर फूल चढ़ाकर और दीप जलाकर की। इस मौके पर राज्य के 32 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि और समाज से जुड़े लोग मौजूद

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित युवा उद्यमी संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज के समय में प्रौद्योगिकी के सही उपयोग पर महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी आज की जरूरत है लेकिन हमें इसका दास नहीं बनना चाहिए। संघ शताब्दी वर्ष के विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विचारवान और प्रभावशाली लोगों से सीधा संवाद किया गया। प्रौद्योगिकी और स्वदेशी में कोई विरोध नहीं डॉ. भागवत जी ने युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में प्रौद्योगिकी एक अपरिहार्य आवश्यकता बन गई है।

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित युवा उद्यमी संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज के समय में प्रौद्योगिकी के सही उपयोग पर महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी आज की जरूरत है लेकिन हमें इसका दास नहीं बनना चाहिए। संघ शताब्दी वर्ष के विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विचारवान और प्रभावशाली लोगों से सीधा संवाद किया गया। प्रौद्योगिकी और स्वदेशी में कोई विरोध नहीं डॉ. भागवत जी ने युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में प्रौद्योगिकी एक अपरिहार्य आवश्यकता बन गई है।

नागपुर महानगरपालिका चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ मोहन भागवत ने आज सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने महाल क्षेत्र में स्थित नागपुर नाइट हाई स्कूल के मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। लोकतंत्र में मतदान का महत्व डॉ मोहन भागवत ने मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के महत्व पर विशेष जोर दिया।

नागपुर महानगरपालिका चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ मोहन भागवत ने आज सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने महाल क्षेत्र में स्थित नागपुर नाइट हाई स्कूल के मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। लोकतंत्र में मतदान का महत्व डॉ मोहन भागवत ने मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के महत्व पर विशेष जोर दिया।

नागपुर में सुबह-सुबह मतदान केंद्र पर पहुंचे आरएसएस प्रमुख नागपुर शहर में चुनाव के दिन सुबह बहुत जल्दी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मतदान केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले अपना वोट डाला और लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। मतदान केंद्र पर उनकी मौजूदगी से बाकी मतदाताओं में भी उत्साह देखने को मिला। मोहन भागवत ने दिया लोकतंत्र का संदेश मतदान करने के बाद मोहन भागवत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर एक वोट की अहमियत होती है।

नागपुर में सुबह-सुबह मतदान केंद्र पर पहुंचे आरएसएस प्रमुख नागपुर शहर में चुनाव के दिन सुबह बहुत जल्दी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मतदान केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले अपना वोट डाला और लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। मतदान केंद्र पर उनकी मौजूदगी से बाकी मतदाताओं में भी उत्साह देखने को मिला। मोहन भागवत ने दिया लोकतंत्र का संदेश मतदान करने के बाद मोहन भागवत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर एक वोट की अहमियत होती है।

महाराष्ट्र की राजनीतिक राजधानी नागपुर में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। नागपुर महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपना घोषणा पत्र मराठी भाषा में जारी न करने पर कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने इस मुद्दे को मराठी मानुष का खुला अपमान करार देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीधा सवाल किया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में भाषायी अस्मिता और क्षेत्रीय गौरव के मुद्दे हमेशा संवेदनशील रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा जानबूझकर मराठी भाषा की

महाराष्ट्र की राजनीतिक राजधानी नागपुर में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। नागपुर महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपना घोषणा पत्र मराठी भाषा में जारी न करने पर कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने इस मुद्दे को मराठी मानुष का खुला अपमान करार देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीधा सवाल किया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में भाषायी अस्मिता और क्षेत्रीय गौरव के मुद्दे हमेशा संवेदनशील रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा जानबूझकर मराठी भाषा की

भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक विशेष सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नई या आधुनिक अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे भारतीय समाज का मूल स्वभाव रहा है। उन्होंने समाज में सज्जन शक्ति के जागरण, आचरण में बदलाव और निरंतर सद्भावना संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बैठक दो सत्रों में संपन्न हुई। पहले सत्र की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के

भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक विशेष सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नई या आधुनिक अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे भारतीय समाज का मूल स्वभाव रहा है। उन्होंने समाज में सज्जन शक्ति के जागरण, आचरण में बदलाव और निरंतर सद्भावना संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बैठक दो सत्रों में संपन्न हुई। पहले सत्र की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विश्व के हिंदू समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे, लेकिन यह नेतृत्व शक्ति, धन या राजनीतिक प्रभुत्व के बल पर नहीं, बल्कि अपनी जीवन-पद्धति, आचरण और मूल्यों के माध्यम से होगा। यह बात उन्होंने भाग्यनगर यानी हैदराबाद के निकट कान्हा शांति वनम में आयोजित विश्व संगठक शिबिर 2025 के समापन समारोह में कही। विश्व संगठक शिबिर का ऐतिहासिक आयोजन यह पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस शिबिर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विश्व के हिंदू समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे, लेकिन यह नेतृत्व शक्ति, धन या राजनीतिक प्रभुत्व के बल पर नहीं, बल्कि अपनी जीवन-पद्धति, आचरण और मूल्यों के माध्यम से होगा। यह बात उन्होंने भाग्यनगर यानी हैदराबाद के निकट कान्हा शांति वनम में आयोजित विश्व संगठक शिबिर 2025 के समापन समारोह में कही। विश्व संगठक शिबिर का ऐतिहासिक आयोजन यह पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस शिबिर

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी विशेषांक का भव्य विमोचन हुआ। इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त गजानन निमदेव ने संघ के सौ वर्षों के सफर और समाज के प्रति इसके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि संघ ने समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर राष्ट्रभाव जागृत करने का अनुकरणीय कार्य किया है। रेशीमबाग स्थित स्मृति भवन के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित इस समारोह में विदर्भ प्रांत सहसंघचालक श्रीधर गाडगे, महानगर सहकार्यवाह दिनेश गौर और महानगर प्रचार प्रमुख ब्रजेश मानस सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। विदर्भ हुंकार पत्रिका के इस विशेषांक का नाम ‘समर्पणाचा शतकोत्सव’ रखा गया

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी विशेषांक का भव्य विमोचन हुआ। इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त गजानन निमदेव ने संघ के सौ वर्षों के सफर और समाज के प्रति इसके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि संघ ने समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर राष्ट्रभाव जागृत करने का अनुकरणीय कार्य किया है। रेशीमबाग स्थित स्मृति भवन के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित इस समारोह में विदर्भ प्रांत सहसंघचालक श्रीधर गाडगे, महानगर सहकार्यवाह दिनेश गौर और महानगर प्रचार प्रमुख ब्रजेश मानस सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। विदर्भ हुंकार पत्रिका के इस विशेषांक का नाम ‘समर्पणाचा शतकोत्सव’ रखा गया

नागपुर में आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो महाराष्ट्र की राजनीति और सांस्कृतिक परंपराओं के गहरे रिश्ते को दर्शाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रेशीमबाग स्थित स्मृति मंदिर का दौरा किया। यह सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि यह उन मूल्यों और विचारधाराओं के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक प्रतीकात्मक क्षण था, जिनका महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा प्रभाव रहा है। जब मैं इस खबर को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं है। नागपुर, जिसे संघ की कर्मभूमि कहा जाता है,

नागपुर में आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो महाराष्ट्र की राजनीति और सांस्कृतिक परंपराओं के गहरे रिश्ते को दर्शाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रेशीमबाग स्थित स्मृति मंदिर का दौरा किया। यह सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि यह उन मूल्यों और विचारधाराओं के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक प्रतीकात्मक क्षण था, जिनका महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा प्रभाव रहा है। जब मैं इस खबर को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं है। नागपुर, जिसे संघ की कर्मभूमि कहा जाता है,

अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम में एक ऐतिहासिक और भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत और देश के गृह मंत्री अमित शाह एक साथ मंच पर नजर आए। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानी और विचारक वीर सावरकर को समर्पित था जिन्होंने इसी धरती पर कई साल कठोर कारावास काटा था। डीबीआरएआईटी ऑडिटोरियम में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक समारोह में सावरकर जी की प्रसिद्ध रचना सागर प्राण तलमलला के रचनाकाल के 116 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। डॉ भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि सावरकर जी हमारे लिए सबसे अग्रणी

अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम में एक ऐतिहासिक और भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत और देश के गृह मंत्री अमित शाह एक साथ मंच पर नजर आए। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानी और विचारक वीर सावरकर को समर्पित था जिन्होंने इसी धरती पर कई साल कठोर कारावास काटा था। डीबीआरएआईटी ऑडिटोरियम में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक समारोह में सावरकर जी की प्रसिद्ध रचना सागर प्राण तलमलला के रचनाकाल के 116 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। डॉ भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि सावरकर जी हमारे लिए सबसे अग्रणी

कार्यक्रम में जगदीप धनखड़ का सशक्त संबोधन नई दिल्ली के पुस्तक विमोचन समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का संबोधन न केवल गंभीर चिंतन प्रस्तुत करता है, बल्कि हास्य, स्पष्टवादिता और कर्तव्यनिष्ठा के अनूठे मिश्रण का उदाहरण भी बन गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऑल इंडिया एग्जीक्यूटिव मेंबर मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ के विमोचन अवसर पर धनखड़ का वक्तव्य कई बार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। उनके संबोधन ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और उपस्थित जनसमूह के चेहरे पर मुस्कान और विचार, दोनों एक साथ छोड़ गया। फ्लाइट समय की पर्ची पर धनखड़

कार्यक्रम में जगदीप धनखड़ का सशक्त संबोधन नई दिल्ली के पुस्तक विमोचन समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का संबोधन न केवल गंभीर चिंतन प्रस्तुत करता है, बल्कि हास्य, स्पष्टवादिता और कर्तव्यनिष्ठा के अनूठे मिश्रण का उदाहरण भी बन गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऑल इंडिया एग्जीक्यूटिव मेंबर मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ के विमोचन अवसर पर धनखड़ का वक्तव्य कई बार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। उनके संबोधन ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और उपस्थित जनसमूह के चेहरे पर मुस्कान और विचार, दोनों एक साथ छोड़ गया। फ्लाइट समय की पर्ची पर धनखड़

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मणिपुर दौरा: जातीय अशांति के बीच संगठनात्मक संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 20 से 22 नवंबर तक मणिपुर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मई 2023 में उभरी जातीय हिंसा के बाद यह उनका पहला दौरा होगा, जिसने मणिपुर की सामाजिक संरचना और राजनीतिक हलचल को गहराई से प्रभावित किया। उनका यह दौरा न केवल संगठन के शताब्दी वर्ष के समारोह से जुड़ा है, बल्कि उत्तर-पूर्व में आरएसएस की गतिविधियों और सामाजिक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमुख संवाद: बुद्धिजीवियों, जनजातीय प्रतिनिधियों और युवाओं

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मणिपुर दौरा: जातीय अशांति के बीच संगठनात्मक संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 20 से 22 नवंबर तक मणिपुर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मई 2023 में उभरी जातीय हिंसा के बाद यह उनका पहला दौरा होगा, जिसने मणिपुर की सामाजिक संरचना और राजनीतिक हलचल को गहराई से प्रभावित किया। उनका यह दौरा न केवल संगठन के शताब्दी वर्ष के समारोह से जुड़ा है, बल्कि उत्तर-पूर्व में आरएसएस की गतिविधियों और सामाजिक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमुख संवाद: बुद्धिजीवियों, जनजातीय प्रतिनिधियों और युवाओं

प्रमुख मुद्दे का अवलोकन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन ने संयुक्त राज्य अमेरिका या किसी भी अन्य देश में कोई लॉबिंग फर्म या जनसंपर्क संस्था नियुक्त नहीं की है। हाल ही में विभिन्न माध्यमों में प्रसारित दावों और चर्चाओं के बाद संघ की ओर से यह आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें यह कहा गया है कि आरएसएस अपने विचारों, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के प्रचार-प्रसार में किसी बाहरी या अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर नहीं रहता। आरएसएस की कार्यप्रणाली और मूल ध्येय आरएसएस देश में कार्यरत एक स्वैच्छिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जिसका मूल

प्रमुख मुद्दे का अवलोकन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन ने संयुक्त राज्य अमेरिका या किसी भी अन्य देश में कोई लॉबिंग फर्म या जनसंपर्क संस्था नियुक्त नहीं की है। हाल ही में विभिन्न माध्यमों में प्रसारित दावों और चर्चाओं के बाद संघ की ओर से यह आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें यह कहा गया है कि आरएसएस अपने विचारों, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के प्रचार-प्रसार में किसी बाहरी या अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर नहीं रहता। आरएसएस की कार्यप्रणाली और मूल ध्येय आरएसएस देश में कार्यरत एक स्वैच्छिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जिसका मूल

Mohan Bhagwat RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को बेंगलुरु में दो दिवसीय व्याख्यानमाला का शुभारंभ किया। इस व्याख्यान श्रृंखला का विषय था — “राष्ट्रीय जीवन में संघ की दृष्टि और भूमिका”।भागवत जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हिंदू होना केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि यह भारत के प्रति जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का प्रतीक है।” संघ को समझने के लिए तथ्य जरूरी, अफवाह नहीं अपने संबोधन की शुरुआत में डॉ. भागवत ने कहा कि पिछले एक दशक से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आती रही हैं, परंतु इनमें

Mohan Bhagwat RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को बेंगलुरु में दो दिवसीय व्याख्यानमाला का शुभारंभ किया। इस व्याख्यान श्रृंखला का विषय था — “राष्ट्रीय जीवन में संघ की दृष्टि और भूमिका”।भागवत जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हिंदू होना केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि यह भारत के प्रति जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का प्रतीक है।” संघ को समझने के लिए तथ्य जरूरी, अफवाह नहीं अपने संबोधन की शुरुआत में डॉ. भागवत ने कहा कि पिछले एक दशक से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आती रही हैं, परंतु इनमें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष: राष्ट्रनिर्माण की नई चेतना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। 2 अक्टूबर 2025, विजयादशमी के पावन अवसर पर संघ ने अपने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन, नवसंकल्प और राष्ट्रनिर्माण के प्रति नवीन दृष्टिकोण का भी प्रतीक है। इस दिन से पूरे देश में विविध आयोजनों की शृंखला आरंभ हुई है, जिनका उद्देश्य समाज को एकसूत्र में पिरोकर भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने का है। समाज को जोड़ने का संकल्प – RSS 100 Years संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष: राष्ट्रनिर्माण की नई चेतना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। 2 अक्टूबर 2025, विजयादशमी के पावन अवसर पर संघ ने अपने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन, नवसंकल्प और राष्ट्रनिर्माण के प्रति नवीन दृष्टिकोण का भी प्रतीक है। इस दिन से पूरे देश में विविध आयोजनों की शृंखला आरंभ हुई है, जिनका उद्देश्य समाज को एकसूत्र में पिरोकर भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने का है। समाज को जोड़ने का संकल्प – RSS 100 Years संघ

संघ के शताब्दी वर्ष पर छिंदवाड़ा से नागपुर तक साइकिल यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी श्रृंखला में छिंदवाड़ा महाविद्यालय कार्य विभाग ने एक साहसिक साइकिल यात्रा का आयोजन किया है, जो छिंदवाड़ा से नागपुर तक निकाली जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में संगठन की भावना, अनुशासन और देशप्रेम का संदेश फैलाना है। 125 किलोमीटर की यात्रा में युवाओं का उत्साह यह यात्रा बुधवार, 5 नवंबर की सुबह छिंदवाड़ा से प्रारंभ हुई। यात्रा का पहला चरण लिंगा, उमरानाला, रामाकोना, सौंसर और बोरगांव जैसे कस्बों

संघ के शताब्दी वर्ष पर छिंदवाड़ा से नागपुर तक साइकिल यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी श्रृंखला में छिंदवाड़ा महाविद्यालय कार्य विभाग ने एक साहसिक साइकिल यात्रा का आयोजन किया है, जो छिंदवाड़ा से नागपुर तक निकाली जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में संगठन की भावना, अनुशासन और देशप्रेम का संदेश फैलाना है। 125 किलोमीटर की यात्रा में युवाओं का उत्साह यह यात्रा बुधवार, 5 नवंबर की सुबह छिंदवाड़ा से प्रारंभ हुई। यात्रा का पहला चरण लिंगा, उमरानाला, रामाकोना, सौंसर और बोरगांव जैसे कस्बों

संघ की शताब्दी वर्ष बैठक में जबलपुर बना ऐतिहासिक केंद्र जबलपुर, 1 नवंबर 2025।संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक का समापन शनिवार को हुआ।बैठक के अंतिम दिन आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय और स्थानीय कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि “यह बैठक संघ यात्रा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में दर्ज होगी।” विजयादशमी पर देशभर में 62,555 कार्यक्रम, 32 लाख से अधिक स्वयंसेवक शामिल होसबाले ने बताया कि विजयादशमी के अवसर पर नागपुर सहित देशभर में

संघ की शताब्दी वर्ष बैठक में जबलपुर बना ऐतिहासिक केंद्र जबलपुर, 1 नवंबर 2025।संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक का समापन शनिवार को हुआ।बैठक के अंतिम दिन आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय और स्थानीय कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि “यह बैठक संघ यात्रा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में दर्ज होगी।” विजयादशमी पर देशभर में 62,555 कार्यक्रम, 32 लाख से अधिक स्वयंसेवक शामिल होसबाले ने बताया कि विजयादशमी के अवसर पर नागपुर सहित देशभर में

‘आई लव आंबेडकर’ से गूंजा सोशल मीडिया: भारतीय युवा कांग्रेस की डिजिटल पहल ने मचाया धमाल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर सोमवार, 7 अक्टूबर 2025 को भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने एक अनोखी मुहिम शुरू की—“I LOVE AMBEDKAR”।कुछ ही घंटों में यह ट्रेंड पूरे देश में वायरल हो गया। हजारों यूज़र्स ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में दिल वाले इमोजी, प्रेरक उद्धरण और तस्वीरें साझा कीं। यह डिजिटल लहर सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की भावना को फिर से केंद्र में ले आई। 3,700 से अधिक एंगेजमेंट, देशभर से सहभागिता इस ट्रेंड ने शुरुआती छह घंटे

‘आई लव आंबेडकर’ से गूंजा सोशल मीडिया: भारतीय युवा कांग्रेस की डिजिटल पहल ने मचाया धमाल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर सोमवार, 7 अक्टूबर 2025 को भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने एक अनोखी मुहिम शुरू की—“I LOVE AMBEDKAR”।कुछ ही घंटों में यह ट्रेंड पूरे देश में वायरल हो गया। हजारों यूज़र्स ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में दिल वाले इमोजी, प्रेरक उद्धरण और तस्वीरें साझा कीं। यह डिजिटल लहर सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की भावना को फिर से केंद्र में ले आई। 3,700 से अधिक एंगेजमेंट, देशभर से सहभागिता इस ट्रेंड ने शुरुआती छह घंटे

अमरावती में विजयादशमी उत्सव पर संघ की विचारधारा अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंदकुमार ने अमरावती में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।” उन्होंने बताया कि 1925 में संघ की स्थापना बिना किसी कार्यालय या नेता के हुई थी, लेकिन विचारों की निष्ठा और अनुशासन से संघ ने वटवृक्ष के समान विकास किया। संघ की असली शक्ति शाखाओं में निहित है। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में संघ का योगदान नंदकुमार जी ने कहा कि डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार

अमरावती में विजयादशमी उत्सव पर संघ की विचारधारा अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंदकुमार ने अमरावती में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।” उन्होंने बताया कि 1925 में संघ की स्थापना बिना किसी कार्यालय या नेता के हुई थी, लेकिन विचारों की निष्ठा और अनुशासन से संघ ने वटवृक्ष के समान विकास किया। संघ की असली शक्ति शाखाओं में निहित है। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में संघ का योगदान नंदकुमार जी ने कहा कि डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार

नई दिल्ली।रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर संगठन की गौरवमयी और प्रेरक यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने लिखा कि 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा RSS की स्थापना ने भारत में सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। बीते सौ वर्षों में संघ ने न केवल सामाजिक बुनियाद को मजबूत किया बल्कि देश की संप्रभुता की रक्षा, कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण और भारतीय सभ्यता के मूल्यों का संवर्धन भी किया। संघ का समावेशी दृष्टिकोण और जीवन मूल्यों पर बलसरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने

नई दिल्ली।रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर संगठन की गौरवमयी और प्रेरक यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने लिखा कि 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा RSS की स्थापना ने भारत में सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। बीते सौ वर्षों में संघ ने न केवल सामाजिक बुनियाद को मजबूत किया बल्कि देश की संप्रभुता की रक्षा, कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण और भारतीय सभ्यता के मूल्यों का संवर्धन भी किया। संघ का समावेशी दृष्टिकोण और जीवन मूल्यों पर बलसरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष और संघ की 100 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पर विशेष आलेख लिखा है। यह आलेख राष्ट्र साधना, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान को उजागर करता है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि 100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना एक नई राष्ट्रीय चेतना और समाज सेवा के संकल्प का प्रतीक थी। संघ, हजारों वर्षों से चली आ रही राष्ट्र चेतना की परंपरा का पुनर्स्थापन है। वर्तमान पीढ़ी के स्वयंसेवकों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे संघ के

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष और संघ की 100 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पर विशेष आलेख लिखा है। यह आलेख राष्ट्र साधना, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान को उजागर करता है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि 100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना एक नई राष्ट्रीय चेतना और समाज सेवा के संकल्प का प्रतीक थी। संघ, हजारों वर्षों से चली आ रही राष्ट्र चेतना की परंपरा का पुनर्स्थापन है। वर्तमान पीढ़ी के स्वयंसेवकों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे संघ के

नागपुर, 2 अक्तूबर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में विजयादशमी उत्सव का भव्य आयोजन नागपुर के रेशिमबाग मैदान में किया। इस अवसर पर संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने समाज की एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि “सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, एकात्मता, विकास और सुरक्षा की गारंटी है।” उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दू समाज अलगाव की मानसिकता से मुक्त और सर्वसमावेशक है, जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” की विचारधारा का पुरस्कर्ता है। इसी कारण संघ सम्पूर्ण हिन्दू समाज के संगठन का कार्य कर रहा

नागपुर, 2 अक्तूबर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में विजयादशमी उत्सव का भव्य आयोजन नागपुर के रेशिमबाग मैदान में किया। इस अवसर पर संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने समाज की एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि “सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, एकात्मता, विकास और सुरक्षा की गारंटी है।” उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दू समाज अलगाव की मानसिकता से मुक्त और सर्वसमावेशक है, जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” की विचारधारा का पुरस्कर्ता है। इसी कारण संघ सम्पूर्ण हिन्दू समाज के संगठन का कार्य कर रहा

नई दिल्ली: विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके योगदान और राष्ट्रनिर्माण में निभाई गई भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और राष्ट्र भावना की जीवन्त धारा है, जिसने बीते एक सदी में भारत समाज और संस्कृति को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ और अपने ब्लॉग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए लिखा कि 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. हेडगेवार ने जिस उद्देश्य से

नई दिल्ली: विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके योगदान और राष्ट्रनिर्माण में निभाई गई भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और राष्ट्र भावना की जीवन्त धारा है, जिसने बीते एक सदी में भारत समाज और संस्कृति को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ और अपने ब्लॉग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए लिखा कि 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. हेडगेवार ने जिस उद्देश्य से

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश की एकता और विविधता पर खतरे की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिए” भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सामंजस्य और आंतरिक सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा, “अगर इस ताकत को तोड़ा गया, तो भारत कमजोर होगा।” प्रधानमंत्री मोदी यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के दौरान दे रहे थे। RSS भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक संगठन है। इस भाषण में प्रधानमंत्री ने अपने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का भी स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने ‘जनसांख्यिकीय मिशन’ की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश की एकता और विविधता पर खतरे की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिए” भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सामंजस्य और आंतरिक सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा, “अगर इस ताकत को तोड़ा गया, तो भारत कमजोर होगा।” प्रधानमंत्री मोदी यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के दौरान दे रहे थे। RSS भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक संगठन है। इस भाषण में प्रधानमंत्री ने अपने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का भी स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने ‘जनसांख्यिकीय मिशन’ की

RSS Prayer AV Launch in Nagpur | Mohan Bhagwat on Sangh Prarthana नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रार्थना को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करने के लिए विशेष RSS Prayer AV Launch in Nagpur कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ की प्रार्थना केवल शब्दों का उच्चारण नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र और समाज के प्रति सामूहिक संकल्प और आत्मबल का स्रोत है। उन्होंने बताया कि 1939 से संघ के स्वयंसेवक प्रतिदिन शाखाओं में इस प्रार्थना को दोहराते आ रहे हैं। निरंतर साधना और सामूहिक भावना से यह प्रार्थना अब मंत्र

RSS Prayer AV Launch in Nagpur | Mohan Bhagwat on Sangh Prarthana नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रार्थना को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करने के लिए विशेष RSS Prayer AV Launch in Nagpur कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ की प्रार्थना केवल शब्दों का उच्चारण नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र और समाज के प्रति सामूहिक संकल्प और आत्मबल का स्रोत है। उन्होंने बताया कि 1939 से संघ के स्वयंसेवक प्रतिदिन शाखाओं में इस प्रार्थना को दोहराते आ रहे हैं। निरंतर साधना और सामूहिक भावना से यह प्रार्थना अब मंत्र

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat को उनके 75वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें राष्ट्र और समाज के लिए एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। PM Modi ने एक विस्तृत ब्लॉग पोस्ट लिखकर Mohan Bhagwat के RSS सफर, उनके नेतृत्व और उनके विचारों पर प्रकाश डाला और कहा कि Bhagwat Ji ने संगठन को उसके “Most Transformative Phase in 100 Years” तक पहुँचाया है। Explore Web Stories: Vasudhaiva Kutumbakam की भावना और राष्ट्र सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व में Twitter) पर लिखा कि “Vasudhaiva Kutumbakam” के सिद्धांत से प्रेरित होकर Mohan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat को उनके 75वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें राष्ट्र और समाज के लिए एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। PM Modi ने एक विस्तृत ब्लॉग पोस्ट लिखकर Mohan Bhagwat के RSS सफर, उनके नेतृत्व और उनके विचारों पर प्रकाश डाला और कहा कि Bhagwat Ji ने संगठन को उसके “Most Transformative Phase in 100 Years” तक पहुँचाया है। Explore Web Stories: Vasudhaiva Kutumbakam की भावना और राष्ट्र सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व में Twitter) पर लिखा कि “Vasudhaiva Kutumbakam” के सिद्धांत से प्रेरित होकर Mohan