
समाज में एकता और सद्भाव की जरूरत Mohan Bhagwat Lucknow RSS event: लखनऊ के निराला नगर में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक खास सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शिरकत की और समाज के सामने अपने विचार रखे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में हिन्दू समाज को संगठित और सशक्त होने की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें किसी से कोई खतरा नहीं है, लेकिन सजग और सावधान रहना बेहद

समाज में एकता और सद्भाव की जरूरत Mohan Bhagwat Lucknow RSS event: लखनऊ के निराला नगर में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक खास सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शिरकत की और समाज के सामने अपने विचार रखे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में हिन्दू समाज को संगठित और सशक्त होने की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें किसी से कोई खतरा नहीं है, लेकिन सजग और सावधान रहना बेहद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विश्व के हिंदू समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे, लेकिन यह नेतृत्व शक्ति, धन या राजनीतिक प्रभुत्व के बल पर नहीं, बल्कि अपनी जीवन-पद्धति, आचरण और मूल्यों के माध्यम से होगा। यह बात उन्होंने भाग्यनगर यानी हैदराबाद के निकट कान्हा शांति वनम में आयोजित विश्व संगठक शिबिर 2025 के समापन समारोह में कही। विश्व संगठक शिबिर का ऐतिहासिक आयोजन यह पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस शिबिर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विश्व के हिंदू समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे, लेकिन यह नेतृत्व शक्ति, धन या राजनीतिक प्रभुत्व के बल पर नहीं, बल्कि अपनी जीवन-पद्धति, आचरण और मूल्यों के माध्यम से होगा। यह बात उन्होंने भाग्यनगर यानी हैदराबाद के निकट कान्हा शांति वनम में आयोजित विश्व संगठक शिबिर 2025 के समापन समारोह में कही। विश्व संगठक शिबिर का ऐतिहासिक आयोजन यह पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस शिबिर

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी विशेषांक का भव्य विमोचन हुआ। इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त गजानन निमदेव ने संघ के सौ वर्षों के सफर और समाज के प्रति इसके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि संघ ने समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर राष्ट्रभाव जागृत करने का अनुकरणीय कार्य किया है। रेशीमबाग स्थित स्मृति भवन के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित इस समारोह में विदर्भ प्रांत सहसंघचालक श्रीधर गाडगे, महानगर सहकार्यवाह दिनेश गौर और महानगर प्रचार प्रमुख ब्रजेश मानस सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। विदर्भ हुंकार पत्रिका के इस विशेषांक का नाम ‘समर्पणाचा शतकोत्सव’ रखा गया

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी विशेषांक का भव्य विमोचन हुआ। इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त गजानन निमदेव ने संघ के सौ वर्षों के सफर और समाज के प्रति इसके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि संघ ने समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर राष्ट्रभाव जागृत करने का अनुकरणीय कार्य किया है। रेशीमबाग स्थित स्मृति भवन के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित इस समारोह में विदर्भ प्रांत सहसंघचालक श्रीधर गाडगे, महानगर सहकार्यवाह दिनेश गौर और महानगर प्रचार प्रमुख ब्रजेश मानस सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। विदर्भ हुंकार पत्रिका के इस विशेषांक का नाम ‘समर्पणाचा शतकोत्सव’ रखा गया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर विशेष आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छिंदवाड़ा महाविद्यालय कार्य विभाग द्वारा आयोजित भव्य और साहसिक साइकिल यात्रा ने सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर उत्साह और जोश का संचार किया। यह यात्रा छिंदवाड़ा से प्रारंभ होकर नागपुर तक विस्तृत थी, जिसमें लगभग 125 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभावना, शारीरिक सुदृढ़ता और सामूहिक अनुशासन की भावना विकसित करना था। यात्रा की शुरुआत और मार्ग मंगलवार, 5 नवम्बर को सुबह 6:30 बजे संघ कार्यालय, छिंदवाड़ा से यह साहसिक यात्रा प्रारंभ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर विशेष आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छिंदवाड़ा महाविद्यालय कार्य विभाग द्वारा आयोजित भव्य और साहसिक साइकिल यात्रा ने सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर उत्साह और जोश का संचार किया। यह यात्रा छिंदवाड़ा से प्रारंभ होकर नागपुर तक विस्तृत थी, जिसमें लगभग 125 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभावना, शारीरिक सुदृढ़ता और सामूहिक अनुशासन की भावना विकसित करना था। यात्रा की शुरुआत और मार्ग मंगलवार, 5 नवम्बर को सुबह 6:30 बजे संघ कार्यालय, छिंदवाड़ा से यह साहसिक यात्रा प्रारंभ