रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है। यह दौरा चार साल बाद हो रहा है और इस बार की बातचीत में कच्चे तेल का व्यापार सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। रूस भारत को तेल खरीदने पर जो भारी छूट देता आया है, उसे जारी रखने की पेशकश करने की तैयारी में है। यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी अर्थव्यवस्था पर पड़े दबाव के बीच भारत जैसे बड़े खरीदार को खोना रूस बिल्कुल भी नहीं चाहता। दिसंबर के पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच सालाना शिखर