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Samastipur

Bihar Chunav 2025

Bihar Chunav: बिहार चुनाव में मतदाताओं की खामोशी से बढ़ी प्रत्याशियों की बेचैनी, किस ओर झुकेगा जनादेश

बिहार में सियासी समीकरण उलझे, जनता की खामोशी से बढ़ी बेचैनी बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है। पोस्टर, नारे और वादों के बीच सबसे बड़ा सवाल मतदाताओं की खामोशी का है। इस बार जनता कुछ बोल नहीं रही, जिससे प्रत्याशियों की चिंता बढ़ गई है। खामोश मतदाता बना चुनाव का केंद्रबिंदु समस्तीपुर में चुनावी माहौल पूरे उफान पर है, पर मतदाता मौन हैं। न कोई खुलकर समर्थन दे रहा है, न विरोध। हर कोई अपने मन की बात छुपा रहा है। यही खामोशी प्रत्याशियों को बेचैन कर रही है। सभाओं में भीड़ है, तालियां हैं, पर मतदाताओं के

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Rosera Construction Workers Protest – समस्तीपुर में भवन निर्माण मजदूरों का हल्ला बोल, ₹25 हजार न्यूनतम मजदूरी और बकाया भुगतान की मांग

भवन निर्माण मजदूर संघ का रोसड़ा में जोरदार प्रदर्शन, मजदूरों ने सरकार से मांगी ₹25 हजार न्यूनतम मजदूरी और बकाया भुगतान

रोसड़ा में गूंजा मजदूरों का गुस्सा: ‘पांच हजार से काम नहीं, 25 हजार से कम नहीं’ समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड कार्यालय परिसर में शनिवार को मजदूरों का गुस्सा साफ झलक रहा था।बिहार राज्य भवन निर्माण मजदूर संघ (एटक) के बैनर तले आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और अपने हक की आवाज बुलंद की। जुलूस में गूंजे मजदूरों के नारे सुबह से ही मजदूरों का हुजूम महावीर चौक स्थित पार्टी कार्यालय पर जुटा। वहाँ से वे “मजदूर एकता ज़िंदाबाद” और “पांच हजार से काम नहीं, 25 हजार

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Alok Mehta Faces Public Protest

उजियारपुर में आलोक मेहता को जनता का विरोध, चुनावी वादों पर जताया आक्रोश

Alok Mehta Faces Public Protest in Ujiarpur, जनता ने चुनावी वादों पर जताया गुस्सा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक हैं और इसी बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी दलों के नेता जनता से रूबरू हो रहे हैं, लेकिन हर जगह स्वागत नहीं हो रहा। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के उजियारपुर विधानसभा का है, जहां Alok Mehta Faces Public Protest की खबर सुर्खियों में है। राजद (RJD) विधायक आलोक कुमार मेहता जब अपने क्षेत्र में पहुंचे तो उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पांच साल तक गैरहाजिर रहने और केवल चुनावी समय पर लौटने का आरोप लगाते हुए

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