
Shashi Tharoor: केरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमले की खबर सामने आई है। घटना कल शुक्रवार देर शाम करीब 7:30 बजे मलप्पुरम जिले के वंडूर इलाके में हुई, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि शशि थरूर कांग्रेस नेता ए. पी. अनिल कुमार के चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में वंडूर के थिरुवली के पास चेल्लीथोड पुल पर भारी जाम लगा हुआ था। सड़क संकरी होने के कारण स्थिति और भी बिगड़ गई थी। इसी दौरान

Shashi Tharoor: केरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमले की खबर सामने आई है। घटना कल शुक्रवार देर शाम करीब 7:30 बजे मलप्पुरम जिले के वंडूर इलाके में हुई, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि शशि थरूर कांग्रेस नेता ए. पी. अनिल कुमार के चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में वंडूर के थिरुवली के पास चेल्लीथोड पुल पर भारी जाम लगा हुआ था। सड़क संकरी होने के कारण स्थिति और भी बिगड़ गई थी। इसी दौरान

Shashi Tharoor Slams Pakistan T20 World Cup Boycott: क्रिकेट में राजनीति का बढ़ता दखल देश और दुनिया भर में चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में पाकिस्तान ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ अपने मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया है, जिस पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक करार दिया है। थरूर का मानना है कि खेल को लोगों को जोड़ना चाहिए, न कि उन्हें बांटना। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत बातचीत करने और इस बढ़ते विवाद को सुलझाने की अपील की है। खेल में राजनीति का

Shashi Tharoor Slams Pakistan T20 World Cup Boycott: क्रिकेट में राजनीति का बढ़ता दखल देश और दुनिया भर में चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में पाकिस्तान ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ अपने मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया है, जिस पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक करार दिया है। थरूर का मानना है कि खेल को लोगों को जोड़ना चाहिए, न कि उन्हें बांटना। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत बातचीत करने और इस बढ़ते विवाद को सुलझाने की अपील की है। खेल में राजनीति का

कांग्रेस में एकता का संदेश कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी को लेकर अपना स्पष्ट रुख रखते हुए कहा है कि राहुल गांधी एक ईमानदार नेता हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी भी राहुल गांधी के खिलाफ किसी गलत टिप्पणी का समर्थन नहीं किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के अंदर कुछ मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं। थरूर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस विषय पर उनकी कोई अलग राय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी पार्टी

कांग्रेस में एकता का संदेश कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी को लेकर अपना स्पष्ट रुख रखते हुए कहा है कि राहुल गांधी एक ईमानदार नेता हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी भी राहुल गांधी के खिलाफ किसी गलत टिप्पणी का समर्थन नहीं किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के अंदर कुछ मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं। थरूर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस विषय पर उनकी कोई अलग राय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी पार्टी

MGNREGA: लोकसभा में मंगलवार को एक ऐसा विधेयक पेश किया गया, जिसने न केवल राजनीतिक दलों को आमने-सामने ला खड़ा किया, बल्कि एक बार फिर विकास, विचारधारा और विरासत को लेकर देशव्यापी बहस को हवा दे दी। सरकार की ओर से ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ यानी मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ रखने का प्रस्ताव रखा गया। जैसे ही यह प्रस्ताव सदन में आया, विपक्ष ने इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश बताया। इस विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने

MGNREGA: लोकसभा में मंगलवार को एक ऐसा विधेयक पेश किया गया, जिसने न केवल राजनीतिक दलों को आमने-सामने ला खड़ा किया, बल्कि एक बार फिर विकास, विचारधारा और विरासत को लेकर देशव्यापी बहस को हवा दे दी। सरकार की ओर से ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ यानी मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ रखने का प्रस्ताव रखा गया। जैसे ही यह प्रस्ताव सदन में आया, विपक्ष ने इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश बताया। इस विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है पार्टी की एक अहम रणनीतिक बैठक से उनकी गैरहाजिरी। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने की थी। शशि थरूर के इस बैठक में नहीं पहुंचने पर कई सवाल उठे हैं और पार्टी के भीतर भी इस पर चर्चा हो रही है। शशि थरूर ने अपनी गैरहाजिरी पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर बैठक को नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि बैठक के समय वह

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है पार्टी की एक अहम रणनीतिक बैठक से उनकी गैरहाजिरी। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने की थी। शशि थरूर के इस बैठक में नहीं पहुंचने पर कई सवाल उठे हैं और पार्टी के भीतर भी इस पर चर्चा हो रही है। शशि थरूर ने अपनी गैरहाजिरी पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर बैठक को नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि बैठक के समय वह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हाल ही में एक बड़ा बयान देकर अपनी ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आईना दिखाया है। दुबई में अमृता न्यूज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए थरूर ने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ विचारधारा की शुद्धता से न तो देश चलता है और न ही राजनीति में सफलता मिलती है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों में केंद्र सरकार के साथ सहयोग को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। थरूर ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति में सफल होने के

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हाल ही में एक बड़ा बयान देकर अपनी ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आईना दिखाया है। दुबई में अमृता न्यूज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए थरूर ने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ विचारधारा की शुद्धता से न तो देश चलता है और न ही राजनीति में सफलता मिलती है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों में केंद्र सरकार के साथ सहयोग को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। थरूर ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति में सफल होने के

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में विचारों की विविधता के बीच कभी-कभी ऐसे क्षण देखने को मिल जाते हैं, जब सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर किसी नेता के वक्तव्य की सराहना की जाती है। ऐसा ही एक दृश्य तब सामने आया जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण की प्रशंसा की, जिसमें भारत को 2035 तक मैकाले की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया गया। यह टिप्पणी न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, बल्कि यह संकेत भी देती है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में विचारों की विविधता के बीच कभी-कभी ऐसे क्षण देखने को मिल जाते हैं, जब सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर किसी नेता के वक्तव्य की सराहना की जाती है। ऐसा ही एक दृश्य तब सामने आया जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण की प्रशंसा की, जिसमें भारत को 2035 तक मैकाले की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया गया। यह टिप्पणी न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, बल्कि यह संकेत भी देती है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की

देश की सांस्कृतिक चेतना और भाषाई आत्मसम्मान पर नई बहस नई दिल्ली, 18 नवम्बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए गए भाषण के बाद देश में भाषा, शिक्षा और उपनिवेशवादी मानसिकता पर एक नया विमर्श तेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जहां शैक्षणिक ढांचे पर ब्रिटिश प्रभाव और भारतीय भाषाओं के महत्व पर विस्तृत रूप से चर्चा की, वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनकी इन बातों का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आह्वान बताया। प्रधानमंत्री का संदेश: भाषा और विरासत के प्रति आत्मविश्वास का आह्वान प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में इंग्लिश

देश की सांस्कृतिक चेतना और भाषाई आत्मसम्मान पर नई बहस नई दिल्ली, 18 नवम्बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए गए भाषण के बाद देश में भाषा, शिक्षा और उपनिवेशवादी मानसिकता पर एक नया विमर्श तेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जहां शैक्षणिक ढांचे पर ब्रिटिश प्रभाव और भारतीय भाषाओं के महत्व पर विस्तृत रूप से चर्चा की, वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनकी इन बातों का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आह्वान बताया। प्रधानमंत्री का संदेश: भाषा और विरासत के प्रति आत्मविश्वास का आह्वान प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में इंग्लिश