
विवाह का शुभ मुहूर्त खोजते दंपत्तियों के लिए समय सीमा Vivah Muhurat 2025: हिंदू धर्म में विवाह एक पवित्र संस्कार माना जाता है और इसे शुभ मुहूर्त में संपन्न करना परंपरा का अभिन्न अंग है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सही समय और मुहूर्त में विवाह करने से विवाहित दंपत्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। हालांकि, इस साल नवंबर और दिसंबर 2025 में विवाह के शुभ मुहूर्त सीमित हैं क्योंकि जल्द ही खरमास शुरू होने वाला है। यह खबर उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो इन महीनों में अपनी शादी का आयोजन करने की सोच रहे

विवाह का शुभ मुहूर्त खोजते दंपत्तियों के लिए समय सीमा Vivah Muhurat 2025: हिंदू धर्म में विवाह एक पवित्र संस्कार माना जाता है और इसे शुभ मुहूर्त में संपन्न करना परंपरा का अभिन्न अंग है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सही समय और मुहूर्त में विवाह करने से विवाहित दंपत्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। हालांकि, इस साल नवंबर और दिसंबर 2025 में विवाह के शुभ मुहूर्त सीमित हैं क्योंकि जल्द ही खरमास शुरू होने वाला है। यह खबर उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो इन महीनों में अपनी शादी का आयोजन करने की सोच रहे

गोवर्धन पूजा पर विशेष: धनु से मीन राशि वालों के लिए दिन रहेगा प्रेरणादायक नई दिल्ली। आज गोवर्धन पूजा का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।ऐसे शुभ अवसर पर ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है, वहीं कुछ को आत्म-चिंतन और संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है।ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक के अनुसार, आज का दिन धनु से मीन राशि तक के जातकों के लिए प्रगति, सहयोग और संतुलन का संकेत दे रहा है। धनु राशि आज का राशिफल (Sagittarius Horoscope Today) तुला राशि में चंद्रमा आपकी सामाजिक और

गोवर्धन पूजा पर विशेष: धनु से मीन राशि वालों के लिए दिन रहेगा प्रेरणादायक नई दिल्ली। आज गोवर्धन पूजा का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।ऐसे शुभ अवसर पर ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है, वहीं कुछ को आत्म-चिंतन और संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है।ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक के अनुसार, आज का दिन धनु से मीन राशि तक के जातकों के लिए प्रगति, सहयोग और संतुलन का संकेत दे रहा है। धनु राशि आज का राशिफल (Sagittarius Horoscope Today) तुला राशि में चंद्रमा आपकी सामाजिक और

नई दिल्ली। देशभर में दीपों का त्योहार दीवाली 2025 धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह पर्व कार्तिक अमावस्या तिथि पर पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीवाली की रात या संध्या काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। विशेष रूप से पूजा के समय प्रदोष और निशिता काल को अत्यंत शुभ माना गया है। इस अवसर पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप करने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और साधक को सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।

नई दिल्ली। देशभर में दीपों का त्योहार दीवाली 2025 धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह पर्व कार्तिक अमावस्या तिथि पर पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीवाली की रात या संध्या काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। विशेष रूप से पूजा के समय प्रदोष और निशिता काल को अत्यंत शुभ माना गया है। इस अवसर पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप करने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और साधक को सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।

दिवाली 2025: लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व दिवाली हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और असत्य पर सत्य के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इस कारण आज भी कार्तिक अमावस्या की रात को ही लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लक्ष्मी-गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त इस वर्ष 20 अक्तूबर 2025 को कार्तिक अमावस्या तिथि शाम 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे समाप्त होगी। इसलिए मुख्य दीपावली इस बार 20 अक्तूबर, सोमवार को ही

दिवाली 2025: लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व दिवाली हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और असत्य पर सत्य के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इस कारण आज भी कार्तिक अमावस्या की रात को ही लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लक्ष्मी-गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त इस वर्ष 20 अक्तूबर 2025 को कार्तिक अमावस्या तिथि शाम 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे समाप्त होगी। इसलिए मुख्य दीपावली इस बार 20 अक्तूबर, सोमवार को ही

दिवाली 2025: रौशनी, उमंग और उत्साह का पावन पर्व देशभर में आज 20 अक्तूबर 2025 को दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। यह हिंदू पंचांग के कार्तिक मास की अमावस्या तिथि है। इस दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि, धन-सौभाग्य और निरंतर प्रगति के योग बनते हैं। लक्ष्मी पूजन का महत्व दिवाली के दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घरों में प्रवेश करती हैं और धन, सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी स्पष्ट उल्लेख है कि दीपदान और लक्ष्मी

दिवाली 2025: रौशनी, उमंग और उत्साह का पावन पर्व देशभर में आज 20 अक्तूबर 2025 को दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। यह हिंदू पंचांग के कार्तिक मास की अमावस्या तिथि है। इस दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि, धन-सौभाग्य और निरंतर प्रगति के योग बनते हैं। लक्ष्मी पूजन का महत्व दिवाली के दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घरों में प्रवेश करती हैं और धन, सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी स्पष्ट उल्लेख है कि दीपदान और लक्ष्मी

धनतेरस 2025: शुभ मुहूर्त, खरीदारी, पूजन और यम दीप दान का महत्व धनतेरस दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है। धनतेरस 2025 की तिथि तिथि: शनिवार, 18 अक्टूबर 2025त्रयोदशी तिथि आरंभ: 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे धनतेरस पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त प्रदोष काल प्रारंभ: शाम 5:48 बजे समाप्त: रात 8:19 बजे वृषभ काल प्रारंभ: शाम 7:15 बजे समाप्त: रात 9:11 बजे पूजन का

धनतेरस 2025: शुभ मुहूर्त, खरीदारी, पूजन और यम दीप दान का महत्व धनतेरस दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है। धनतेरस 2025 की तिथि तिथि: शनिवार, 18 अक्टूबर 2025त्रयोदशी तिथि आरंभ: 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे धनतेरस पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त प्रदोष काल प्रारंभ: शाम 5:48 बजे समाप्त: रात 8:19 बजे वृषभ काल प्रारंभ: शाम 7:15 बजे समाप्त: रात 9:11 बजे पूजन का

दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2025 (Diwali Muhurat Trading 2025) की तारीख और समय का ऐलान हो चुका है, और इस बार बाजार में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।दरअसल, वर्षों से रात्रि में आयोजित होने वाला यह विशेष ट्रेडिंग सत्र अब पहली बार दोपहर के समय आयोजित किया जाएगा।2025 में मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जब निवेशक शुभ लग्न में अपने नए निवेश की शुरुआत करेंगे। मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है? मुहूर्त ट्रेडिंग हिंदू पंचांग के अनुसार दीवाली के दिन आयोजित एक विशेष प्रतीकात्मक ट्रेडिंग सत्र होता है।यह सत्र सम्वत वर्ष (Hindu New Year) की शुरुआत को दर्शाता

दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2025 (Diwali Muhurat Trading 2025) की तारीख और समय का ऐलान हो चुका है, और इस बार बाजार में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।दरअसल, वर्षों से रात्रि में आयोजित होने वाला यह विशेष ट्रेडिंग सत्र अब पहली बार दोपहर के समय आयोजित किया जाएगा।2025 में मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जब निवेशक शुभ लग्न में अपने नए निवेश की शुरुआत करेंगे। मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है? मुहूर्त ट्रेडिंग हिंदू पंचांग के अनुसार दीवाली के दिन आयोजित एक विशेष प्रतीकात्मक ट्रेडिंग सत्र होता है।यह सत्र सम्वत वर्ष (Hindu New Year) की शुरुआत को दर्शाता

दीवाली 2025 की तारीख पर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली को लेकर दो तिथियाँ सामने आई हैं — 20 और 21 अक्टूबर। देशभर में लाखों लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर किस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना शुभ रहेगा। चार प्रमुख ज्योतिषाचार्यों ने इस विषय पर अपने-अपने मत दिए हैं, जिनके अनुसार इस बार 20 अक्टूबर 2025 को ही दीपावली का पर्व अधिक शुभ और धार्मिक रूप से उचित माना जा रहा है। दीपावली 2025 की तिथि और पंचांग विवरण हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक

दीवाली 2025 की तारीख पर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली को लेकर दो तिथियाँ सामने आई हैं — 20 और 21 अक्टूबर। देशभर में लाखों लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर किस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना शुभ रहेगा। चार प्रमुख ज्योतिषाचार्यों ने इस विषय पर अपने-अपने मत दिए हैं, जिनके अनुसार इस बार 20 अक्टूबर 2025 को ही दीपावली का पर्व अधिक शुभ और धार्मिक रूप से उचित माना जा रहा है। दीपावली 2025 की तिथि और पंचांग विवरण हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक