
असम की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गोलाघाट में दिए अपने ताजा बयान से राज्य की राजनीतिक बिसात पर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में मतदाताओं की पहचान की बेहद व्यापक जांच होगी। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं जिन्होंने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। एसआईआर की प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के

असम की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गोलाघाट में दिए अपने ताजा बयान से राज्य की राजनीतिक बिसात पर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में मतदाताओं की पहचान की बेहद व्यापक जांच होगी। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं जिन्होंने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। एसआईआर की प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के

ममता बनर्जी का ऐतिहासिक कदम: खुद वकील बनकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं बुधवार का दिन भारतीय न्यायिक इतिहास में एक खास दिन के रूप में दर्ज हो गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक अनोखा कदम उठाते हुए खुद वकील के रूप में सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर अपने राज्य की तरफ से दलीलें पेश कीं। यह पहली बार था जब कोई सिटिंग मुख्यमंत्री वकील बनकर देश की सबसे बड़ी अदालत में पैरवी करने पहुंची। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को बंगाल के खिलाफ एक बड़ी साजिश बताया। उनका

ममता बनर्जी का ऐतिहासिक कदम: खुद वकील बनकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं बुधवार का दिन भारतीय न्यायिक इतिहास में एक खास दिन के रूप में दर्ज हो गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक अनोखा कदम उठाते हुए खुद वकील के रूप में सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर अपने राज्य की तरफ से दलीलें पेश कीं। यह पहली बार था जब कोई सिटिंग मुख्यमंत्री वकील बनकर देश की सबसे बड़ी अदालत में पैरवी करने पहुंची। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को बंगाल के खिलाफ एक बड़ी साजिश बताया। उनका

महराजगंज जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद जारी रखा है। रविवार को भी बिना अवकाश लिए चौथे लगातार दिन जिलाधिकारी ने टेलीफोनिक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान जिले की पांच विधानसभाओं से कुल 23 मतदाताओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पहचान रिपोर्ट यानी एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि को चार दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसआईआर प्रक्रिया में मिली राहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने

महराजगंज जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद जारी रखा है। रविवार को भी बिना अवकाश लिए चौथे लगातार दिन जिलाधिकारी ने टेलीफोनिक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान जिले की पांच विधानसभाओं से कुल 23 मतदाताओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पहचान रिपोर्ट यानी एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि को चार दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसआईआर प्रक्रिया में मिली राहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने

ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। गुरुवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक विस्तृत पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया न केवल अव्यवस्थित और अनियोजित है, बल्कि नागरिकों और अधिकारियों दोनों को अत्यधिक जोखिम में डाल रही है। बनर्जी का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाना आवश्यक हो गया है।

ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। गुरुवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक विस्तृत पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया न केवल अव्यवस्थित और अनियोजित है, बल्कि नागरिकों और अधिकारियों दोनों को अत्यधिक जोखिम में डाल रही है। बनर्जी का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाना आवश्यक हो गया है।

चुनाव आयोग की चेतावनी: एसआईआर प्रक्रिया में चूक पर नहीं बख्शे जाएंगे अधिकारी कोलकाता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक आधार का मूल दस्तावेज है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कोलकाता में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसआईआर की प्रगति, उसकी

चुनाव आयोग की चेतावनी: एसआईआर प्रक्रिया में चूक पर नहीं बख्शे जाएंगे अधिकारी कोलकाता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक आधार का मूल दस्तावेज है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कोलकाता में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसआईआर की प्रगति, उसकी