
साल के अंत में आयकर विभाग की तरफ से भेजे गए ईमेल और एसएमएस ने करदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने अपने संदेशों में कई करदाताओं को उनके आयकर रिटर्न में दावा की गई कटौतियों और छूट में बेमेल होने की जानकारी दी है। इस कदम से न केवल रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक गई है बल्कि रिफंड भी अटक गए हैं। करदाताओं के दो प्रमुख वर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं। पहला वर्ग उन वेतनभोगी लोगों का है जिनके दावे फॉर्म 16 में नहीं दिख रहे हैं। दूसरा वर्ग उन संपन्न व्यक्तियों का है जिन्होंने धर्मार्थ संस्थाओं

साल के अंत में आयकर विभाग की तरफ से भेजे गए ईमेल और एसएमएस ने करदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने अपने संदेशों में कई करदाताओं को उनके आयकर रिटर्न में दावा की गई कटौतियों और छूट में बेमेल होने की जानकारी दी है। इस कदम से न केवल रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक गई है बल्कि रिफंड भी अटक गए हैं। करदाताओं के दो प्रमुख वर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं। पहला वर्ग उन वेतनभोगी लोगों का है जिनके दावे फॉर्म 16 में नहीं दिख रहे हैं। दूसरा वर्ग उन संपन्न व्यक्तियों का है जिन्होंने धर्मार्थ संस्थाओं

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2