साल के अंत में आयकर विभाग की तरफ से भेजे गए ईमेल और एसएमएस ने करदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने अपने संदेशों में कई करदाताओं को उनके आयकर रिटर्न में दावा की गई कटौतियों और छूट में बेमेल होने की जानकारी दी है। इस कदम से न केवल रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक गई है बल्कि रिफंड भी अटक गए हैं। करदाताओं के दो प्रमुख वर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं। पहला वर्ग उन वेतनभोगी लोगों का है जिनके दावे फॉर्म 16 में नहीं दिख रहे हैं। दूसरा वर्ग उन संपन्न व्यक्तियों का है जिन्होंने धर्मार्थ संस्थाओं