
बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया है। लेकिन इस बंगले को लेकर अब नई बहस शुरू हो गई है। नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान को जब यह बंगला आवंटित हुआ तो उन्होंने आरोप लगाया कि बंगले से कई जरूरी सामान गायब हैं। इस मामले ने बिहार की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है। पटना के 26 एम स्टैंड रोड पर स्थित इस सरकारी आवास को लेकर उठे सवाल

बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया है। लेकिन इस बंगले को लेकर अब नई बहस शुरू हो गई है। नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान को जब यह बंगला आवंटित हुआ तो उन्होंने आरोप लगाया कि बंगले से कई जरूरी सामान गायब हैं। इस मामले ने बिहार की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है। पटना के 26 एम स्टैंड रोड पर स्थित इस सरकारी आवास को लेकर उठे सवाल

Dahi Chura Bhoj Bihar: मकर संक्रांति का पर्व बिहार की राजनीति में केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि वर्षों से सामाजिक और सियासी संवाद का माध्यम रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। यह आयोजन सिर्फ खान-पान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए परिवार, पार्टी और राजनीति के रिश्तों को लेकर कई संदेश भी सामने आए। तेजप्रताप यादव के इस भोज की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और उनके पिता लालू प्रसाद यादव पहुंचे। बीते

Dahi Chura Bhoj Bihar: मकर संक्रांति का पर्व बिहार की राजनीति में केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि वर्षों से सामाजिक और सियासी संवाद का माध्यम रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। यह आयोजन सिर्फ खान-पान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए परिवार, पार्टी और राजनीति के रिश्तों को लेकर कई संदेश भी सामने आए। तेजप्रताप यादव के इस भोज की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और उनके पिता लालू प्रसाद यादव पहुंचे। बीते

तेज प्रताप यादव की नई राजनीतिक चुनौती बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक हलचल तेज प्रताप यादव के कदमों से बढ़ रही है। RJD से बाहर निकलने के बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल नामक नई पार्टी बनाई और अब खुद महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह कदम उनके परिवार और RJD के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है। 21 उम्मीदवारों की घोषणा जनशक्ति जनता दल ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए पहली बार 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इन उम्मीदवारों में विभिन्न जिलों के नामी और स्थानीय नेताओं को टिकट दिया गया

तेज प्रताप यादव की नई राजनीतिक चुनौती बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक हलचल तेज प्रताप यादव के कदमों से बढ़ रही है। RJD से बाहर निकलने के बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल नामक नई पार्टी बनाई और अब खुद महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह कदम उनके परिवार और RJD के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है। 21 उम्मीदवारों की घोषणा जनशक्ति जनता दल ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए पहली बार 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इन उम्मीदवारों में विभिन्न जिलों के नामी और स्थानीय नेताओं को टिकट दिया गया