
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को साफ और सही बनाने के लिए चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अब अपने अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। इस अभियान के तहत राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव ने आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक दलों का भी ध्यान खींचा है। इस अभियान का मकसद यह था कि मतदाता सूची में ऐसे नाम न रहें, जो अब सही नहीं हैं। इसमें उन लोगों के नाम हटाए

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को साफ और सही बनाने के लिए चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अब अपने अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। इस अभियान के तहत राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव ने आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक दलों का भी ध्यान खींचा है। इस अभियान का मकसद यह था कि मतदाता सूची में ऐसे नाम न रहें, जो अब सही नहीं हैं। इसमें उन लोगों के नाम हटाए

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन संशोधन के बाद प्रदेश की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ी बात यह है कि कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ से अधिक नामों को हटा दिया गया है। यह खबर राज्य की राजनीति में हलचल मचा सकती है क्योंकि आने वाले चुनावों में यह सूची अहम भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मामले में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिन नामों

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन संशोधन के बाद प्रदेश की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ी बात यह है कि कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ से अधिक नामों को हटा दिया गया है। यह खबर राज्य की राजनीति में हलचल मचा सकती है क्योंकि आने वाले चुनावों में यह सूची अहम भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मामले में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिन नामों

यूपी समेत छह राज्यों में चुनाव आयोग की दया: SIR की समयसीमा में मिला नया जीवन देश भर के लाखों मतदाताओं के लिए गुरुवार को एक खुशखबरी आई है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने उन सभी लोगों की सुनी है जो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं लेकिन अब तक समय की कमी के कारण परेशान थे। आयोग ने यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। यह निर्णय उन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की सीधी मांग के बाद

यूपी समेत छह राज्यों में चुनाव आयोग की दया: SIR की समयसीमा में मिला नया जीवन देश भर के लाखों मतदाताओं के लिए गुरुवार को एक खुशखबरी आई है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने उन सभी लोगों की सुनी है जो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं लेकिन अब तक समय की कमी के कारण परेशान थे। आयोग ने यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। यह निर्णय उन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की सीधी मांग के बाद

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है। 7 फरवरी 2026 तक चलने वाली इस प्रक्रिया में वोटर लिस्ट से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। 1900 से अधिक बीएलओ द्वारा 21 लाख से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन भरे हुए फॉर्म एकत्र करने की गति धीमी होने के कारण जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कार्यक्रम 4 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुआ था और विभिन्न चरणों में 7 फरवरी 2026 तक

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है। 7 फरवरी 2026 तक चलने वाली इस प्रक्रिया में वोटर लिस्ट से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। 1900 से अधिक बीएलओ द्वारा 21 लाख से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन भरे हुए फॉर्म एकत्र करने की गति धीमी होने के कारण जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कार्यक्रम 4 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुआ था और विभिन्न चरणों में 7 फरवरी 2026 तक

एसआईआर में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान लगातार सामने आ रही लापरवाहियों को देखते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाना शुरू कर दिया है। मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने के इस महत्वपूर्ण कार्य में कोताही बरतने वाले कुल सात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया है। ये कार्रवाई दो जिलों—बहराइच और रामपुर—में अलग-अलग स्तर पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव संबंधी इस अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामपुर जिले में पांच

एसआईआर में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान लगातार सामने आ रही लापरवाहियों को देखते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाना शुरू कर दिया है। मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने के इस महत्वपूर्ण कार्य में कोताही बरतने वाले कुल सात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया है। ये कार्रवाई दो जिलों—बहराइच और रामपुर—में अलग-अलग स्तर पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव संबंधी इस अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामपुर जिले में पांच

गोरखपुर में शुरू हुआ मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान गोरखपुर जिले में मंगलवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की शुरुआत हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह अभियान पूरे जनपद में चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है — मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और पूर्णतः त्रुटिरहित बनाना, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए। बीएलओ घर-घर पहुंच रहे हैं गणना प्रपत्र लेकर अभियान के पहले दिन शहर और पिपराइच विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) मतदाताओं के घर-घर पहुंचे।

गोरखपुर में शुरू हुआ मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान गोरखपुर जिले में मंगलवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की शुरुआत हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह अभियान पूरे जनपद में चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है — मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और पूर्णतः त्रुटिरहित बनाना, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए। बीएलओ घर-घर पहुंच रहे हैं गणना प्रपत्र लेकर अभियान के पहले दिन शहर और पिपराइच विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) मतदाताओं के घर-घर पहुंचे।