
FASTag: अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं और आज भी टोल प्लाजा पर जेब से नकद पैसे निकालने के आदी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने देशभर के टोल टैक्स सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला कर लिया है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में हाईवे पर कैश का कोई काम नहीं रहेगा। टोल भुगतान सिर्फ FASTag और UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा। यह फैसला केवल भुगतान का तरीका बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए सरकार हाईवे यात्रा को तेज, पारदर्शी और जाम-मुक्त

FASTag: अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं और आज भी टोल प्लाजा पर जेब से नकद पैसे निकालने के आदी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने देशभर के टोल टैक्स सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला कर लिया है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में हाईवे पर कैश का कोई काम नहीं रहेगा। टोल भुगतान सिर्फ FASTag और UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा। यह फैसला केवल भुगतान का तरीका बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए सरकार हाईवे यात्रा को तेज, पारदर्शी और जाम-मुक्त

UPI Transactions: साल 2025 के आखिरी महीने में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अब देश का भरोसा नकदी से ज्यादा तकनीक पर टिक चुका है। दिसंबर 2025 में एकीकृत भुगतान प्रणाली यानी यूपीआई ने लेनदेन के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में यूपीआई के जरिए 21 अरब 63 करोड़ से अधिक लेनदेन किए गए। यह आंकड़ा नवंबर की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। लेनदेन का कुल मूल्य भी बढ़कर लगभग 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया,

UPI Transactions: साल 2025 के आखिरी महीने में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अब देश का भरोसा नकदी से ज्यादा तकनीक पर टिक चुका है। दिसंबर 2025 में एकीकृत भुगतान प्रणाली यानी यूपीआई ने लेनदेन के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में यूपीआई के जरिए 21 अरब 63 करोड़ से अधिक लेनदेन किए गए। यह आंकड़ा नवंबर की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। लेनदेन का कुल मूल्य भी बढ़कर लगभग 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया,

भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति अब यूरोप की धरती पर भी अपने कदम रखने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक पहल की है जो भविष्य में यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाने वाले भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगी। इस पहल के तहत भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई जल्द ही यूरोप के इंस्टैंट पेमेंट सिस्टम टिप्स से जुड़ जाएगा, जिससे सीमा पार लेनदेन बेहद आसान और तेज हो जाएगा। यूपीआई और टिप्स का ऐतिहासिक एकीकरण भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल ने यूरोपीय

भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति अब यूरोप की धरती पर भी अपने कदम रखने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक पहल की है जो भविष्य में यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाने वाले भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगी। इस पहल के तहत भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई जल्द ही यूरोप के इंस्टैंट पेमेंट सिस्टम टिप्स से जुड़ जाएगा, जिससे सीमा पार लेनदेन बेहद आसान और तेज हो जाएगा। यूपीआई और टिप्स का ऐतिहासिक एकीकरण भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल ने यूरोपीय