
एसआईआर में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान लगातार सामने आ रही लापरवाहियों को देखते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाना शुरू कर दिया है। मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने के इस महत्वपूर्ण कार्य में कोताही बरतने वाले कुल सात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया है। ये कार्रवाई दो जिलों—बहराइच और रामपुर—में अलग-अलग स्तर पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव संबंधी इस अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामपुर जिले में पांच

एसआईआर में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान लगातार सामने आ रही लापरवाहियों को देखते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाना शुरू कर दिया है। मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने के इस महत्वपूर्ण कार्य में कोताही बरतने वाले कुल सात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया है। ये कार्रवाई दो जिलों—बहराइच और रामपुर—में अलग-अलग स्तर पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव संबंधी इस अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामपुर जिले में पांच

नेपाल से भारत आई बहुओं के निर्वाचन-पंजीकरण में उलझन पर प्रशासन चुप क्यों भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी का गाढ़ा संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में तो यह परंपरा आज भी उतनी ही सामान्य और सहज है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। ऐसे में नेपाल से विवाह कर भारत आने वाली बहुएं सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर तो भारतीय परिवारों में पूर्ण रूप से सम्मिलित हो जाती हैं, परंतु सरकारी दस्तावेज़ों और विशेष रूप से निर्वाचन-पंजीकरण के मामले में इनके सामने गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं। इन बहुओं की सबसे बड़ी समस्या

नेपाल से भारत आई बहुओं के निर्वाचन-पंजीकरण में उलझन पर प्रशासन चुप क्यों भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी का गाढ़ा संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में तो यह परंपरा आज भी उतनी ही सामान्य और सहज है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। ऐसे में नेपाल से विवाह कर भारत आने वाली बहुएं सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर तो भारतीय परिवारों में पूर्ण रूप से सम्मिलित हो जाती हैं, परंतु सरकारी दस्तावेज़ों और विशेष रूप से निर्वाचन-पंजीकरण के मामले में इनके सामने गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं। इन बहुओं की सबसे बड़ी समस्या