
Central Vista Project: नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को देश के सबसे बड़े सरकारी ढांचागत बदलावों में गिना जा रहा है। संसद भवन से लेकर केंद्रीय सचिवालय तक, राजधानी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। लेकिन इसी बदलाव के बीच एक 100 साल से अधिक पुरानी ‘कदीमी मस्जिद’ के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। कृषि भवन परिसर में स्थित यह मस्जिद अब अनिश्चित भविष्य की ओर देख रही है। हाईकोर्ट में वक्फ बोर्ड की याचिका साल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें कृषि भवन

Central Vista Project: नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को देश के सबसे बड़े सरकारी ढांचागत बदलावों में गिना जा रहा है। संसद भवन से लेकर केंद्रीय सचिवालय तक, राजधानी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। लेकिन इसी बदलाव के बीच एक 100 साल से अधिक पुरानी ‘कदीमी मस्जिद’ के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। कृषि भवन परिसर में स्थित यह मस्जिद अब अनिश्चित भविष्य की ओर देख रही है। हाईकोर्ट में वक्फ बोर्ड की याचिका साल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें कृषि भवन

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के आदेश के अनुसार पश्चिम बंगाल में वक्फ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने का काम शुरू किया गया है। लेकिन राज्य में मौजूद कुल 82 हजार वक्फ संपत्तियों में से अभी तक केवल 24 हजार संपत्तियों की जानकारी ही उम्मीद पोर्टल पर अपलोड की जा सकी है। पश्चिम बंगाल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शहीदुल्लाह मुंशी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह जानकारी देते हुए बताया कि बाकी बची संपत्तियों की जानकारी को ट्रिब्यूनल के माध्यम से दर्ज करने का निर्देश केंद्र के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने दिया

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के आदेश के अनुसार पश्चिम बंगाल में वक्फ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने का काम शुरू किया गया है। लेकिन राज्य में मौजूद कुल 82 हजार वक्फ संपत्तियों में से अभी तक केवल 24 हजार संपत्तियों की जानकारी ही उम्मीद पोर्टल पर अपलोड की जा सकी है। पश्चिम बंगाल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शहीदुल्लाह मुंशी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह जानकारी देते हुए बताया कि बाकी बची संपत्तियों की जानकारी को ट्रिब्यूनल के माध्यम से दर्ज करने का निर्देश केंद्र के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने दिया