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सीजफायर के बीच हमास की बड़ी चूक, लौटाया गया गलत शव; इजरायल ने जताया कड़ा विरोध

सीजफायर के बीच हमास की बड़ी चूक, लौटाया गया गलत शव; इजरायल ने जताया कड़ा विरोध
Hamas Israel Ceasefire: इजरायल ने हमास द्वारा लौटाए गए गलत शव पर जताया विरोध ( File Photo)
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Asfi Shadab
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हमास की बड़ी गलती और इजरायल की प्रतिक्रिया

इजरायली सेना ने बुधवार को घोषणा की कि हमास द्वारा युद्धविराम समझौते के तहत लौटाए गए चार शवों में से एक शव किसी भी बंधक का नहीं था। सेना के अनुसार, रातभर चले फोरेंसिक परीक्षण में पाया गया कि शव किसी भी ज्ञात बंधक से मेल नहीं खाता। इस घोषणा के बाद इजरायल ने हमास को कड़ी चेतावनी दी कि सभी मृत बंधकों को तुरंत लौटाना होगा।

हमास ने अब तक कुल 20 जीवित बंधकों और 8 शवों को लौटाया है, जिनमें 6 इजरायली, 1 नेपाली और 1 अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। इजरायल की मांग है कि सभी मृत बंधकों को समय पर लौटाया जाए।


युद्धविराम की पृष्ठभूमि

यह अदला-बदली अमेरिकी मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने शांति कायम रखने और बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर सहमति जताई थी। गाजा के एक अस्पताल ने भी कहा कि उसे इजरायल की ओर से लौटाए गए 45 फलिस्तीनी शव मिले हैं।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि हमास को युद्धविराम की शर्तों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा, “हम आखिरी मृत बंधक के लौटाए जाने तक चैन से नहीं बैठेंगे।” समझौते के अनुसार सभी जीवित और मृत बंधकों को सोमवार तक लौटाना था। अगर यह संभव नहीं होता, तो हमास को मृत बंधकों की जानकारी साझा करनी और जल्द से जल्द उनका शव लौटाना था।


हमास द्वारा पहले भी लौटाए गए गलत शव

यह पहला मामला नहीं है जब हमास ने गलत शव लौटाया हो। पहले भी एक युद्धविराम के दौरान, हमास ने दावा किया था कि उसने शिरी बिबास और उसके दो बेटों के शव लौटाए हैं। बाद में जांच में यह पाया गया कि उनमें से एक शव फलिस्तीनी महिला का था। शिरी बिबास का शव एक दिन बाद सही रूप में लौटाया गया।

हमास प्रवक्ता हाजेम कासेम ने कहा कि समूह समझौते के अनुसार शव लौटाने पर काम कर रहा है, लेकिन इजरायल ने पूर्वी गाजा सिटी और रफा में गोलीबारी कर युद्धविराम तोड़ा। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बताया कि सेना केवल तय की गई सीमाओं पर ही तैनात है।


लौटाए गए शवों का अंतिम संस्कार

मंगलवार को लौटाए गए चार शवों में से तीन की पहचान उरिएल बारुख, तामिर निमरोडी और एतान लेवी के रूप में हुई। बारुख 7 अक्टूबर 2023 को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान हमास द्वारा अगवा किया गया था, जबकि निमरोडी को एरेज बॉर्डर क्रॉसिंग से उठाया गया। मंगलवार को लौटाए गए दो बंधकों के शवों का बुधवार को तेल अवीव के पास अंतिम संस्कार किया गया। परिवारों ने लोगों से अपील की कि वे रास्ते में खड़े होकर श्रद्धांजलि दें।

पिछले युद्धविराम में भी हजारों इजरायली सड़कों पर उतरकर झंडों के साथ मौन खड़े हुए थे।


अदला-बदली का पहला चरण और वर्तमान स्थिति

सोमवार को इजरायल ने 2,000 फलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को रिहा किया था। दोनों पक्षों में इस कदम को खुशी और राहत के संकेत के रूप में देखा गया। हालांकि, मृत बंधकों के परिवारों ने निराशा जताई कि अब तक केवल 8 शव लौटाए गए हैं।

इजरायल लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि हमास सभी शर्तों का पालन करे और मृत बंधकों की पूरी सूची साझा करे। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि युद्धविराम समझौते के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी भी कायम है।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।