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पाक जेल रिपोर्ट में सामने आई आंख की रोशनी घटने और खराब स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति

पाक जेल रिपोर्ट में सामने आई आंख की रोशनी घटने और खराब स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति
Imran Khan health condition in Adiala Jail: पाक जेल रिपोर्ट में सामने आई आंख की रोशनी घटने और खराब स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति (Image Source: FB/Voice of Imran Khan)

Imran Khan health condition in Adiala Jail: जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई रिपोर्ट में आंख की रोशनी में भारी कमी और इलाज में देरी की बात सामने आई है। लंबे समय तक अलगाव, परिवार और वकीलों से सीमित

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Asfi Shadab
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जेल में इमरान खान की हालत पर उठे गंभीर सवाल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक नई रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत द्वारा नियुक्त एक वकील की रिपोर्ट के अनुसार जेल में बंद इमरान खान की आंख की रोशनी में भारी गिरावट आई है और उनका स्वास्थ्य लगातार खराब होता जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समय पर सही इलाज न मिलने और लंबे समय तक अकेले रखे जाने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है।

रिपोर्ट के सामने आने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में फिर से बहस तेज हो गई है। उनके समर्थकों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की सेहत का नहीं बल्कि मानव अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।

आंख की रोशनी में भारी कमी

रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी कम हो चुकी है। बताया गया है कि उन्हें कई महीनों से आंखों में धुंधलापन और दर्द की शिकायत थी, जिसकी जानकारी उन्होंने जेल अधिकारियों को बार-बार दी थी। लेकिन समय पर जांच और इलाज नहीं होने के कारण समस्या गंभीर होती गई।

जब हालत ज्यादा बिगड़ी तब डॉक्टर को बुलाया गया और जांच में आंख में खून का थक्का मिलने की बात सामने आई। डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। अब उनकी आंख की रोशनी का केवल छोटा हिस्सा ही बचा है।

लंबे समय से अलगाव में रहना

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इमरान खान को लंबे समय से अलग कमरे में रखा गया है। अक्टूबर 2023 से उन्हें लगभग लगातार अकेले ही रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अकेले रहना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर डालता है।

उनके करीबी लोगों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ उन्हें नियमित जांच और इलाज की जरूरत थी, लेकिन यह सुविधा उन्हें पूरी तरह नहीं मिल पाई।

परिवार और वकीलों से मिलने पर रोक

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि उन्हें अपने परिवार और वकीलों से मिलने में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अदालत के आदेश के बावजूद परिवार के सदस्यों से नियमित मुलाकात नहीं हो पा रही थी। हाल ही में कुछ बदलाव के बाद उन्हें पत्नी से सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति मिली है, लेकिन समय बहुत कम बताया जा रहा है।

वकीलों से मुलाकात में भी कई महीनों तक रुकावट रहने की बात सामने आई है। इससे कानूनी प्रक्रिया की तैयारी पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

स्वास्थ्य जांच की कमी पर चिंता

रिपोर्ट में कहा गया है कि उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए इमरान खान को नियमित खून की जांच और अन्य मेडिकल जांच की जरूरत थी, लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं किया गया। दांतों के इलाज जैसी सामान्य चिकित्सा सुविधा भी उन्हें नहीं मिल पाई, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंता और बढ़ गई है।

राजनीतिक माहौल पर असर

इस मामले के सामने आने के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों और मानव अधिकार संगठनों ने जेल में बंद कैदियों के साथ व्यवहार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी कैदी को समय पर इलाज और परिवार से संपर्क की सुविधा मिलनी चाहिए।

दूसरी ओर सरकार से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं कानून के अनुसार चल रही हैं। हालांकि रिपोर्ट के सामने आने के बाद इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

आगे क्या हो सकता है

रिपोर्ट में विशेषज्ञ डॉक्टरों से तुरंत जांच कराने और परिवार व वकीलों से नियमित मुलाकात की अनुमति देने की सिफारिश की गई है। आने वाले दिनों में अदालत इस मामले पर आगे क्या निर्देश देती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। यह मामला केवल एक राजनीतिक नेता की स्थिति नहीं बल्कि जेल व्यवस्था और मानव अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।