“भारतीय संविधान हमारा गौरव है” — नागपुर में समता रैली में गूंजा आंबेडकरी विचारों का संदेश
नागपुर।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के उपलक्ष्य में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (बार्टी) द्वारा शनिवार को सामाजिक न्याय भवन में समता रैली और आंबेडकरी विचारों पर आधारित शाहिरी जलसा का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय मंत्री मा. संजय शिरसाट, विभाग के प्रधान सचिव डॉ. हर्षदीप कांबळे, और बार्टी के महासंचालक सुनील वारे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

संविधान की प्रस्तावना के वाचन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई, जिससे पूरे सभागार में संविधानिक मूल्यों की गूंज सुनाई दी।
बार्टी के महासंचालक सुनील वारे ने प्रास्ताविक वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस सिर्फ एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि यह समानता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों को अपनाने का अवसर है। उन्होंने दीक्षाभूमि पर आयोजित पुस्तकों की प्रदर्शनी और अनुयायियों के लिए भोजन एवं निवास की विशेष व्यवस्था की जानकारी दी।
“शिक्षित बनो और संगठित हो” का आह्वान
विभाग के प्रधान सचिव डॉ. हर्षदीप कांबळे ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के प्रसिद्ध उपदेश — “शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो” — को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताया था। आज उनकी यह सीख पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
सांसद श्यामकुमार बर्वे ने कहा कि संविधान ने हमें जो अधिकार दिए हैं, उनका सम्मान तभी होगा जब हम सब एकजुट होकर समता और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करेंगे।

मंत्री संजय शिरसाट बोले — “संविधान ने हमें समान अवसर दिया”
मुख्य अतिथि और सामाजिक न्याय मंत्री मा. संजय शिरसाट ने अध्यक्षीय भाषण में कहा —
“आज संविधान की बदौलत हम समाज में समान स्थान पर पहुँचे हैं। मुझे गर्व है कि हमारे संविधान ने मुझे मंत्री बनने का अवसर दिया। भारतीय संविधान वास्तव में हमारा गौरव है।”
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर के विचार सिर्फ संविधान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक समरसता, समान अवसर और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं।
शाहिरी जलसा में गूंजे आंबेडकरी गीत
कार्यक्रम के अंत में आंबेडकरी विचारों पर आधारित शाहिरी जलसा आयोजित हुआ, जिसमें कलाकारों ने गीतों और कविताओं के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और समाज सुधार के संदेश को प्रस्तुत किया। उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इन प्रस्तुतियों का स्वागत किया।

एकता और समता का संदेश
बार्टी द्वारा आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य समाज में समता, समान अधिकार और सामाजिक न्याय की भावना को सशक्त करना था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने यह संकल्प लिया कि बाबा साहेब के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया जाएगा और संविधान के आदर्शों को जन-जन में जीवित रखा जाएगा।