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पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की भारत पर विवादित टिप्पणी: ऑपरेशन सिंदूर के बाद नई गीदड़भभकी

Pakistan Defense Minister Asif Khawaja: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ ने भारत पर विवादित टिप्पणी की; ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
Pakistan Defense Minister Asif Khawaja: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ ने भारत पर विवादित टिप्पणी की; ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ (Photo: Wiki)
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पाक रक्षा मंत्री का विवादित बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में भारत को लेकर एक बेहद विवादित और भड़काऊ टिप्पणी की है। उन्होंने दावा किया कि मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल को छोड़कर, भारत कभी भी पूरी तरह एकजुट नहीं रहा। इसके साथ ही ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना हमेशा बनी रहती है और वे इस बात से इनकार नहीं करते। उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों में नई चिंगारी पैदा कर दी है।


साक्षात्कार में आए भड़काऊ बयान

ख्वाजा आसिफ ने यह टिप्पणी पाकिस्तानी चैनल समा टीवी को दिए गए एक साक्षात्कार में की। उन्होंने अपने बयान में कहा, “इतिहास में औरंगजेब के शासनकाल को छोड़कर, भारत कभी भी एक एकीकृत राष्ट्र नहीं रहा। पाकिस्तान अल्लाह के नाम पर बना था। घर में हम बहस करते हैं और प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन भारत के साथ लड़ाई में हम एकजुट हो जाते हैं। अगर युद्ध की नौबत आई, तो इंशाअल्लाह हम पहले से बेहतर परिणाम हासिल करेंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के पीछे पाकिस्तान की मानसिक असुरक्षा और ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव साफ दिखता है। दरअसल, भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए सटीक हवाई हमलों ने पाकिस्तान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे को नुकसान पहुँचाया था। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को बार-बार यह एहसास दिलाया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए पूरी तरह तैयार है।


ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की बेचैनी

विश्लेषकों का कहना है कि ख्वाजा आसिफ के बयान में जो घबराहट झलक रही है, उसका मुख्य कारण ऑपरेशन सिंदूर है। मई 2025 में हुए इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की सैन्य ठिकानों और जेट्स को निशाना बनाया था। इसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान पर दबाव पड़ा और तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों को दो-तरफा बातचीत करनी पड़ी।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की सटीक कार्रवाई और संयम ने पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से असुरक्षित कर दिया। इसीलिए ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में युद्ध की संभावना का जिक्र करते हुए खुद को मौके पर तैयार दिखाने का प्रयास किया।


भारत की चेतावनी और तैयारी

इससे पहले पिछले ही हफ्ते भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “या तो आतंकवाद का समर्थन करना बंद करो या अपनी भौगोलिक उपस्थिति खोने के लिए तैयार रहो। इस बार भारत पूरी तरह तैयार है। हम ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के दौरान दिखाए गए संयम का प्रदर्शन नहीं करेंगे। इस बार कार्रवाई ऐसी होगी कि पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि क्या वह भौगोलिक रूप से अस्तित्व में रहना चाहता है।”

इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि भारत किसी भी तरह की भड़काऊ टिप्पणी या धमकी से प्रभावित नहीं होता और अपने राष्ट्रीय हित और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।


विश्लेषकों की राय और सबक

विश्लेषकों का कहना है कि ख्वाजा आसिफ के बयान में पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक अस्थिरता साफ झलकती है। पाकिस्तान कई दशकों में कई बार आंतरिक संकट और सैन्य तख्तापलट का सामना कर चुका है, जबकि भारत एक स्थिर और एकीकृत लोकतंत्र के रूप में मजबूत खड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाक सीमा पर उत्पन्न तनाव और पाकिस्तान के भड़काऊ बयानों का समाधान केवल सटीक सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने राष्ट्रीय हित और संप्रभुता की रक्षा में हमेशा तत्पर रहेगा।

ख्वाजा आसिफ का बयान यह दर्शाता है कि पाकिस्तान भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक तैयारी को लेकर चिंतित है। जबकि उनका दावा और बयान विवादस्पद है, भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि किसी भी परिस्थिति में वह सटीक और संयमित कार्रवाई कर सकता है।

ऑपरेशन सिंदूर और ख्वाजा आसिफ के बयान ने यह स्पष्ट किया कि सशक्त राष्ट्रीय नीति, रणनीतिक सैन्य कार्रवाई और संयमित कूटनीति ही किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट का वास्तविक समाधान है।


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Aryan Ambastha

Writer & Thinker | Finance & Emerging Tech Enthusiast | Politics & News Analyst | Content Creator. Nalanda University Graduate with a passion for exploring the intersections of technology, finance, Politics and society. | Email: aryan.ambastha@rashtrabharat.com