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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में युवक व महिला सहयोगी गिरफ्तार, नौकरी के झांसे में हुआ शर्मनाक अपराध

Minor Rape Case Hajipur Bihar
Minor Rape Case Hajipur Bihar – हाजीपुर में नाबालिग से दुष्कर्म, युवक और महिला सहयोगी गिरफ्तार
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घटना का खुलासा: विश्वास के नाम पर विश्वासघात

हाजीपुर (बिहार) में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने समाज की संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक नाबालिग लड़की को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस कृत्य में न केवल एक युवक बल्कि उसकी महिला सहयोगी भी शामिल बताई जा रही है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे स्थानीय नागरिकों में न्याय की उम्मीद जागी है।

नौकरी का लालच बना अपराध का साधन

जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक साधारण परिवार की बेटी है जो रोजगार की तलाश में थी। आरोपी युवक ने इसी बात का लाभ उठाया और उसे नौकरी का आश्वासन देकर अपने जाल में फंसा लिया। उसने पीड़िता को विश्वास दिलाया कि उसे एक प्रतिष्ठित स्थान पर काम दिलाया जाएगा। मगर नौकरी दिलाने के बहाने वह उसे मोटरसाइकिल पर बिठाकर शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक कमरे में ले गया, जहाँ उसकी महिला सहयोगी पहले से मौजूद थी।

महिला सहयोगी ने निभाई भयावह भूमिका

यह तथ्य और भी भयावह तब हो जाता है जब यह सामने आया कि एक महिला ने भी इस जघन्य अपराध में सहायता की। सामाजिक दृष्टि से जहाँ महिला को सुरक्षा और संवेदना का प्रतीक माना जाता है, वहीं ऐसी घटनाएँ समाज की नैतिकता पर प्रश्नचिह्न लगा देती हैं। महिला ने पीड़िता को झूठे विश्वास में रखा और आरोपी युवक को अपराध करने में मदद की।

घटना के बाद मची सनसनी

दुष्कर्म की यह घटना सामने आते ही हाजीपुर शहर में हड़कंप मच गया। पीड़िता के पिता ने साहस दिखाते हुए नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को उनके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की तत्पर कार्रवाई और बरामदगी

हाजीपुर पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि उनके पास से एक बुलेट मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिससे अपराध से जुड़े कई साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के पश्चात उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच

पुलिस ने मामले को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज किया है, क्योंकि पीड़िता नाबालिग है। यह कानून बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों में कठोर सज़ा का प्रावधान करता है। जांच दल अब इस बात की तहकीकात कर रहा है कि क्या इस गिरोह के और भी सदस्य हैं जो बेरोजगार युवतियों को झांसे में लेकर अपराध का हिस्सा बनाते हैं।

सामाजिक दृष्टिकोण: जागरूकता की ज़रूरत

ऐसी घटनाएँ समाज के लिए चेतावनी हैं। आज के डिजिटल और सामाजिक युग में युवतियों को अपने आसपास के लोगों पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। नौकरी, विवाह या सहायता के नाम पर छल करने वाले अपराधियों से सतर्क रहना आवश्यक है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन को भी इस दिशा में अभियान चलाने की ज़रूरत है ताकि किसी अन्य नाबालिग के साथ ऐसी अमानवीय घटना न हो।

प्रशासनिक सख़्ती ही रोकथाम का उपाय

हाजीपुर पुलिस की तत्परता प्रशंसनीय है, लेकिन यह घटना इस बात का संकेत भी देती है कि अपराधी मानसिकता के लोग सामाजिक विश्वास को हथियार बनाकर कमजोर वर्गों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर सख्त निगरानी, जागरूकता और शीघ्र न्याय भी आवश्यक है।


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Aakash Srivastava

Writer & Editor at RashtraBharat.com | Political Analyst | Exploring Sports & Business. Patna University Graduate.