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धनतेरस 2025 पर सोना या चांदी? जानिए कौन-सा निवेश रहेगा अधिक लाभदायक इस शुभ पर्व पर

Gold Investment Dhanteras 2025: धनतेरस पर सोना या चांदी में निवेश क्या रहेगा सबसे फायदेमंद
Gold Investment Dhanteras 2025: धनतेरस पर सोना या चांदी में निवेश क्या रहेगा सबसे फायदेमंद
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धनतेरस 2025: निवेश का शुभ पर्व – सोना या चांदी, कौन देगा ज्यादा रिटर्न?

धनतेरस भारत में न केवल धार्मिक रूप से शुभ पर्व माना जाता है, बल्कि यह निवेश और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक भी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी करोड़ों लोग 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस मनाएंगे और इस दिन सोना, चांदी या अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी करेंगे।
लेकिन हर निवेशक के मन में यह सवाल उठता है — इस बार सोना खरीदें या चांदी? कौन-सा निवेश आने वाले समय में ज्यादा लाभ देगा?


धनतेरस पर निवेश का धार्मिक और आर्थिक महत्व

हिंदू धर्म के अनुसार, धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। यह दिन धन और समृद्धि का प्रतीक है, और इसी कारण इस दिन धन या कीमती धातुओं की खरीदारी को अत्यंत शुभ माना जाता है।
आर्थिक दृष्टि से भी, यह पर्व निवेश की शुरुआत के लिए आदर्श समय माना जाता है, क्योंकि वर्ष के अंत में सोना और चांदी की मांग बढ़ने से कीमतों में स्थिरता या वृद्धि की संभावना रहती है।


सोने में निवेश: परंपरा से लेकर आधुनिक विकल्प तक

1. पारंपरिक सोना (गहने और सिक्के)

धनतेरस पर गहने या सोने के सिक्के खरीदना प्राचीन परंपरा रही है। यह निवेश न केवल धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है, बल्कि भविष्य में संपत्ति के रूप में भी उपयोगी होता है।
हालांकि, इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स जुड़ जाने से वास्तविक रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।

2. गोल्ड बुलियन

बुलियन का अर्थ है शुद्ध सोना (24 कैरेट) जो बार या ईंट के रूप में खरीदा जाता है। इसे आप लंबे समय के निवेश के रूप में रख सकते हैं, क्योंकि इसकी पवित्रता अधिक और मूल्य स्थिर होता है।

3. डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ

तकनीकी युग में पारंपरिक सोने के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund) तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
गोल्ड ETF आपको स्टॉक मार्केट के जरिए सोने में निवेश करने का अवसर देता है — इसमें भौतिक जोखिम नहीं होता और इसे कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है।
वहीं, डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स (Paytm, PhonePe, Google Pay आदि) के जरिए आप छोटी रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं।

4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश कर आप न केवल सोने की कीमत के बढ़ने का लाभ उठाते हैं, बल्कि 2.5% वार्षिक ब्याज भी प्राप्त करते हैं।
यह निवेश टैक्स बचत और सुरक्षा दोनों प्रदान करता है।


चांदी में निवेश: कम कीमत, अधिक संभावनाएं

1. चांदी के सिक्के और आभूषण

धनतेरस पर चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। यह निवेश धार्मिक दृष्टि से भी मंगलकारी है और इसकी मांग ग्रामीण भारत में काफी अधिक होती है।

2. सिल्वर बार और इंडस्ट्रियल डिमांड

चांदी केवल गहनों तक सीमित नहीं रही है। आज यह सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैटरी उद्योग में बड़े पैमाने पर उपयोग होती है।
इस कारण चांदी की औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे आने वाले वर्षों में इसकी कीमतों में वृद्धि की संभावना अधिक है।

3. सिल्वर ETF और डिजिटल सिल्वर

सोने की तरह अब सिल्वर ETF और डिजिटल सिल्वर भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। इन विकल्पों में भंडारण का झंझट नहीं होता और मार्केट के हिसाब से तुरंत लेन-देन किया जा सकता है।


2025 के लिए निवेश तुलना: सोना बनाम चांदी

निवेश कारक सोना चांदी
मूल्य स्थिरता अधिक मध्यम
दीर्घकालिक रिटर्न स्थिर और विश्वसनीय उच्च लेकिन अस्थिर
भंडारण जोखिम कम (डिजिटल रूप में) कम
औद्योगिक मांग सीमित अधिक
शुरुआती लागत अधिक कम

निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में सोना एक स्थिर निवेश विकल्प रहेगा, जबकि चांदी में तेज़ी की संभावना बनी हुई है क्योंकि वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा उद्योग के विस्तार से इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।


निवेश करते समय ध्यान देने योग्य बातें

  1. हमेशा प्रमाणित ज्वैलर या अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।

  2. गोल्ड या सिल्वर की शुद्धता (BIS hallmark) अवश्य जांचें।

  3. निवेश का उद्देश्य स्पष्ट रखें — सजावट, बचत या दीर्घकालिक निवेश।

  4. डिजिटल विकल्प अपनाते समय सुरक्षित और RBI-मान्यता प्राप्त माध्यम का चयन करें।

  5. चांदी में निवेश करते समय कम अवधि की अस्थिरता को ध्यान में रखें।


2025 में संतुलित निवेश ही सबसे समझदारी

धनतेरस का पर्व धन, आरोग्य और स्थिरता का प्रतीक है। यदि आप सुरक्षित और दीर्घकालिक लाभ चाहते हैं, तो सोना सबसे भरोसेमंद विकल्प है।
वहीं, यदि आप जोखिम लेकर अधिक रिटर्न की उम्मीद रखते हैं, तो चांदी एक उभरता हुआ निवेश विकल्प साबित हो सकता है।
सबसे उचित तरीका है — दोनों धातुओं में संतुलित निवेश करना, ताकि परंपरा भी निभे और भविष्य भी सुरक्षित रहे।


डिस्क्लेमर:
यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह, वित्तीय सलाह या व्यापारिक निर्णय के लिए नहीं है। चांदी की कीमतें बाजार में लगातार बदलती रहती हैं और यहां दी गई जानकारी वर्तमान समय की कीमतों पर आधारित हो सकती है। निवेश करने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


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Aryan Ambastha

राष्ट्रभारत डॉट कॉम में लेखक एवं विचारक | वित्त और उभरती तकनीकों में गहरी रुचि | राजनीति एवं समसामयिक मुद्दों के विश्लेषक | कंटेंट क्रिएटर | नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रौद्योगिकी, वित्त, राजनीति और समाज के आपसी संबंधों को समझने और व्याख्या करने का विशेष कौशल रखते हैं। जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित और संतुलित दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुँचाना इनकी पहचान है। संपर्क: aryan.ambastha@rashtrabharat.com